संदर्भ
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियाँ अधिनियम (IEEPA) के अंतर्गत व्यापारिक साझेदारों पर व्यापक शुल्क लगाने का अधिकार नहीं था।
डोनाल्ड ट्रंप ने IEEPA का सहारा क्यों लिया?
- ऐतिहासिक संदर्भ: ट्रंप से पूर्व किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का उपयोग नहीं किया था।
- ट्रंप का औचित्य: 2 अप्रैल, 2025 को जारी मुक्ति दिवस (Liberation Day) कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए निम्नलिखित आधार प्रस्तुत किए:
- विदेशी व्यापार और आर्थिक प्रथाएँ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा रही हैं।
- अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में पारस्परिकता का अभाव है।
- उद्देश्य: IEEPA को कानूनी आधार बनाकर आयात पर व्यापक टैरिफ लगाना, ताकि इसे व्यापार नीति और आर्थिक दबाव के उपकरण के रूप में उपयोग किया जा सके।
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संबंधित तथ्य
- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6–3 के बहुमत से यह निर्णय दिया कि राष्ट्रपति के पास IEEPA के अंतर्गत व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है।
- प्रभाव
- इस निर्णय से स्पष्ट हो गया कि IEEPA का उपयोग व्यापक टैरिफ लगाने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता; इसके लिए कांग्रेस की स्वीकृति आवश्यक है।
- 2 अप्रैल, 2025 को लगाए गए मुक्ति दिवस (Liberation Day) टैरिफ अमान्य हो गए, जिससे वैश्विक व्यापार तथा भारत के निर्यात पर प्रभाव पड़ेगा।
- पहले से वसूले गए टैरिफ की वापसी तथा भविष्य की अमेरिकी व्यापार नीति को लेकर प्रश्न उत्पन्न हुए हैं।
IEEPA के बारे में
- उद्देश्य: यह अधिनियम अमेरिकी राष्ट्रपति को उन असामान्य या असाधारण बाहरी खतरों की स्थिति में कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करता है, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति या अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हों।
- कार्यक्षेत्र: राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के दौरान राष्ट्रपति को संपत्तियों को फ्रीज करने, प्रतिबंध लगाने तथा आयात-निर्यात को नियंत्रित करने जैसे उपाय करने की अनुमति देता है।
- मुख्य विशेषताएँ
- कांग्रेस की अनुमति के बिना कार्यकारी शक्तियों का उपयोग टैरिफ लगाने के लिए नहीं किया जा सकता है।
- इसे वैश्विक आर्थिक या सुरक्षा संबंधी खतरों का त्वरित उत्तर देने हेतु बनाया गया है।
- ऐतिहासिक संदर्भ
- IEEPA को वर्ष 1977 में तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर द्वारा शत्रु व्यापार अधिनियम (Trading with the Enemy Act), 1917 के स्थान पर लागू किया गया था।
- यह उपाय पहले भी, जैसे कि वर्ष 1979 के ईरान बंधक संकट के दौरान संकट को नियंत्रित करने और स्थिति पर अंकुश लगाने के लिए लागू किया जा चुका है।
- 1 सितंबर, 2025 तक IEEPA के अंतर्गत कुल 77 राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किए जा चुके हैं, जिनमें से 46 अभी भी प्रभावी हैं।
IEEPA के विकल्प के रूप में अन्य कानूनी प्रावधान
- धारा 122, व्यापार अधिनियम 1974: यह अधिकतम 15% तक के अस्थायी टैरिफ 150 दिनों की अवधि के लिए लगाने की अनुमति देता है।
- धारा 338, टैरिफ अधिनियम 1930: यह “भेदभावपूर्ण व्यापारिक प्रथाओं” अपनाने वाले देशों से आयात पर अधिकतम 50% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है।
- धारा 232, व्यापार विस्तार अधिनियम 1962: यह राष्ट्रीय सुरक्षा को हानि पहुँचाने वाले आयात पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है।
- उदाहरण: इसका उपयोग पहले से ही स्टील और एल्युमिनियम पर किया जा चुका है।
- धारा 301, व्यापार अधिनियम 1974: यह अमेरिकी व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले अनुचित विदेशी विनियमों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुमति देता है।
क्या IEEPA के अंतर्गत वसूली गई राशि अमेरिका लौटाएगा?
- वर्ष 2025 में IEEPA के अंतर्गत लगाए गए टैरिफ से अमेरिकी संघीय सरकार को अनुमानतः 142 अरब डॉलर की आय प्राप्त हुई (यूएस कस्टम एवं सीमा सुरक्षा के अनुसार)।
- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ लगाने हेतु ट्रंप द्वारा IEEPA के उपयोग को निरस्त कर दिया, किंतु आयातकों को धनवापसी के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया।
- धनवापसी की संभावना
- आयातक भुगतान किए गए टैरिफ की वापसी का दावा कर सकते हैं।
- द बजट लैव एट येल (The Budget Lab at Yale) के अनुसार, राजस्व का एक महत्त्वपूर्ण भाग वापस किया जा सकता है।
- चुनौतियाँ: धन वापसी की प्रक्रिया जटिल होने की संभावना है, जिसमें जटिल सीमा शुल्क प्रक्रियाएँ तथा प्रशासनिक बाधाएँ सम्मिलित होंगी।

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