संदर्भ
AI और लैंगिक सशक्तीकरण पर केसबुक (Casebook) को इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया।
संबंधित तथ्य
- यह समावेशी और नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है।
AI और लैंगिक सशक्तीकरण पर केसबुक के बारे में
- यह ‘ग्लोबल साउथ’ के 23 वास्तविक AI समाधानों का एक सुनियोजित संकलन है, जो लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण पर उल्लेखनीय प्रभाव प्रदर्शित करते हैं।
- प्रस्तुत समाधानों में कई महत्त्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:-
- स्वास्थ्य सेवाएँ, जिनमें मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य भी शामिल है।
- आर्थिक सशक्तीकरण और वित्तीय समावेशन।
- डिजिटल सुरक्षा और प्रौद्योगिकी-प्रेरित लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम।
- जलवायु अनुकूलन और सतत् कृषि।
- न्याय और कानूनी सेवाओं तक पहुँच।
- शिक्षा और कौशल विकास।
- इसे भारत सरकार द्वारा इंडियाAI मिशन के अंतर्गत विकसित किया गया है।
- संस्थागत ढाँचा: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यूएन वुमेन के साथ साझेदारी में इसे विकसित किया है।
- केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) द्वारा समर्थित।
महत्त्व
- नीतिगत समर्थन एवं ज्ञान संसाधन: यह केसबुक नीति निर्माताओं, प्रौद्योगिकी विकासकर्ताओं, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के लिए एक व्यापक ज्ञान संसाधन के रूप में कार्य करती है, जिसमें भारत और ‘ग्लोबल साउथ’ के विभिन्न देशों में महिलाओं तथा लड़कियों की विविध वास्तविकताओं के प्रति नैतिक, समावेशी और संवेदनशील AI प्रणालियों को सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक विकल्पों पर प्रकाश डाला गया है।
- लोकतांत्रिक AI दृष्टिकोण के साथ सामंजस्य: यह प्रकाशन भारत के लोकतांत्रिक AI प्रसार के दृष्टिकोण के अनुरूप है और इंडिया AI मिशन के सात चक्रों (कार्य समूहों) में लैंगिक रूप से संवेदनशील सिद्धांतों को समाहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता का समर्थन करता है।