सेनेगल के राष्ट्रपति बासिरू दियोमाये फाये ECOWAS के अध्यक्ष निर्वाचित
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हाल ही में सेनेगल के राष्ट्रपति बासिरू फाये को पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय (ECOWAS) का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है।
- उन्होंने सिएरा लियोन के राष्ट्रपति जूलियस माडा बायो का स्थान लिया है।
पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय (ECOWAS) के बारे में
- यह एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी राजनीतिक एवं आर्थिक संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1975 में लागोस संधि के माध्यम से की गई थी।
- मुख्यालय: अबूजा, नाइजीरिया।
- उद्देश्य: पश्चिम अफ्रीकी देशों के मध्य आर्थिक एकीकरण, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा तथा राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना।
- सदस्य: माली, बुर्किना फासो तथा नाइजर के बाहर होने के बाद अब इसके 12 सदस्य देश हैं।
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पिकैक्स माउंटेन

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हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पिकैक्स माउंटेन को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का संभावित लक्ष्य बताया, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव में वृद्धि हुई है।
‘पिकैक्स’ माउंटेन के बारे में
- पिकैक्स माउंटेन, जिसे ‘कूह-ए कोलांग गज ला’ के नाम से भी जाना जाता है, ईरान की एक अत्यधिक सुरक्षित एवं गहराई में निर्मित भूमिगत सुविधा है, जो एक प्रमुख भू-राजनीतिक विवाद का केंद्र बनकर उभरी है।
- अवस्थिति: यह इस्फहान प्रांत में, तेहरान से लगभग 220 किमी. दक्षिण में स्थित है।
- यह सुविधा ईरान के प्रमुख नतांज परमाणु संवर्द्धन परिसर से लगभग 1.5–2 किमी. दक्षिण में स्थित है।
- भौगोलिक स्थिति: यह स्थल जाग्रोस पर्वतमाला में स्थित है तथा ठोस ग्रेनाइट शैल को काटकर गहराई तक खोदा गया है।
- इस पर्वत की चोटी समुद्र तल से लगभग 1,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
- यह सुविधा कथित रूप से 100 मीटर या उससे अधिक गहराई में निर्मित है, जिससे इसे पारंपरिक हमलों के विरुद्ध पर्याप्त सुरक्षा प्राप्त होती है।
- सामरिक महत्त्व
- अत्यधिक सुदृढ़ संरचना: इसकी गहरी भूमिगत स्थिति तथा चारों ओर की चट्टानी परत इसे हवाई हमलों एवं पारंपरिक बंकर-भेदी हथियारों के विरुद्ध अत्यधिक सुरक्षित बनाती है।
- संदिग्ध परमाणु भूमिका: ईरान का दावा है कि इस सुविधा का उपयोग सेंट्रीफ्यूज के संयोजन एवं निर्माण के लिए किया जाएगा, जबकि पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का संदेह है कि इसका उपयोग अघोषित यूरेनियम संवर्द्धन अथवा संवेदनशील परमाणु सामग्री के भंडारण के लिए भी किया जा सकता है।
- IAEA की निगरानी: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को इस सुविधा तक पूर्ण पहुँच प्रदान नहीं की गई है, जिससे पारदर्शिता तथा परमाणु अप्रसार को लेकर चिंताएँ उत्पन्न हुई हैं।
- भू-राजनीतिक विवाद का केंद्र: नतांज परमाणु परिसर के निकट स्थित होने तथा इसके संभावित सामरिक महत्त्व के कारण पिकैक्स माउंटेन अमेरिका-ईरान के बढ़ते टकराव में एक संभावित लक्ष्य बन गया है।
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नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति
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केंद्र सरकार ने वर्ष 1989 बैच के IAS अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग के नए CEO के रूप में नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल कुल दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक रहेगा।
नीति आयोग के बारे में
- भारत को रूपांतरित करने वाला राष्ट्रीय संस्थान (NITI Aayog) भारत का प्रमुख सार्वजनिक नीति थिंक टैंक है, जो आर्थिक विकास, नवाचार तथा सहकारी एवं प्रतिस्पर्द्धी संघवाद को बढ़ावा देता है।
- स्थापना: नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी, 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव के माध्यम से की गई। इसने पूर्ववर्ती योजना आयोग का स्थान लिया तथा केंद्रीकृत योजना व्यवस्था से हटकर अधिक सहभागी नीति-निर्माण दृष्टिकोण को अपनाया।
- संरचना एवं गठन
- अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष होते हैं।
- उपाध्यक्ष: उपाध्यक्ष की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है तथा वे संस्था को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हैं।
- वर्तमान में अशोक कुमार लाहिड़ी नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैं।
- CEO: CEO संस्था के प्रशासन का नेतृत्व करते हैं तथा नीति आयोग के कार्यक्रमों एवं नीतिगत पहलों के क्रियान्वयन की निगरानी करते हैं।
- गवर्निंग काउंसिल: इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री तथा केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं, जो केंद्र-राज्य सहयोग के लिए मंच प्रदान करते हैं।
- अन्य सदस्य: संस्था में पूर्णकालिक सदस्य, अंशकालिक सदस्य तथा पदेन केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं।
- CEO की नियुक्ति एवं कार्यकाल
- नियुक्ति: नीति आयोग के CEO की नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा की जाती है तथा उन्हें भारत सरकार के सचिव के समकक्ष दर्जा प्राप्त होता है।
- मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) भारत सरकार की सर्वोच्च कार्यकारी समिति है, जो केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा नियामक संस्थाओं में उच्च स्तरीय पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति के लिए उत्तरदायी होती है।
- कार्यकाल: CEO सामान्यतः निश्चित कार्यकाल के लिए कार्य करते हैं, जिसे सरकार द्वारा बढ़ाया जा सकता है।
- अनुराग जैन, जो वर्ष 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी तथा पूर्व मध्य प्रदेश मुख्य सचिव रह चुके हैं, को CEO के रूप में दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए नियुक्त किया गया है।
- प्रमुख रिपोर्ट एवं सूचकांक
- SDG इंडिया इंडेक्स: यह सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) से संबंधित विभिन्न संकेतकों के आधार पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है।
- भारत नवाचार सूचकांक: यह राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की नवाचार क्षमता तथा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के आधार पर उनका मूल्यांकन एवं रैंकिंग करता है।
- राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक: यह स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर सहित विभिन्न आयामों के आधार पर गरीबी का मापन करता है।
- समग्र जल प्रबंधन सूचकांक: यह राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में जल संसाधन प्रबंधन एवं संरक्षण का मूल्यांकन करता है।
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पॉलिमर (Polymer) / प्लास्टिक (Plastic) नोट्स
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगभग 15 वर्षों बाद पॉलिमर बैंक नोटों का नया परीक्षण करने जा रहा है। इससे पहले किया गया फील्ड परीक्षण तकनीकी समस्याओं के कारण बंद कर दिया गया था।
पॉलिमर / प्लास्टिक नोट्स के बारे में
- प्लास्टिक या पॉलिमर बैंक नोट ऐसी मुद्रा होती है, जिन्हें पारंपरिक कपास-आधारित कागज के स्थान पर एक टिकाऊ पॉलिमर पदार्थ से बनाया जाता है।
- इन्हें पहली बार वर्ष 1988 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा प्रस्तुत किया गया था। वर्तमान में ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और मलेशिया सहित 50 से अधिक देशों में पॉलिमर नोटों का उपयोग किया जाता है।
- प्लास्टिक नोट्स की प्रमुख विशेषताएँ
- उच्च स्थायित्व: पॉलिमर नोट मूल्यवर्ग और उपयोग के आधार पर पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में लगभग दो से छह गुना अधिक समय तक चल सकते हैं।
- सुरक्षा विशेषताएँ: इनमें उन्नत सुरक्षा विशेषताओं को शामिल किया जा सकता है तथा इन्हें पारंपरिक कागज-आधारित मुद्रा की तुलना में इनकी जालसाजी करना अधिक कठिन माना जाता है।
- पुनर्चक्रण क्षमता: उपयोगी आयु समाप्त होने पर पॉलिमर नोटों एवं उनके उत्पादन अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर विभिन्न उपयोगी प्लास्टिक उत्पाद निर्मित किए जा सकते हैं।
- पर्यावरणीय प्रभाव: इनकी लंबी उपयोग अवधि के कारण प्रतिस्थापन नोटों के निर्माण, परिवहन और विनाश की आवृत्ति कम हो जाती है।
कागजी नोटों के स्थान पर प्लास्टिक नोटों को अपनाने के लाभ
- प्रतिस्थापन में कमी: अधिक स्थायित्व के कारण कम नोटों प्रतिस्थापन करना पड़ता है, जिससे मुद्रा अपशिष्ट में कमी आती है।
- लागत में कमी: यद्यपि पॉलिमर नोटों की प्रारंभिक उत्पादन लागत अधिक होती है, लेकिन इनके लंबे परिसंचरण काल के कारण समय के साथ छपाई, वितरण और प्रतिस्थापन व्यय में कमी आ सकती है।
- पर्यावरणीय लाभ: लंबी मुद्रा अवधि संसाधनों की खपत और अपशिष्ट उत्पादन को कम कर सकती है, जबकि उपयोग के बाद पॉलिमर सामग्री का पुनर्चक्रण किया जा सकता है।
- जालसाजी पर नियंत्रण: पॉलिमर आधार उन्नत सुरक्षा विशेषताओं को अपनाने में सक्षम बनाता है और नकली मुद्रा के प्रसार को कम करने में सहायता कर सकता है।
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समुद्र प्रदक्षिणा

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हाल ही में ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान प्रारंभ हुआ।
अभियान के बारे में
- समुद्र प्रदक्षिणा भारत का पहला त्रि-सेवा सभी-महिला वैश्विक परिक्रमा नौकायन अभियान है, जिसे भारतीय सेना नौकायन पोत (IASV) त्रिवेणी पर भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना की नौ महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किया गया।
- अवधि और दूरी: 314 दिनों में चार महासागरों के पार लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी।
अभियान की वैश्विक परिक्रमा संबंधी उपलब्धियाँ
- वैश्विक परिक्रमा: वैश्विक परिक्रमा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सभी आवश्यकताओं को पूरा किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- देशांतर रेखाओं का पारगमन: सभी देशांतर रेखाओं को पार किया।
- भूमध्य रेखा का पारगमन: भूमध्य रेखा को दो बार पार किया।
- अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा: अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को पार किया।
- तीन महान अंतरीप: सभी तीन प्रतिष्ठित अंतरीपों की परिक्रमा की, जो इस प्रकार हैं- केप लीविन (ऑस्ट्रेलिया), केप हॉर्न (दक्षिण अमेरिका), केप ऑफ गुड होप (दक्षिण अफ्रीका)।
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