‘पैक्स सिलिका’ पहल

21 Feb 2026

संदर्भ

भारत ने नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट (2026) के इतर ‘पैक्स सिलिका’ पहल में शामिल हुआ।

संबंधित तथ्य

  • भारत प्रारंभिक शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरकर्ता नहीं था, जिनके कारण अब तक अपुष्ट हैं।
  • प्रथम ‘पैक्स सिलिका’ शिखर सम्मेलन दिसंबर 2025 में वॉशिंगटन, डी.सी. में आयोजित किया गया था।

‘सिलिकॉन स्टैक’ के बारे में

  • “सिलिकॉन स्टैक” से अभिप्राय अर्द्धचालकों और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन और परिनियोजन के लिए आवश्यक संसाधनों, प्रक्रियाओं तथा प्रौद्योगिकियों की संपूर्ण शृंखला से है, जो कच्चे माल से लेकर AI अनुप्रयोगों तक विस्तृत होती है।

पैक्स सिलिका’ पहल के संदर्भ में, इसमें शामिल हैं:

  • महत्त्वपूर्ण खनिज और कच्चा माल– जैसे सिलिकॉन, दुर्लभ मृदा तत्त्व, लीथियम और चिप निर्माण हेतु आवश्यक अन्य धातुएँ।
  • अर्द्धचालक निर्माण – फैब इकाइयों में सिलिकॉन वेफर, एकीकृत परिपथ और चिप्स का उत्पादन।
  • उन्नत AI प्रणालियाँ – हार्डवेयर पर संचालित होने वाले सॉफ्टवेयर, एल्गोरिदम और AI मॉडल।
  • परिनियोजन अवसंरचनाडेटा सेंटर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और वे उपकरण जो चिप्स तथा AI प्रणालियों का उपयोग करते हैं।

‘पैक्स सिलिका’ के बारे में

  • यह विश्वसनीय राष्ट्रों के एक रणनीतिक गठबंधन के रूप में गठित किया गया है, जो “सिलिकॉन स्टैक” की सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध हैं।
  • ‘पैक्स सिलिका’ एक अमेरिका-नेतृत्वित रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य महत्त्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा इनपुट से लेकर उन्नत विनिर्माण, अर्द्धचालक, AI अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स तक एक “सुरक्षित, समृद्ध और नवाचार-प्रेरित सिलिकॉन आपूर्ति शृंखला” का निर्माण करना है।
  • रणनीतिक उद्देश्य
    • आपूर्ति शृंखलाओं को सुव्यवस्थित करना और एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, यह मान्यता देते हुए कि “आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है।”
  • प्रौद्योगिकी फोकस: यह हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, AI मॉडल और डिजिटल अवसंरचना सहित रणनीतिक प्रौद्योगिकी “स्टैक्स” को सुरक्षित करने का प्रयास करता है।
  • सदस्यता: ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम।

भारत के लिए महत्त्व 

  • आपूर्ति शृंखला सुरक्षा: संवेदनशील क्षेत्रों (दूरसंचार, अर्द्धचालक, AI) में चीन पर निर्भरता को कम करता है।
  • प्रौद्योगिकी विकास: निवेश, साझेदारियों और उन्नत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुँच।
  • रणनीतिक स्थिति निर्धारण: भारत विश्वसनीय औद्योगिक आधारों के साथ संरेखित होते हुए वैश्विक प्रौद्योगिकी व्यवस्था के पुनर्संरेखन का हिस्सा बनता है।

“पैक्स सिलिका” शब्द के पीछे का अर्थ

  • “पैक्स सिलिका” शब्द लैटिन शब्दपैक्स’ से व्युत्पन्न है, जिसका अर्थ शांति, स्थिरता और दीर्घकालिक समृद्धि है, जो ‘पैक्स रोमाना’  (Pax Romana) और ‘पैक्स अमेरिकाना’ (Pax Americana) जैसी ऐतिहासिक अवधारणाओं के समान है।
  • “सिलिका” शब्द उस यौगिक को संदर्भित करता है, जिसे परिष्कृत कर सिलिकॉन बनाया जाता है, जो अर्द्धचालक चिप्स में प्रयुक्त एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है और आधुनिक कंप्यूटिंग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शक्ति प्रदान करता है।
  • रणनीतिक प्रतीकात्मकता: ‘’पैक्स सिलिका’’ नाम इस विचार को प्रतिबिंबित करता है कि सिलिकॉन और चिप आपूर्ति शृंखलाओं पर नियंत्रण कृत्रिम बुद्धिमत्ता युग में वैश्विक स्थिरता और शक्ति को आकार देगा।

गठबंधन का औचित्य

  • चीन का संतुलन: ‘पैक्स सिलिका’ को महत्त्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण, दुर्लभ मृदा तत्त्वों और अर्द्धचालक आपूर्ति शृंखलाओं में चीन के प्रभुत्व के प्रत्युत्तर के रूप में अभिकल्पित किया गया है।
  • रणनीतिक संवेदनशीलताओं में कमी: इसका उद्देश्य संकेंद्रित आपूर्ति शृंखलाओं और निर्यात नियंत्रणों से उत्पन्न जोखिमों को सीमित करना है।
  • गठबंधन-आधारित व्यवस्था: यह पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अर्थव्यवस्था में समान विचारधारा वाले देशों के बीच एक विश्वसनीय आर्थिक व्यवस्था को प्रोत्साहित करती है।

संचालन तंत्र

  • क्षेत्रीय आवरण: सहयोग महत्त्वपूर्ण खनिजों, अर्द्धचालक डिजाइन, निर्माण और पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और परिवहन, कंप्यूट अवसंरचना, ऊर्जा ग्रिड और विद्युत उत्पादन तक विस्तृत होगा।
  • निवेश रूपरेखा: यह पहल नए संयुक्त उपक्रमों और रणनीतिक सह-निवेश अवसरों की खोज को सुगम बनाएगी।
  • प्रौद्योगिकी संरक्षण: इसका उद्देश्य संवेदनशील प्रौद्योगिकियों और महत्त्वपूर्ण अवसंरचना को चिंताजनक देशों द्वारा अनुचित पहुँच या नियंत्रण से संरक्षित करना है।
  • साझेदार देशों ने विश्वसनीय प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जिसमें सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रणालियाँ, फाइबर-ऑप्टिक केबल, डेटा सेंटर, आधारभूत मॉडल और अनुप्रयोग शामिल हैं।

सिलिकॉन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आपूर्ति शृंखलाओं के समर्थन हेतु भारत की पहलें

  • भारत का सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन: वर्ष 2021 में प्रारंभ की गई, 10 अरब अमेरिकी डॉलर के ‘इंडिया सेमी कंडक्टर मिशन’ (ISM) का उद्देश्य एक घरेलू सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना और आयात निर्भरता को कम करना है।
  • भारत की AI रणनीति: वर्ष 2024 में प्रारंभ की गई, ₹10,372 करोड़ के बजट वाले इंडियाAI मिशन का उद्देश्य स्वदेशी ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ (LLMs) विकसित करना और घरेलू AI क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।
  • राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM): इसका उद्देश्य उच्च प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण खनिजों में भारत की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है।
  • मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप (MSP): महत्त्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करने हेतु उत्पादन, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण को प्रोत्साहित करने वाली अमेरिकी-नेतृत्वित पहल, ताकि अधिकतम आर्थिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

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