संदर्भ
जुलाई 2026 में मनीला में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने स्वतंत्र, मुक्त एवं समवेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र, आसियान की केंद्रीयता तथा बलपूर्वक यथास्थिति में एकतरफा परिवर्तन के विरोध की पुनः पुष्टि की।
हिंद-प्रशांत स्थिरता से संबंधित प्रमुख घटनाक्रम
- क्वाड की प्रतिबद्धता: भारत, अमेरिका, जापान तथा ऑस्ट्रेलिया ने अंतरराष्ट्रीय विधि, संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता पर आधारित स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।
- आसियान की केंद्रीयता: क्वाड ने आसियान की एकता एवं केंद्रीयता तथा आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक (AOIP) के कार्यान्वयन हेतु सहयोग के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया।
- क्षेत्रीय प्राथमिकताएँ: क्वाड ने समुद्री एवं अंतरराष्ट्रीय अपराध संबंधी सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि, महत्त्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों तथा मानवीय सहायता को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया।
आसियान (ASEAN) के बारे में
- दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन (ASEAN) एक क्षेत्रीय संगठन है, जो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के मध्य आर्थिक, राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देता है।
- स्थापना: आसियान की स्थापना वर्ष 1967 में आसियान घोषणा (बैंकॉक घोषणा) के माध्यम से हुई।
- मुख्यालय: इसका सचिवालय जकार्ता (इंडोनेशिया) में स्थित है।
- सदस्य (11): ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्याँमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम तथा तिमोर-लेस्ते (अक्टूबर 2025 में सदस्य बना)।
- भारत और आसियान: भारत आसियान का सदस्य नहीं है, बल्कि संवाद भागीदार है तथा आसियान-भारत शिखर सम्मेलन एवं पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन जैसी व्यवस्थाओं में भाग लेता है।
क्वाड (Quad) के बारे में
- परिचय: क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्वाड) एक अनौपचारिक रणनीतिक मंच है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान तथा ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इसका केंद्रबिंदु स्वतंत्र, मुक्त एवं नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र शामिल है।
- स्थापना एवं विकास: इसकी शुरुआत वर्ष 2004 की हिंद महासागर में सुनामी के बाद मानवीय समन्वय तंत्र के रूप में हुई। वर्ष 2007 में इसे औपचारिक रूप से एक रणनीतिक संवाद के रूप में प्रस्तावित किया गया, वर्ष 2017 में पुनर्जीवित किया गया तथा वर्ष 2021 में इसे नेतृत्व-स्तरीय शिखर सम्मेलनों तक उन्नत किया गया था।
- प्रमुख उद्देश्य: क्वाड नौवहन की स्वतंत्रता, समुद्री सुरक्षा, नियम-आधारित व्यवस्था, रणनीतिक प्रत्यास्थता, आर्थिक सहयोग, महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकी तथा आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देता है।
- प्रमुख पहलें: इसकी प्रमुख पहलों में हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र जागरूकता साझेदारी (IPMDA), महत्त्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, महत्त्वपूर्ण खनिजों एवं लचीली आपूर्ति शृंखलाओं, अवसंरचना एवं संपर्क, स्वास्थ्य सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई तथा मानवीय सहायता के क्षेत्र में सहयोग शामिल है।