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भारत की नई GDP शृंखला (आधार वर्ष 2022-23) में क्षेत्रीय हिस्सेदारी और विकास अनुमान संशोधित

Lokesh Pal March 05, 2026 05:19 119 0

संदर्भ

भारत ने वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए नई GDP शृंखला को अपनाया है, जिसे केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप विकास दर और क्षेत्रीय अनुमानों में संशोधन हुआ है।

संबंधित तथ्य 

  • संशोधित GDP शृंखला को अर्थशास्त्रियों से व्यापक रूप से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जो इसे व्यापक, यथार्थवादी और विश्वसनीय रूप से निष्पादित बताते हैं।

संशोधित GDP शृंखला की मुख्य विशेषताएँ

  • वास्तविक विकास दरों में अधिक स्थिरता: वर्ष 2023-24 और उसके बाद के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर अब पहले की अस्थिर सीमा (6.5-9.2%) की तुलना में अधिक स्थिर (7.1-7.6%) है।
  • नॉमिनल GDP आकार में कमी: बेहतर डेटा कवरेज, अद्यतन कार्यप्रणाली और परिष्कृत अपस्फीति तकनीकों के कारण अर्थव्यवस्था के नाममात्र आकार में 3-4% की कमी आई है।
  • क्षेत्रीय योगदानों का पुनर्मूल्यांकन: विनिर्माण, सेवाओं और कृषि क्षेत्रों के हिस्से का पुनर्मूल्यांकन किया गया है, जिससे प्रमुख विकास कारकों के बारे में धारणाओं को नया आकार मिला है।

नई GDP शृंखला में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी में वृद्धि के कारण

  • उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की ओर रुझान: GDP की नई शृंखला पारंपरिक अनाजों से फलों और सब्जियों जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ते रुझान को बेहतर ढंग से दर्शाती है।
    • ये फसलें अधिक लाभ देती हैं, जिससे सकल मूल्यवर्द्धन (GVA) में वृद्धि होती है और कृषि क्षेत्र का आकार भी बढ़ता है।
  • ऊर्जा इनपुट लागत में कमी: ईंधन की लागत में गिरावट के कारण कृषि में मूल्यवर्द्धन बढ़ा है।
    • किसान तेजी से डीजल पंपों की जगह बिजली और सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई प्रणालियों का उपयोग कर रहे हैं।
  • पीएम-कुसुम योजना की भूमिका: पीएम-कुसुम योजना ने वर्ष 2019 से सौर सिंचाई पंपों पर सब्सिडी दी है, जिससे डीजल पर निर्भरता और इनपुट लागत में कमी आई है, जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध मूल्यवर्द्धन में वृद्धि हुई है और संशोधित GDP अनुमानों में कृषि क्षेत्र अधिक बड़ा दिखाई देता है।

संशोधित GDP शृंखला के अंतर्गत कृषि का हिस्सा

  • कृषि क्षेत्र के आकार में वृद्धि: नए GDP आँकड़ों (आधार वर्ष 2022-23) के अनुसार, कृषि, पशुधन, वानिकी और मत्स्यपालन क्षेत्र का आकार मौजूदा कीमतों पर पहले के अनुमानों की तुलना में लगभग 5% अधिक होने का अनुमान है।
  • GDP में उच्च हिस्सेदारी: नॉमिनल GDP में 3-4% की कमी के कारण, कृषि की हिस्सेदारी वर्ष 2022-23 में बढ़कर 18.2% हो गई, जबकि पुरानी शृंखला में यह 16.5% थी।
  • संरचनात्मक गिरावट जारी: संशोधित हिस्सेदारी में वृद्धि के बावजूद, कृषि का योगदान समय के साथ घटता जा रहा है, जो वर्ष 2025-26 में 16.2% (पुरानी शृंखला में 15.2% की तुलना में) रहेगा।

उच्च विनिर्माण अनुमानों के कारण

  • बेहतर डेटा स्रोत: विशेष रूप से अनौपचारिक क्षेत्र के लिए, वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण (ASUSE) और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के माध्यम से बेहतर डेटा स्रोत उपलब्ध कराए गए हैं।
  • सकल मूल्य वर्द्धित (GVA) का अनुमान लगाने के लिए एकल-अपस्फीति विधि का परित्याग किया गया है।

नई GDP शृंखला में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी

  • संशोधित शृंखला में उच्च औसत वृद्धि: नई जीडीपी शृंखला के तहत, विनिर्माण क्षेत्र ने वर्ष 2023-24 से वर्ष 2025-26 के दौरान 11.2% की मजबूत और अधिक स्थिर औसत वृद्धि दर दर्ज की है।
  • पुरानी शृंखला में मध्यम वृद्धि: इसके विपरीत, पुरानी जीडीपी शृंखला में इसी अवधि में विनिर्माण क्षेत्र की औसत वृद्धि 8% थी।
  • वर्ष 2023-24 में आधार प्रभाव का असर: पुरानी शृंखला में वर्ष 2023-24 में 12.3% की तीव्र वृद्धि दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण अनुकूल आधार प्रभाव था, जिसने अस्थायी रूप से वृद्धि के आँकड़ों को बढ़ावा दिया।
  • बेहतर मापन और क्षेत्रीय भार: संशोधित पद्धति विनिर्माण गतिविधि का बेहतर अनुमान प्रदान करती है, जिसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र समग्र आर्थिक विकास के एक मजबूत चालक के रूप में उभरता है।

नई जीडीपी शृंखला में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था

  • अनौपचारिक क्षेत्र के कम आकलन का सुधार: भारत के जीडीपी आँकड़ों की एक प्रमुख आलोचना अनौपचारिक (असंगठित) क्षेत्र के अपर्याप्त मापन को लेकर थी, क्योंकि अनुमान औपचारिक क्षेत्र से प्राप्त अनुमानों पर बहुत अधिक निर्भर थे।
    • नई शृंखला इस त्रुटि को दूर करने का प्रयास करती है।
  • विभिन्न क्षेत्रों पर मिश्रित प्रभाव: बेहतर मापन के तहत अनौपचारिक क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से विनिर्माण क्षेत्र को लाभ होता दिख रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में गिरावट देखी गई है।
  • सेवा श्रेणी: नए अनुमानों के अनुसार, व्यापार, मरम्मत, होटल और रेस्तराँ, परिवहन, भंडारण, संचार और प्रसारण सेवाओं के सकल मूल्य वर्द्धित (GVA) में वर्ष 2022-23 और वर्ष 2025-26 के बीच औसतन लगभग 25% की वार्षिक गिरावट आई है।
    • इस क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा अनौपचारिक रूप से संचालित होता है और बेहतर डेटा संग्रह से पता चलता है कि इसके पहले के आकार का अधिक अनुमान लगाया गया हो सकता है।

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