100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

ईएसी-पीएम के शोध-पत्र ने महिला-केंद्रित नकद अंतरण योजनाओं की आवधिक समीक्षा की सिफारिश की

Lokesh Pal July 09, 2026 03:54 8 0

संदर्भ

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के एक शोध-पत्र में महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना तथा ओडिशा की सुभद्रा योजना के विश्लेषण के आधार पर महिला-केंद्रित बिना शर्त नकद अंतरण योजनाओं को जारी रखने तथा उनकी समय-समय पर समीक्षा एवं संशोधन करने की सिफारिश की गई है।

अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष

  • घरेलू व्यय में वृद्धि: अध्ययन में पाया गया कि महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के व्यय में 46% (₹1,349) तथा ओडिशा की सुभद्रा योजना के अंतर्गत 28% (₹1,920) की वृद्धि हुई।
    • व्यय में हुई वृद्धि का अधिकांश भाग स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जीवनशैली संबंधी आवश्यकताओं पर खर्च किया गया, जो कल्याणकारी उपभोग को दर्शाता है।
  • बचत एवं वित्तीय सुरक्षा में सुधार: महाराष्ट्र में लाभार्थियों के माह के अंत में बैंक खाते की शेष राशि में 84% (लगभग ₹6,884) की वृद्धि हुई, जबकि ओडिशा में 45% (लगभग ₹6,887) की वृद्धि दर्ज की गई।
    • अध्ययन में पाया गया कि अधिक आयु की महिलाएँ अपेक्षाकृत अधिक बचत करती हैं, जबकि कम शिक्षित महिलाएँ शिक्षा पर अपेक्षाकृत अधिक व्यय करती हैं, जो परिवारों की प्राथमिकताओं में अंतर को दर्शाता है।
  • परिवार स्तर पर सकारात्मक प्रभाव: इन योजनाओं से परिवार के अन्य सदस्यों की वित्तीय स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
    • ओडिशा: महिलाओं के बैंक खाते की शेष राशि में 10% वृद्धि होने पर उनके परिजनों के व्यय में 1.9% की कमी देखी गई।
    • महाराष्ट्र: महिलाओं के बैंक खाते की अधिक शेष राशि से परिजनों की बचत में 23% वृद्धि तथा व्यय में 49% की कमी दर्ज की गई, जो परिवार की बेहतर वित्तीय सुदृढ़ता को दर्शाता है।
  • डिजिटल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा: अध्ययन में पाया गया कि नकद अंतरण प्राप्त होने के बाद, विशेषकर महाराष्ट्र में, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
    • अध्ययन ने रेखांकित किया कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को डिजिटल भुगतान प्रणालियों के साथ जोड़ने से महिलाओं के वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ किया गया है।

सिफारिशें

  • शोध-पत्र में सिफारिश की गई कि इन योजनाओं को जारी रखा जाए तथा इन्हें “कैश-प्लस (Cash-Plus)” मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, जिसमें नकद अंतरण के साथ निम्नलिखित घटकों को भी जोड़ा जाए
    • डिजिटल साक्षरता
    • कौशल एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम
    • स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ाव
  • शोध-पत्र में यह भी सिफारिश की गई कि मुद्रास्फीति तथा घरेलू व्यय के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए नकद अंतरण की राशि की आवधिक समीक्षा एवं संशोधन किया जाए।

योजनाओं के बारे में

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (महाराष्ट्र) (2024)

  • यह एक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना है, जिसके अंतर्गत 21–65 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह प्रदान किए जाते हैं।
    • इसका उद्देश्य वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना, पोषण, स्वास्थ्य एवं पारिवारिक कल्याण में सुधार करना तथा महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।

सुभद्रा योजना (ओडिशा) (2024)

  • यह एक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना है, जिसके अंतर्गत 21–60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रतिवर्ष ₹10,000 दो समान किस्तों में प्रदान किए जाते हैं।
    • इसका उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करना, वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना तथा घरेलू निर्णय-निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के बारे में

  • स्थापना: वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री को आर्थिक एवं संबंधित नीतिगत विषयों पर सलाह देने हेतु एक स्वतंत्र सलाहकार निकाय के रूप में स्थापित किया गया।
  • प्रकृति: यह एक गैर-संवैधानिक एवं गैर-सांविधिक निकाय है, जो प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्य करता है।
  • कार्य: स्वतंत्र आर्थिक विश्लेषण प्रदान करना, समष्टि अर्थव्यवस्था, राजकोषीय नीति, व्यापार, रोजगार एवं सामाजिक क्षेत्र से संबंधित नीतियों पर सलाह देना तथा प्रमुख विकासात्मक मुद्दों पर अनुसंधान करना।
  • भूमिका: सरकारी नीतियों के प्रभाव का मूल्यांकन करना, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार करना तथा  सतत् एवं समावेशी आर्थिक विकास के लिए उपायों की सिफारिश करना।
  • संरचना: परिषद का नेतृत्व एक अध्यक्ष करते हैं तथा इसमें पूर्णकालिक एवं अंशकालिक सदस्य शामिल होते हैं, जिन्हें एक समर्पित सचिवालय का सहयोग प्राप्त होता है।

महिला-केंद्रित नकद अंतरण योजनाओं का महत्त्व

  • महिला सशक्तीकरण: महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता, निर्णय-निर्माण क्षमता तथा घरेलू संसाधनों पर नियंत्रण को सुदृढ़ बनाती हैं।
  • मानव विकास में सुधार: शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं बच्चों के कल्याण पर अधिक व्यय को प्रोत्साहित करती हैं, जिससे दीर्घकाल में मानव पूँजी का विकास होता है।
  • गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक सुरक्षा: यह एक प्रभावी सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती हैं, जिससे कमजोर परिवारों को आय संबंधी झटकों, मुद्रास्फीति एवं आपात स्थितियों से निपटने में सहायता मिलती है।
  • वित्तीय समावेशन: बैंक खातों, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) तथा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसे डिजिटल भुगतान प्लेटफार्म के उपयोग को बढ़ावा देकर औपचारिक वित्तीय समावेशन का विस्तार करती हैं।
  • आर्थिक गुणक प्रभाव: घरेलू उपभोग में वृद्धि से स्थानीय माँग को प्रोत्साहन मिलता है, जबकि बढ़ी हुई बचत परिवारों की वित्तीय सुदृढ़ता को मजबूत बनाती है।

संबंधित चुनौतियाँ

  • राजकोषीय संधारणीयता: बड़े पैमाने पर बिना शर्त नकद अंतरण योजनाएँ राज्य के वित्त पर महत्त्वपूर्ण बोझ डालती हैं, जिससे सार्वजनिक ऋण बढ़ने की संभावना रहती है।
  • उत्पादक व्यय का विस्थापन: कल्याणकारी नकद अंतरण पर अत्यधिक व्यय से शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसंरचना एवं पूँजी निर्माण जैसे उत्पादक क्षेत्रों में निवेश के लिए उपलब्ध राजकोषीय संसाधन कम हो सकते हैं।
  • लक्षित लाभार्थियों की पहचान एवं रिसाव: समावेशन एवं बहिष्करण संबंधी त्रुटियों के कारण योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुँच पाता।
  • निर्भरता संबंधी चिंताएँ: यदि इन योजनाओं के साथ आजीविका के अवसर नहीं जोड़े जाएँ, तो बिना शर्त नकद अंतरण पर दीर्घकालिक निर्भरता श्रम बल भागीदारी को हतोत्साहित कर सकती है।
  • मुद्रास्फीतिक दबाव: बढ़ती मुद्रास्फीति नकद अंतरण की वास्तविक क्रय शक्ति को कम कर देती है, जिससे अंतरण राशि की आवधिक समीक्षा एवं संशोधन आवश्यक हो जाता है।

RBI एवं आर्थिक सर्वेक्षण द्वारा रेखांकित चुनौतियाँ

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): RBI ने चेतावनी दी है कि फ्रीबीज (Freebies) एवं बिना शर्त नकद अंतरण पर बढ़ता व्यय राज्यों के ऋण बोझ को बढ़ा सकता है।
  • इससे अवसंरचना निर्माण, पूँजीगत व्यय तथा दीर्घकालिक विकासोन्मुख निवेशों के लिए उपलब्ध राजकोषीय संसाधन कम हो सकते हैं।
  • आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26: आर्थिक सर्वेक्षण ने उल्लेख किया कि अत्यधिक राजकोषीय लोकलुभावनवाद तथा कमजोर लक्ष्यीकरण वाली बिना शर्त नकद अंतरण योजनाएँ विकास को बढ़ावा देने वाले सार्वजनिक व्यय को विस्थापित कर सकती हैं।
  • सर्वेक्षण ने बल दिया कि कल्याणकारी व्यय के साथ विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन, लक्षित लाभ वितरण तथा संधारणीय राजस्व संसाधन जुटाना आवश्यक है, ताकि राजकोषीय विश्वसनीयता एवं समष्टि आर्थिक स्थिरता बनी रहे।

महिलाओं के समर्थन हेतु सरकारी पहल 

  • दीनदयाल अंत्योदय योजना– राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) (2015): महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को बढ़ावा देने के साथ-साथ उद्यमिता, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन एवं सतत् आजीविका सृजन को प्रोत्साहित करता है।
  • मिशन शक्ति (2022): ‘संबल’ एवं ‘समर्थ्य’ घटकों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण, सशक्तीकरण तथा आर्थिक भागीदारी के लिए एक समेकित ढाँचा प्रदान करता है।
  • लखपति दीदी पहल (2023): इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमिता एवं सतत् आजीविका के माध्यम से वार्षिक ₹1 लाख या उससे अधिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है।

आगे की राह

  • कैश-प्लस (Cash-Plus) मॉडल अपनाना: नकद अंतरण को कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता एवं आजीविका सहायता के साथ जोड़कर सतत् आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया जाए।
  • लाभ राशि का आवधिक संशोधन: मुद्रास्फीति, घरेलू आवश्यकताओं में परिवर्तन तथा क्षेत्रीय जीवन-यापन लागत के अंतर को ध्यान में रखते हुए अंतरण राशि का नियमित पुनरीक्षण किया जाए।
  • लक्ष्यीकरण में सुधार: आधार-सक्षम प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) डेटाबेस तथा वास्तविक समय लाभार्थी सत्यापन का उपयोग कर रिसाव को कम एवं दक्षता को बढ़ाया जाए।
  • कल्याण एवं राजकोषीय विवेक के मध्य संतुलन: सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसंरचना एवं रोजगार सृजन में पर्याप्त निवेश सुनिश्चित किया जाए।
  • निगरानी एवं मूल्यांकन को सुदृढ़ करना: गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन एवं मानव विकास से संबंधित परिणामों का आकलन करने के लिए समय-समय पर प्रभाव मूल्यांकन किया जाए।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अध्ययन के निष्कर्ष इस बात की पुष्टि करते हैं कि सुविचारित, लक्षित एवं डिजिटल माध्यम से वितरित नकद अंतरण कार्यक्रम महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, पारिवारिक कल्याण एवं वित्तीय समावेशन में उल्लेखनीय सुधार ला सकते हैं। तथापि, इन योजनाओं की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक कल्याण के उद्देश्यों एवं राजकोषीय संधारणीयता के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही, नकद अंतरण को क्षमता निर्माण एवं आजीविका संबंधी हस्तक्षेपों के साथ जोड़कर स्थायी एवं समावेशी विकास परिणाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.