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भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता

Lokesh Pal December 24, 2025 03:51 46 0

संदर्भ 

भारत और न्यूजीलैंड ने पाँच वर्षों के भीतर द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के उद्देश्य से एक मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूर्ण कर ली है।

मुक्त व्यापार समझौते की प्रमुख विशेषताएँ 

  • व्यापार एवं निवेश प्रभाव
    • पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार के दोगुना होने का अनुमान।
    • न्यूजीलैंड ने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ मॉडल के समान ढाँचे के अंतर्गत 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
    • स्वास्थ्य एवं पारंपरिक चिकित्सा पर समर्पित परिशिष्ट, किसी भी देश के साथ न्यूजीलैंड का इस प्रकार का पहला समझौता।
  • टैरिफ उदारीकरण
    • न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यातों पर शुल्क समाप्त या कम।
    • न्यूजीलैंड भारतीय निर्यात के लिए 100 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क बाजार पहुँच प्रदान करेगा।
    • भारत ने 70.03 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर उदारीकरण प्रदान किया, जो भारत–न्यूजीलैंड द्विपक्षीय व्यापार के 95 प्रतिशत को शामिल करता है।
    • घरेलू रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा के लिए, 29.97 प्रतिशत टैरिफ लाइनों को बाहर रखा गया है।
    • भारत द्वारा संरक्षित संवेदनशील क्षेत्र
      • दुग्ध उत्पाद, चीनी, खाद्य तेल, प्याज, दालें।
      • पशु उत्पाद (भेड़ के मांस को छोड़कर), हथियार एवं गोला-बारूद।
      • चयनित धातुएँ (ताँबा, एल्युमिनियम), रत्न एवं आभूषण।
    • कृषि एवं सहायक क्षेत्र
      • भारतीय किसानों को न्यूजीलैंड में फल, सब्जियाँ, कॉफी, मसाले, अनाज और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों तक बेहतर पहुँच प्राप्त होगी।
      • सहयोग पहलों में कृषि उत्पादकता साझेदारी, उत्कृष्टता केंद्र तथा न्यूजीलैंड की उन्नत कृषि तकनीकों तक पहुँच शामिल है।
      • शहद, कीवी फल और सेब जैसे बागवानी उत्पादों के लिए लक्षित उपाय, जो सतत् विकास को समर्थन देंगे।
    • सेवा व्यापार प्रतिबद्धताएँ
      • न्यूजीलैंड द्वारा प्रस्ताव
        • 118 सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुँच।
        • 139 सेवा क्षेत्रों में ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) का दर्जा।
      • भारत द्वारा प्रस्ताव
        • 106 सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुँच।
        • 45 सेवा क्षेत्रों में मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा।
    • छात्र आवागमन एवं शिक्षा प्रावधान
      • न्यूजीलैंड ने पहली बार किसी देश के साथ छात्र आवागमन एवं अध्ययन पश्चात् कार्य वीजा पर परिशिष्ट पर हस्ताक्षर किए।
      • प्रमुख प्रावधान
        • भारतीय छात्रों पर कोई संख्यात्मक सीमा नहीं।
        • अध्ययन के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे कार्य का सुनिश्चित अधिकार।
        • अध्ययन के पश्चात्, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित (STEM) स्नातक छात्रों को 3 वर्ष तथा डॉक्टरेट उपाधि धारकों को 4 वर्ष तक कार्य वीजा की अनुमति दी जाती है।।
      • यह समझौता न्यूजीलैंड में भारतीय छात्रों पर सभी सीमाएँ समाप्त करता है।
    • अस्थायी रोजगार एवं कार्यबल आवागमन
      • अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा मार्ग की शुरुआत
        • किसी भी समय 5,000 भारतीय पेशेवरों का कोटा।
        • अधिकतम प्रवास अवधि तीन वर्ष
    • इसमें आयुष चिकित्सक, योग प्रशिक्षक, भारतीय शेफ, संगीत शिक्षक तथा सूचना प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा और निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल।
    • कार्य अवकाश वीजा व्यवस्था के अंतर्गत प्रति वर्ष 1,000 युवा भारतीय 12 महीनों के लिए न्यूजीलैंड जा सकते हैं।

भारत–न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंध

  • ऐतिहासिक एवं राजनीतिक संबंध
    • राजनयिक संबंधों की स्थापना वर्ष 1952 में।
    • राष्ट्रमंडल सदस्यता, सामान्य विधि परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों के माध्यम से साझा जुड़ाव।
    • खेल (क्रिकेट, हॉकी, पर्वतारोहण) और पर्यटन के माध्यम से सशक्त जन-स्तरीय संपर्क।
  • रणनीतिक दृष्टि एवं नीतिगत ढाँचे
    • न्यूजीलैंड द्वारा भारत को “भारत के लिए द्वार खोलना” पहल (वर्ष 2011) और राष्ट्रीय भारत रणनीति के अंतर्गत प्राथमिक साझेदार घोषित किया गया।
    • “भारत–न्यूजीलैंड 2025: संबंधों में निवेश” के माध्यम से राजनीतिक, आर्थिक और जन-केंद्रित सहयोग को सुदृढ़ किया गया।
  • व्यापार एवं आर्थिक सहभागिता
    • व्यापार रैंक: न्यूजीलैंड भारत का 11वाँ सबसे बड़ा द्विपक्षीय व्यापार भागीदार।
    • ओशिनिया क्षेत्र में न्यूजीलैंड भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार।
    • व्यापार मूल्य (2023–24): 1.75 अरब अमेरिकी डॉलर।
    • मुख्य क्षेत्र: शिक्षा, पर्यटन, दुग्ध उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि, नवीकरणीय ऊर्जा, महत्त्वपूर्ण खनिज।
    • भारतीय निर्यात: औषधियाँ, रत्न एवं आभूषण, वस्त्र, मोटर वाहन, परिधान।
    • भारतीय आयात: लकड़ी, वानिकी उत्पाद, ऊन, फल, मेवे।
  • रक्षा एवं समुद्री सहयोग
    • नियमित नौसैनिक बंदरगाह यात्राओं और वरिष्ठ नौसैनिक नेतृत्व के आदान-प्रदान के माध्यम से रक्षा सहयोग का विस्तार।
      • भारतीय नौसैनिक पोत सह्याद्रि और कोलकाता की न्यूजीलैंड यात्रा (अगस्त–सितंबर 2025)।
      • भारतीय नौसेना के वैश्विक नौकायन अभियान के अंतर्गत नौसैनिक नौकायन पोत ‘तारिणी’ की पोर्ट लिटलटन यात्रा (जनवरी 2025)।
  • ‘जन-से-जन’ एवं सांस्कृतिक संबंध
    • भारतीय मूल की जनसंख्या: लगभग 2.92 लाख (न्यूजीलैंड की कुल जनसंख्या का लगभग 5 प्रतिशत)।
    • न्यूजीलैंड में हिंदी पाँचवीं सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा।

शिक्षा एवं ज्ञान साझेदारियाँ

  • भारत न्यूजीलैंड में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत (लगभग 8,000 छात्र)।
  • प्रमुख सहयोगों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली में न्यूजीलैंड केंद्र तथा कैंसर, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, अपशिष्ट प्रबंधन और चिकित्सा प्रौद्योगिकी में संयुक्त अनुसंधान शामिल।

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