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हिंदू कुश हिमालयी क्षेत्र में हिमनदों की बदलती गतिशीलता (1990 से 2020): ICIMOD रिपोर्ट

24 Mar 2026

संदर्भ

इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) की हालिया रिपोर्ट, जिसका शीर्षक है “हिंदू कुश हिमालयी क्षेत्र में हिमनदों की बदलती गतिशीलता (1990-2020)”, में इस क्षेत्र के लगभग 63,761 हिमनदों का मानचित्रण किया गया है।

इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) के बारे में

  • यह एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन है, जो हिंदू कुश हिमालयी क्षेत्र में सतत् विकास, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु सहनशीलता पर कार्य करता है।
  • क्षेत्रीय सदस्य देश: अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, म्याँमार, नेपाल और पाकिस्तान।

संबंधित तथ्य

  • ICIMOD की पहली रिपोर्ट, जिसका शीर्षक है “HKH  ग्लेशियर आउटलुक 2026: हिमालयी ग्लेशियर निगरानी के 50 वर्षों से प्राप्त अंतर्दृष्टि”, सितंबर 1974 से दर्ज किए गए 38 मुख्य ग्लेशियरों से प्राप्त 302 वार्षिक अवलोकनों पर आधारित है।

मुख्य निष्कर्ष

  • हिमनदों का मानचित्रण: रिपोर्ट में इस क्षेत्र के 63,761 हिमनदों का मानचित्रण किया गया है, जो लगभग 55,782 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत हैं।
    • ये हिमनद एशिया की कम-से-कम दस प्रमुख नदी प्रणालियों के स्रोत हैं, जो अरबों लोगों की खाद्य, जल, ऊर्जा और आजीविका सुरक्षा का समर्थन करते हैं।
    • ऊँचाई-निर्भर तापवृद्धि: समुद्र तल से 4,500 से 6,000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस ग्लेशियर क्षेत्र का लगभग 78% भाग ऊँचाई-आधारित तापवृद्धि के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
      • ऊँचाई-आधारित तापवृद्धि एक ऐसी घटना है, जिसमें उच्च ऊँचाई पर तापमान निम्न की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ता है।
  • हिमनदों का पिघलना: हिंदू कुश हिमालयी क्षेत्र में हिमनदों के पिघलने की दर वर्ष 2000 के बाद से दोगुनी हो गई है।
    • हाल का दशक अत्यधिक पिघलन की बढ़ती आवृत्ति तथा विनाशकारी बाढ़ और दीर्घकालिक जल असुरक्षा के बढ़ते जोखिमों को दर्शाता है, जो अरबों लोगों के निवास वाले इस क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
  • हिमनदीय आपदाएँ: हाल की आपदाएँ, जैसे वर्ष 2021 की चमोली आपदा, 2023 की साउथ ल्होनाक झील विस्फोट बाढ़ तथा वर्ष 2024 की धराली आपदा, भारत में हिमनद-संबंधी खतरों की बढ़ती आवृत्ति एवं प्रभाव को रेखांकित करती हैं।
  • हिंदू कुश हिमालय में ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर पृथ्वी पर सबसे अधिक बर्फ का भंडार पाया जाता है।
  • हिमनद क्षेत्र का ह्रास: सिंधु बेसिन, जिसमें HKH क्षेत्र के कुल हिमनदों का 41% और कुल हिमनदीय क्षेत्र का 44% हिस्सा है, ने वर्ष 1990 से 2020 के मध्य अपने हिमनद क्षेत्र का 6% खो दिया।
    • गंगा और ब्रह्मपुत्र बेसिन क्रमशः 13% और 20% हिमनदों का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसने 21% और 16% की अधिक तीव्र कमी का अनुभव किया, जबकि यहाँ क्षेत्र के कुछ सबसे बड़े हिमनद स्थित हैं।
  • छोटे हिमनदों के लिए जोखिम: 0.5 वर्ग किलोमीटर से कम क्षेत्र वाले हिमनद अन्य की तुलना में अधिक तेजी से सिकुड़ रहे हैं और क्षेत्र के लगभग तीन-चौथाई हिमनद इस संवेदनशील श्रेणी में आते हैं।
    • प्रभाव: इससे उच्च पर्वतीय समुदायों के लिए स्थानीय जल संकट का तत्काल खतरा उत्पन्न होता है और हिमनद झील विस्फोट (GLOF)  जैसी आपदाओं की तीव्रता बढ़ जाती है।
  • हिमनद निगरानी: इसकी शुरुआत जून 1974 में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा हिमाचल प्रदेश के गारा हिमनद पर की गई थी।
    •  छोटा शिगरी हिमनद का पश्चिमी हिमालय में सबसे लंबा द्रव्यमान संतुलन रिकॉर्ड है।

हिंदू कुश हिमालय (HKH) क्षेत्र के बारे में

  • विस्तृत क्षेत्र: हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र लगभग 3,500 किलोमीटर तक विस्तृत है और आठ देशों—अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, म्याँमार, नेपाल और पाकिस्तान में फैला हुआ है।
    • इस क्षेत्र की 85% पर्वतीय आबादी भोजन, जल, बाढ़ नियंत्रण और सांस्कृतिक पहचान के लिए जैव विविधता पर निर्भर है।
  • जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र: यह पृथ्वी के सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है। विश्व के 36 वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट्स में से 4 इसी क्षेत्र में स्थित हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ वैश्विक 200 इको-क्षेत्रों में से 575 संरक्षित क्षेत्र और 335 महत्त्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र स्थित हैं।
  • तीसरा ध्रुव: इसे ‘तीसरा ध्रुव’ कहा जाता है, क्योंकि इसमें आर्कटिक और अंटार्कटिका के बाहर पृथ्वी पर सबसे अधिक बर्फ का भंडार है।
  • एशिया का जल स्तंभ: हिंदू कुश हिमालय 12 एशियाई नदी प्रणालियों का स्रोत है और इसे ‘एशिया का जल स्तंभ’ कहा जाता है। यह विश्व की एक-तिहाई आबादी को स्वच्छ जल जैसी आवश्यक पारिस्थितिकी सेवाएँ प्रदान करता है।
    • सिर दरिया (Syr Darya) और अमू दरिया (Amu Darya) — अरल सागर की ओर
    • तारिम (Tarim) — तकलामकान मरुस्थल की ओर
    • सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र — अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की ओर
    • पीली नदी (Yellow River) — बोहाई की खाड़ी की ओर
    • यांग्त्जी (Yangtze) — पूर्वी चीन सागर की ओर
    • मेकांग (Mekong) — दक्षिण चीन सागर की ओर
    • चिंदविन, सालवीन और ईरावदी — अंडमान सागर की ओर।
  • भारत में हिंदू कुश हिमालय: भारत में हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में 11 पर्वतीय राज्यों- असम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, जम्मू एवं कश्मीर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश का पूरा क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग जिला शामिल है।
हिंदू कुश हिमालयी क्षेत्र में हिमनदों की बदलती गतिशीलता (1990 से 2020): ICIMOD रिपोर्ट

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