100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

मेडिकल टूरिज्म एवं वेलनेस पर्यटन

Lokesh Pal May 07, 2026 03:20 5 0

संदर्भ

भारत मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहाँ उन्नत चिकित्सा अवसंरचना को आयुष जैसी पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकृत किया जा रहा है।

संबंधित तथ्य

  • भारत सरकार ने केंद्रीय बजट वर्ष 2026-27 के माध्यम से देश को एक वैश्विक चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित करने हेतु दूरदर्शी पहल प्रस्तुत की है।
  • मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स 2020–21 के अनुसार:
    • भारत विश्व के शीर्ष 46 चिकित्सा पर्यटन स्थलों में 10वें स्थान पर है।
    • यह विश्व के शीर्ष 20 आरोग्य पर्यटन  बाजारों में 12वें स्थान पर है।
    • एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 10 वेलनेस स्थलों में भारत 5वें स्थान पर है।

मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) के बारे में

  • मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) से आशय रोगियों के सीमा-पार आवागमन से है, जिसके अंतर्गत वे उपचारात्मक चिकित्सा सेवाओं तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के संयोजन तक पहुँच प्राप्त करते हैं।
  • यह एक समग्र स्वास्थ्य देखभाल दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें आधुनिक चिकित्सा को पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के साथ एकीकृत कर रोगों के उपचार के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को भी प्रोत्साहित किया जाता है।

मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) के स्तंभ

मेडिकल टूरिज्म (उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवा)

  • मेडिकल टूरिज्म विभिन्न रोगों एवं चिकित्सीय स्थितियों के निदान, उपचार तथा शल्य चिकित्सा हस्तक्षेपों पर केंद्रित होता है।
  • रोगी उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं तक पहुँच प्राप्त करने हेतु विदेश यात्रा करते हैं, जो उनके देश में अत्यधिक महँगी, अनुपलब्ध अथवा लंबी प्रतीक्षा अवधि वाली हो सकती हैं।
  • भारत में इसके अंतर्गत निम्नलिखित विशेष उपचार शामिल हैं:
    • हृदय शल्य चिकित्सा
    • अंग प्रत्यारोपण
    • कैंसर उपचार
    • अस्थि एवं तंत्रिका संबंधी उपचार
  • यह तुलनात्मक रूप से कम लागत पर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाता है।

वेलनेस टूरिज्म (निवारक एवं समग्र स्वास्थ्य सेवा)

  • वेलनेस टूरिज्म रोग उपचार के बजाय निवारक स्वास्थ्य, जीवनशैली सुधार तथा समग्र कल्याण पर बल देता है।
  • यह उन व्यक्तियों को आकर्षित करता है, जो शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखना चाहते हैं।
  • भारत में यह निम्नलिखित पारंपरिक प्रणालियों पर आधारित है:
    • योग — मन एवं शरीर के संतुलन हेतु
    • आयुर्वेद — प्राकृतिक उपचार एवं जीवनशैली प्रबंधन हेतु
    • प्राकृतिक चिकित्सा — औषधि-रहित उपचार एवं शरीर के शोधन हेतु
  • यह वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक, सतत् एवं निवारक स्वास्थ्य पद्धतियों की ओर बढ़ते रुझान के अनुरूप है।

वैश्विक एवं भारतीय बाजार प्रवृत्तियाँ

  • वैश्विक बाजार मूल्य (वर्ष 2022): वैश्विक मेडिकल वैल्यू ट्रैवल बाजार का मूल्य वर्ष 2022 में लगभग 115.6 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • भविष्य बाजार अनुमान (वर्ष 2030): इसके वर्ष 2030 तक लगभग 286.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। यह बाजार लगभग 10.8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है।
  • भारत का बाजार आकार (वर्ष 2025): भारत इस उभरते वैश्विक परिदृश्य में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा है। औद्योगिक अनुमानों के अनुसार, भारत का चिकित्सा पर्यटन बाजार वर्ष 2025 में लगभग 8.7 अरब अमेरिकी डॉलर का है, जिसके वर्ष 2030 तक 16.2 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।

मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) में भारत पसंदीदा गंतव्य के रूप में क्यों उभरा है? 

  • सुदृढ़ चिकित्सीय संसाधन: भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था विश्व के सबसे बड़े प्रशिक्षित चिकित्सीय मानव संसाधन समूहों में से एक द्वारा समर्थित है।
    • भारत में 69,364 अस्पताल (43,486 निजी एवं 25,778 सार्वजनिक अस्पताल) तथा लगभग 12 लाख पंजीकृत चिकित्सक हैं, जिससे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित चिकित्सक-जनसंख्या अनुपात प्राप्त हुआ है।
  • उन्नत प्रौद्योगिकी एवं प्रत्यायन: भारत की स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत गुणवत्ता आश्वासन तंत्र एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रत्यायन मानकों द्वारा समर्थित है।
    • देशभर के अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) से प्रत्यायन प्राप्त करते हैं।
  • लागत-प्रभावी चिकित्सा उपचार: भारत की चिकित्सा पर्यटन क्षमता उसकी लागत प्रतिस्पर्द्धात्मकता से अत्यधिक सुदृढ़ होती है।
    • भारत में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ अनेक विकसित देशों की तुलना में काफी कम लागत पर उपलब्ध हैं, जबकि चिकित्सीय मानक तुलनीय बने रहते हैं।
  • आयुष-आधारित मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को सुदृढ़ करना: भारत के पास स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में अपनी प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों — आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी — के रूप में विशिष्ट बढ़त है।

क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की विशेषताएँ

  • विशेषीकृत केंद्र: प्रत्येक केंद्र में आयुष केंद्र तथा समर्पित मेडिकल वैल्यू टूरिज्म सुविधा केंद्र शामिल होंगे।
  • समग्र उपचार व्यवस्था: उन्नत निदान, उपचारोत्तर देखभाल तथा पुनर्वास हेतु आवश्यक अवसंरचना विकसित की जाएगी।
  • रोजगार सृजन: इन परिसरों से चिकित्सकों एवं सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए विविध रोजगार अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।

सरकारी हस्तक्षेप

  • क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र: एक प्रमुख प्रस्ताव के अंतर्गत राज्य सरकारों एवं निजी क्षेत्र की साझेदारी में देशभर में पाँच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
    • इन केंद्रों को एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ चिकित्सा, शिक्षा एवं अनुसंधान सुविधाएँ एक ही ढाँचे के अंतर्गत उपलब्ध होंगी।
  • गुणवत्ता एवं प्रशासन हेतु रूपरेखा: भारत की प्रतिस्पर्द्धात्मक बढ़त बनाए रखने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने चिकित्सा एवं आरोग्य पर्यटन  हेतु राष्ट्रीय रणनीति एवं रूपरेखा तैयार की है।
    • संस्थागत ढाँचा:राष्ट्रीय चिकित्सा एवं आरोग्य पर्यटन  संवर्द्धन बोर्ड’ (NMWTB) विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों एवं निजी क्षेत्र के बीच समन्वय स्थापित करने वाली शीर्ष संस्था के रूप में कार्य करता है।
    • गुणवत्ता आश्वासन: सरकार अस्पतालों, वेलनेस केंद्रों एवं दंत चिकित्सा केंद्रों के लिए NABH प्रत्यायन को सुदृढ़ कर रही है।
      • साथ ही, अंतरराष्ट्रीय विश्वास निर्माण हेतु ‘मेडिकल वैल्यू ट्रैवल’ (MVT) सुविधा प्रदाताओं के पंजीकरण एवं मूल्यांकन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
    • कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण: केंद्रीय बजट वर्ष 2026-27 में 20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों को 12-सप्ताहीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कौशल उन्नयन हेतु एक प्रायोगिक योजना प्रस्तावित की गई। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय रोगियों की बेहतर सेवा हेतु पैरामेडिकल एवं गैर-चिकित्सीय कर्मियों को विदेशी भाषाओं एवं अंतर-सांस्कृतिक संवेदनशीलताओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • सरकारी सुविधा उपाय: सरकार ने सुदृढ़ डिजिटल एवं नीतिगत हस्तक्षेपों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय रोगियों की यात्रा को अधिक सुगम बनाया है।
    • इस दिशा में एक प्रमुख पहल उदार वीजा व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत ई-मेडिकल वीजा एवं ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा सुविधा को 172 देशों के नागरिकों तक विस्तारित किया गया है।
  • डिजिटल पहलें: इन पहलों में शामिल हैं:
    • पुनर्निर्मित MVT पोर्टल: सरकार एकीकृत मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पोर्टल को उन्नत कर रही है, जिससे रोगियों को “समग्र समाधान” उपलब्ध कराया जा सके।
    • इसके माध्यम से रोगी सेवाओं की खोज, योजना एवं बुकिंग कर सकते हैं, साथ ही भुगतान एवं शल्य-उपचारोत्तर देखभाल तक पहुँच प्राप्त कर सकते हैं।
  • हवाई अड्डा सुविधा: प्रमुख हवाई अड्डों पर MVT ‘कंसीयर्ज’ एवं ‘लाउंज’ स्थापित करने की योजना है।
    •  इनका उद्देश्य यात्रियों को एयरोब्रिज की सुविधा प्रदान करना तथा आव्रजन, सीमा शुल्क एवं सामान प्राप्ति प्रक्रिया में सहायता प्रदान करना है।
  • वेलनेस हेतु अवसंरचना: आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सरकार पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की क्षमता का भी विस्तार कर रही है।
    • तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि आयुर्वेद में शिक्षा, अनुसंधान एवं चिकित्सीय सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
    • साथ ही, जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र का उन्नत किया जा रहा है, जिससे साक्ष्य-आधारित अनुसंधान एवं पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ किया जा सके।

भारत में चिकित्सा और आरोग्य पर्यटन में चुनौतियाँ

  • आरोग्य क्षेत्र में मानकीकरण का अभाव: आयुष-आधारित उपचार पद्धतियों मेंवैश्विक स्तर पर एकरूप मानकों एवं प्रोटोकॉल’ (Uniform Global Standards and Protocols) की कमी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
  • स्वास्थ्य संस्थानों के बीच गुणवत्ता में असमानता: ‘राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स’ के प्रत्यायन के बावजूद महानगरों एवं छोटे केंद्रों के बीच गुणवत्ता असमानता बनी हुई है।
  • प्रमुख शहरों से बाहर अवसंरचनात्मक कमी: चिकित्सा पर्यटन मुख्यतः महानगरों तक ही सीमित है। द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों में उन्नत अवसंरचना एवं वैश्विक पहचान का अभाव बना हुआ है।
  • नियामकीय एवं नैतिक चिंताएँ: अंग प्रत्यारोपण नैतिकता, चिकित्सीय उदासीनता के जोखिम तथा सख्त निगरानी की कमी जैसे मुद्दे भारत की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकते हैं।
  • वैश्विक ब्रांडिंग एवं जागरूकता की सीमाएँ: भारत की हील इन इंडिया” पहल, थाईलैंड एवं तुर्की जैसे प्रतिस्पर्द्धी देशों की तुलना में अपेक्षित स्तर की वैश्विक ब्रांडिंग प्राप्त नहीं कर सकी है।
  • कुशल मानव संसाधन की कमी: अंतरराष्ट्रीय रोगियों के लिए प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों, दुभाषियों तथा सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील सेवा प्रदाताओं की कमी बनी हुई है।
  • समन्वय संबंधी चुनौतियाँ: राष्ट्रीय चिकित्सा एवं आरोग्य पर्यटन संवर्द्धन बोर्ड की उपस्थिति के बावजूद मंत्रालयों, राज्यों एवं निजी हितधारकों के मध्य अनुचित समन्वय के कारण क्रियान्वयन अंतराल की स्थिति उत्पन्न होती है।

आगे की राह 

  • आयुष एवं आरोग्य सेवाओं का मानकीकरण: आयुष उपचार पद्धतियों के लिए वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य प्रोटोकॉल, प्रमाणन प्रणाली एवं साक्ष्य-आधारित प्रमाणीकरण विकसित किए जाने चाहिए।
  • प्रत्यायन एवं विनियमन को सुदृढ़ करना: सभी स्वास्थ्य संस्थानों में NABH प्रत्यायन का विस्तार किया जाए तथा कठोर अनुपालन एवं नियमित लेखा-परीक्षण सुनिश्चित किए जाएँ।
  • द्वितीय श्रेणी चिकित्सा केंद्रों का विकास: सेवाओं के विकेंद्रीकरण एवं महानगरों पर पड़ने वाले भार को कम करने हेतु छोटे शहरों में क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • नैतिक प्रशासनिक ढाँचा: वैश्विक विश्वास निर्माण हेतु अंग प्रत्यारोपण एवं चिकित्सीय प्रक्रियाओं के लिए पारदर्शी नियामकीय तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए।
  • प्रभावी वैश्विक ब्रांडिंग: हील इन इंडिया” को इन्क्रेडिबल इंडिया” के उप-ब्रांड के रूप में अंतरराष्ट्रीय अभियानों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित किया जाना चाहिए।
  • कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण: स्वास्थ्य कर्मियों, गाइडों एवं सुविधा प्रदाताओं को विदेशी भाषाओं एवं अंतर-सांस्कृतिक संवाद का प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।
  • एकीकृत डिजिटल पारितंत्र: बुकिंग, उपचार निगरानी एवं उपचारोत्तर देखभाल सहित समग्र सेवाओं हेतु मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पोर्टल को और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए।

भारत में आरोग्य पर्यटन के एक घटक के रूप में योग

  • योग, आरोग्य पर्यटन के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है, जो समग्र स्वास्थ्य एवं निवारक देखभाल करने वाले वैश्विक यात्रियों को आकर्षित करता है।
  • प्राचीन भारतीय परंपराओं में निहित योग, शरीर, मन एवं आत्मा के एकीकरण को प्रोत्साहित करता है, जो आधुनिक आरोग्य आवश्यकताओं के अनुरूप है।

वेलनेस पर्यटन में योग का महत्त्व

  • समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण
    • यह शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण एवं आध्यात्मिक संतुलन पर बल देता है।
    • यह तनाव, मोटापा एवं उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से संबंधी बीमारियों के प्रबंधन में सहायक है।
  • निवारक स्वास्थ्य देखभाल
    • यह रोग उपचार के स्थान पर दीर्घकालिक स्वास्थ्य संवर्द्धन को प्रोत्साहित करता है।
    • यह औषधियों पर निर्भरता को कम करने में सहायक है।

भारत की प्रतिस्पर्द्धात्मक बढ़त

  • उद्गम स्थल: भारत योग का उद्भव स्थल है, जिससे इसे सांस्कृतिक प्रामाणिकता एवं वैश्विक विश्वसनीयता प्राप्त होती है।
  • विविध आरोग्य पारितंत्र
    • योग का आयुर्वेद, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के साथ एकीकरण किया गया है।
    •  पारंपरिक आश्रमों एवं आधुनिक आरोग्य केंद्रों की व्यापक उपलब्धता भारत की विशेषता है।

निष्कर्ष

मेडिकल टूरिज्म एवं वेलनेस पर्यटन ‘मेडिकल वैल्यू ट्रैवल’ (MVT) की आधारशिला निर्मित करते हैं, जिससे यह एक समग्र स्वास्थ्य मॉडल के रूप में उभरता है, जो उपचार संबंधी आवश्यकताओं तथा निवारक स्वास्थ्य आकांक्षाओं दोनों की पूर्ति करता है।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.