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Lokesh Pal
April 24, 2026 02:15
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खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने यह अवगत कराया है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग हेतु उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLISFPI) ने अप्रैल 2026 तक, अत्यंत उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।


पिछले एक दशक में इस क्षेत्र ने व्यापक परिवर्तन देखा है, जहाँ यह एक लघु-स्तरीय गतिविधियों से विकसित होकर एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक शक्ति बन गया है:


भारत कई प्राकृतिक एवं सामाजिक कारकों के कारण “विश्व का खाद्य भंडार (Food Basket of the World)” बनने की विशिष्ट स्थिति में है:
यद्यपि प्रगति तीव्र है, फिर भी कई बाधाएँ इस क्षेत्र की गति को धीमा करती हैं:
विकसित भारत (2047) के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु ध्यान निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होना चाहिए:
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र केवल एक उद्योग नहीं है; यह किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण गरीबी को कम करने का एक प्रभावी माध्यम है। मूल उपज को उच्च-मूल्य उत्पादों में परिवर्तित कर भारत यह सुनिश्चित कर रहा है कि “मेक इन इंडिया” मिशन के माध्यम से वैश्विक खाद्य सुरक्षा और आर्थिक विकास को सुदृढ़ किया जा सके।
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