संदर्भ
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने संभावित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई के डर के मध्य इजरायल की बहुस्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया है।
इजरायल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली के विभिन्न पहलू
- लंबी दूरी के एरो-2 और एरो-3 इंटरसेप्टर
- ईरानी मिसाइल खतरे से निपटने के लिए डिजाइन किया गया: इन्हें इजरायल द्वारा ईरानी मिसाइल खतरे को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है और इन्हें वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह आने वाले लक्ष्यों को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है।
- उच्च ऊँचाई पर अवरोधन क्षमता: ये इतनी ऊँचाई पर कार्य करते हैं, जिससे किसी भी गैर-पारंपरिक युद्धक सामग्री को सुरक्षित रूप से नष्ट किया जा सके।
- औद्योगिक सहयोग और उत्पादन: सरकारी स्वामित्व वाली इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज इस परियोजना की मुख्य ठेकेदार है, जबकि बोइंग BA.N. अवरोधक यंत्रों के उत्पादन में शामिल है।
- डेविड की स्लिंग प्रणाली (Sling system)
- लक्ष्य सीमा: इसे 100 किमी. से 200 किमी. (62-124 मील) की दूरी से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने के लिए डिजाइन किया गया है।
- निर्माता: इजरायल की सरकारी कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और RTX कॉर्प द्वारा संयुक्त रूप से विकसित और निर्मित।
- अवरोधन: इसे विमानों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों को रोकने के लिए भी डिजाइन किया गया है।
- आयरन डोम वायु रक्षा प्रणाली
- कम दूरी के रॉकेट हमलों का मुकाबला: कम दूरी की मारक क्षमता वाली आयरन डोम मिसाइल का निर्माण गाजा में फिलिस्तीनी इस्लामी आतंकवादी समूह हमास द्वारा दागे गए रॉकेटों को रोकने के लिए किया गया था।
- परिचालन और अमेरिकी समर्थन: अमेरिकी समर्थन से विकसित, यह वर्ष 2011 में परिचालन में आई।
- प्रत्येक इकाई रडार-निर्देशित मिसाइलों को दागकर रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन जैसे कम दूरी के खतरों को हवा में ही नष्ट कर देती है।
- नौसैनिक संस्करण की तैनाती: जहाजों और समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा के लिए आयरन डोम का एक नौसैनिक संस्करण वर्ष 2017 में तैनात किया गया था।
- अवरोधन सीमा का विस्तार: मूल रूप से 4 किमी. से 70 किमी. की दूरी के रॉकेटों से शहरों की रक्षा के लिए डिजाइन की गई, विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी प्रभावी परिचालन सीमा का विस्तार किया गया है।
- आयरन बीम
- विकास एवं परिचालन स्थिति: आयरन बीम एक जमीनी, उच्च-शक्ति वाली लेजर वायु रक्षा प्रणाली है, जिसे इजरायल ने एक दशक से अधिक समय में विकसित किया है और वर्ष 2025 के अंत में इसे पूर्णतः परिचालन में घोषित किया गया था।
- छोटे हवाई खतरों का मुकाबला: इसे ड्रोन और मोर्टार जैसे छोटे हवाई खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।
- लेजर-आधारित अवरोधन तंत्र: आयरन बीम निर्देशित ऊर्जा लेजर का उपयोग करके आने वाले हवाई खतरों को अत्यधिक गर्म करके हवा में ही निष्क्रिय कर देता है।
- लागत-प्रभाविता: इसका संचालन पारंपरिक मिसाइल-आधारित अवरोधन प्रणालियों की तुलना में काफी सस्ता होने की आशा है, क्योंकि यह महँगी अवरोधक मिसाइलों पर निर्भर नहीं करता है।
- अमेरिकी थाड प्रणाली (U.S. THAAD System)
- इजरायल में तैनाती: अक्टूबर 2024 में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायल की बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) प्रणाली को इजरायल में तैनात किया।
- अमेरिकी मिसाइल रक्षा संरचना में भूमिका: थाड (THAAD) अमेरिकी सेना की हवाई सुरक्षा का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।
- अंतिम चरण में अवरोधन क्षमता: इसे उड़ान के अंतिम चरण में छोटी, मध्यम और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- वायु-से-वायु में मार करने वाली रक्षा प्रणाली: इजरायली लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों ने इजरायल की ओर आने वाले ड्रोनों को रोकने और नष्ट करने के लिए वायु-से-वायु में मार करने वाली मिसाइलों का उपयोग किया है।