UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. भारत-चीन संबंधों पर हाल ही में जारी विलमिंगटन घोषणा के निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिये। परिणामी जटिलताओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारत कौन सी रणनीति अपना सकता है? (10अंक, 150 शब्द)

October 14, 2024

GS Paper II

प्रश्न की मुख्य माँग

  • हाल ही में जारी विलमिंग्टन घोषणापत्र के भारत-चीन संबंधों पर प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए।
  • विलमिंगटन घोषणा से उत्पन्न जटिलताओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारत द्वारा अपनाई जा सकने वाली रणनीतियों पर चर्चा कीजिए।

उत्तर 

वर्ष 2024 में क्वाड लीडर्स समिट के एक भाग के रूप में विलमिंगटन घोषणापत्र में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग पर जोर दिया गया ताकि एक स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा सके, जिससे बढ़ते क्षेत्रीय तनावों, विशेषकर चीन के साथ बढ़ते  तनाव का मुकाबला किया जा सके। समुद्री सुरक्षा, महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचे पर क्वाड की पहल सीधे भारत-चीन संबंधों को प्रभावित करती है, क्योंकि चीन इन सहयोगों को रणनीतिक कार्यवाही के रूप में देखता है।

Enroll now for UPSC Online Course

भारत-चीन संबंधों पर विलमिंग्टन घोषणा के निहितार्थ

  • भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर क्वाड का ध्यान प्रत्यक्ष तौर पर चीन के अपने प्रभाव का विस्तार करने के प्रयासों का विरोध करता है, जिससे भारत-चीन संबंधों में और गिरावट आती है। 
    • उदाहरण के लिए: चीन क्वाड मैरीटाइम लीगल डायलॉग को दक्षिण चीन सागर में अपनी कार्रवाइयों को चुनौती देने के प्रयास के रूप में देखता है।
  • अमेरिका-भारत साझेदारी का मजबूत होना: क्वाड फ्रेमवर्क में अमेरिका के साथ भारत की गहन भागीदारी चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर सीमा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में। 
    • उदाहरण के लिए: मालाबार जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास अमेरिका-भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग का संकेत देते हैं, जिससे चीन के साथ तनाव बढ़ता है।
  • क्षेत्रीय प्रभाव एवं प्रतिद्वंद्विता: विलमिंगटन घोषणापत्र में भविष्य के बंदरगाहों जैसी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर जोर दिया गया है, जो चीन की बेल्ट एँड रोड पहल (BRI) के साथ प्रतिस्पर्द्धा करता है, जिससे दक्षिण एशिया में प्रतिद्वंद्विता और भी बढ़ जाती है।
    • उदाहरण के लिए: क्षेत्रीय परियोजनाओं में भारत की भागीदारी श्रीलंका एवं मालदीव में चीन के प्रभाव का मुकाबला करती है।
  • सैन्य आधुनिकीकरण: भारत का समुद्री सुरक्षा पर बढ़ता ध्यान, जैसा कि क्वाड की ‘इंडो-पैसिफिक पार्टनरशिप फॉर मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस’ (IPMDA) में रेखांकित किया गया है, चीन द्वारा उसके प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए सैन्य निर्माण के हिस्से के रूप में देखा जाता है।
  • आर्थिक प्रतिसंतुलन: चीन आर्थिक रूप से जवाबी कार्रवाई कर सकता है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ भारत चीनी आयात पर निर्भर है, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स।
  • चीन के लिए कूटनीतिक अलगाव: नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए क्वाड का समर्थन चीन को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग कर देता है, क्योंकि उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों के लिए आलोचना का सामना करना पड़ता है।
    • उदाहरण के लिए: विलमिंगटन घोषणापत्र ने क्षेत्र में अवैध मिसाइल प्रक्षेपणों की निंदा की, जिसने अप्रत्यक्ष रूप से चीन की आक्रामक व्यवहार को लक्षित किया।
  • चीन के रणनीतिक लक्ष्यों को कमजोर करना: क्वाड की समुद्री पहल के तहत जापान एवं ऑस्ट्रेलिया के साथ जुड़कर, भारत चीन की क्षेत्रीय रणनीति को कमजोर करने में योगदान दे रहा है, विशेष रूप से दक्षिण चीन सागर में। 
    • उदाहरण के लिए: वर्ष 2025 क्वाड-एट-सी शिप ऑब्जर्वर मिशन क्वाड देशों के बीच अंतर-संचालन को बढ़ाएगा, जो अप्रत्यक्ष रूप से चीनी समुद्री प्रभुत्व को चुनौती देगा।

विलमिंगटन घोषणा की जटिलताओं से निपटने के लिए भारत की रणनीतियाँ

  • सामरिक स्वायत्तता बनाए रखना: भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्वाड में उसकी भागीदारी, क्वाड पहलों में शामिल होने के दौरान व्यापार पर चीन के साथ सहयोग को संतुलित करके, गुटनिरपेक्षता की अपनी दीर्घकालिक नीति से समझौता न करे।
  • क्षेत्रीय सहभागिता को मजबूत करना: भारत को आसियान और प्रशांत द्वीप देशों के साथ सहभागिता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि उसकी हिंद-प्रशांत रणनीति के लिए व्यापक समर्थन आधार सुनिश्चित हो सके।
  • घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना: भारत को घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देकर चीनी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कार्य करना चाहिए, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में। 
    • उदाहरण के लिए: भारत की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं का उद्देश्य चीनी वस्तुओं पर निर्भरता कम करना है|
  • बुनियादी ढाँचे के विकास को बढ़ावा देना: भारत दक्षिण एशिया और हिंद महासागर में क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में निवेश करके चीन के BRI का मुकाबला कर सकता है।
    • उदाहरण के लिए: भविष्य के क्वाड पोर्ट्स जैसी पहल का उद्देश्य भारत के रणनीतिक बंदरगाहों को मजबूत करना है।
  • चीन के साथ कूटनीतिक जुड़ाव: भारत को सीमा विवादों को सुलझाने और अनावश्यक सैन्य वृद्धि से बचने के लिए चीन के साथ कूटनीतिक रूप से जुड़ाव जारी रखना चाहिए। 
    • उदाहरण के लिए: क्वाड गतिविधियों के कारण बढ़े तनाव के बावजूद भारत और चीन के बीच नियमित सीमा वार्ता जारी है।
  • प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए क्वाड का लाभ उठाना: भारत को चीन के साथ टकराव को कम करते हुए अपनी घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए क्वाड की तकनीकी पहलों, जैसे ओपन आरएएन और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
    • उदाहरण के लिए: क्वाड की ‘AI-ENGAGE’ और ‘बायोएक्सप्लोर’ पहल चीन को प्रत्यक्ष तौर पर नाराज किए बिना भारत की तकनीकी उन्नति का समर्थन कर सकती है।
  • बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना: भारत को हिंद-प्रशांत सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय दृष्टिकोण की वकालत करनी चाहिए, तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसे चीन-विरोधी गठबंधन के हिस्से के रूप में न देखा जाए।

Check Out UPSC CSE Books From PW Store

विलमिंगटन घोषणापत्र का भारत-चीन संबंधों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव है, जिससे भू-राजनीतिक और आर्थिक तनाव दोनों बढ़ रहे हैं। इन जटिलताओं से निपटने के लिए, भारत को आर्थिक और तकनीकी लाभों के लिए क्वाड साझेदारी का लाभ उठाते हुए अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को संतुलित करना होगा। क्षेत्रीय सहयोग और बहुपक्षीय कूटनीति को बढ़ावा देकर, भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है।

Evaluate the implications of the recently released Wilmington Declaration on India-China relations. What strategies can India employ to effectively navigate the resulting complexities? in hindi

Explore UPSC Foundation Batches

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.