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Lokesh Pal
May 07, 2026 03:23
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हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि चिकित्सीय उदासीनता (Medical Negligence) से संबंधित दावों में, चिकित्सक की मृत्यु के बाद भी उसकी संपत्ति के माध्यम से क्षतिपूर्ति प्राप्त की जा सकती है, परंतु उसके व्यक्तिगत उत्तराधिकारियों के विरुद्ध यह प्रभावी नहीं होते।
चिकित्सीय उदासीनता कानून को रोगी सुरक्षा एवं चिकित्सकों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना चाहिए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके तथा अत्यधिक अपराधीकरण से बचा जा सके, जो स्वास्थ्य सेवा प्रदाय एवं पेशेवर निर्णय-निर्माण को प्रभावित कर सकता है।
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