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Lokesh Pal
June 20, 2026 04:08
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हाल ही में इंस्टिट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (INST), मोहाली के वैज्ञानिकों ने 1,3-बिस (1,3-डाइकार्बॉक्सीप्रोपाइल)-1H-इमिडाजोल-3-इयम क्लोराइड (BDIM) नामक एक नवीन इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है, जो एक्वयस जिंक-आयन बैटरियों (Aqueous Zinc-Ion Batteries—AZIBs) की आयु, सुरक्षा तथा दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करता है।

महत्त्वपूर्ण संभावनाओं के बावजूद, एक्वियस जिंक-आयन बैटरियों (AZIBs) के व्यावसायीकरण में जिंक एनोड पर होने वाले अंतरापृष्ठीय क्षरण के कारण बाधाएँ उत्पन्न होती हैं।

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