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Lokesh Pal
June 23, 2026 03:18
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हाल ही में, तमिलनाडु के पेरियापालयम में झींगा प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने से कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस घटना ने भारत में केमिकल से जुड़ी आपदाओं की तैयारी और औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन में मौजूद कमियों को उजागर किया है।


राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) रासायनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा रासायनिक खतरों के सक्रिय एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए बहु-स्तरीय कानूनी एवं संस्थागत ढाँचे का प्रावधान करता है।
तिरुवल्लूर अमोनिया गैस रिसाव यह स्पष्ट करता है कि औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में दुर्घटना के बाद की प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर सक्रिय एवं निवारक सुरक्षा व्यवस्था अपनाना समय की आवश्यकता है। विशेषकर अंतर्राज्यीय प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कठोर नियामकीय अनुपालन, त्वरित जवाबदेही तथा प्रौद्योगिकी-आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है, ताकि आर्थिक विकास मानव जीवन की कीमत पर न हो।
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