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जन विश्वास (प्रावधान का संशोधन) विधेयक, 2026

Lokesh Pal April 03, 2026 02:15 71 0

संदर्भ 

हाल ही में लोकसभा द्वारा जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।

संबंधित तथ्य

  • यह विधेयक जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025 के स्थान पर लाया गया है।
  • प्रस्तावित सुधार एक व्यापक परामर्श प्रक्रिया पर आधारित हैं, जिसमें अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठकें, नीति आयोग के तहत उच्च-स्तरीय समिति की बैठकें, उद्योग संघों और नागरिक समाज संगठनों के साथ संवाद शामिल हैं।

जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026 के बारे में

  • यह विधेयक निम्नलिखित का प्रस्ताव करता है:
    • 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों के 784 प्रावधानों में संशोधन।
    • ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने में सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया है।
    • ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन जीने में सुगमता) को सुविधाजनक बनाने के लिए 67 प्रावधानों में संशोधन।

विधेयक की मुख्य विशेषताएँ

  • अपराधों को हटाना: विधेयक कई अपराधों को हटाता है, जैसे:
    • दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 के तहत आग लगने की झूठी सूचना (False alarm) देना।
    • दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 के तहत जन्म और मृत्यु की सूचना देने में विफलता।
    • कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत कॉपीराइट रजिस्टर में गलत प्रविष्टियाँ (False entries) करना।
  • जुर्माने और दंड में संशोधन: विधेयक कई अपराधों के लिए जुर्माने और दंड के मौद्रिक मूल्य को संशोधित करता है।
    • यह आगे प्रावधान करता है कि इसके द्वारा निर्दिष्ट जुर्माने और दंड की राशि में हर तीन वर्ष में संबंधित न्यूनतम राशि का 10% की वृद्धि होगी।
  • दंड का अधिनिर्णयन: विधेयक कुछ अधिनियमों में संशोधन करता है ताकि जाँच करने और दंड का निर्धारण करने के लिए अधिनिर्णायक अधिकारियों (Adjudicating officers) की नियुक्ति का प्रावधान किया जा सके।
    • यह अधिनिर्णायक अधिकारियों के निर्णयों के खिलाफ अपील सुनने के लिए अपीलीय अधिकारियों (Appellate authorities) की नियुक्ति का भी प्रावधान करता है।

प्रावधान विधि/क्षेत्र पहले की स्थिति विधेयक द्वारा संशोधन
अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाना औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 इस अधिनियम के उल्लंघन में सौंदर्य प्रसाधनों का निर्माण और बिक्री करना एक वर्ष तक के कारावास, 20,000 रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडनीय है। इसमें एक लाख रुपये का नागरिक जुर्माना या जब्त किए गए सौंदर्य प्रसाधनों के मूल्य का तीन गुना, जो भी अधिक हो, लगाने का प्रावधान है।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 इसके तहत, राजमार्ग को दुर्गम या कम सुरक्षित बनाना पाँच वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों से दंडनीय है। सिविल जुर्माना: विधेयक में इसके बजाय 10 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का नागरिक दंड लगाने का प्रावधान है।
कारावास हटाना भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 इसके तहत निरस्त वसीयतनामा या प्रशासनिक-पत्र को वापस न करने पर तीन महीने तक का कारावास, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। केवल जुर्माना (बढ़ाया हुआ); कारावास माफ
विद्युत अधिनियम, 2003 इसके तहत, किसी आदेश या निर्देश का पालन न करने पर तीन महीने तक का कारावास, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। केवल जुर्माना (बढ़ाया हुआ); कारावास माफ
अपराधों का लोप दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 झूठी आग की चेतावनी देना दंडनीय अपराध है। अपराध हटा दिया गया।
दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 जन्म/मृत्यु की सूचना न देना दंडनीय अपराध है। अपराध हटा दिया गया।
कॉपीराइट अधिनियम, 1957 रजिस्टर में गलत प्रविष्टियाँ करना दंडनीय है। अपराध हटा दिया गया।
प्रारंभिक अपराधों के लिए चेतावनी शिक्षुता अधिनियम, 1961 इसके तहत, सूचना देने से इनकार करना और प्रशिक्षु से ओवरटाइम काम करवाना जैसे अपराध जुर्माने से दंडनीय हैं।
  • विधेयक में प्रावधान है कि पहले उल्लंघन के लिए परामर्श जारी किया जाएगा और दूसरे उल्लंघन के लिए चेतावनी जारी की जाएगी।
  • बाद के उल्लंघनों के लिए नागरिक दंड लगाया जाएगा।
सुधार सूचना विधि मापन अधिनियम, 2009 इस अधिनियम के तहत, गैर-मानक बाट और माप का निर्माण, उपयोग या बिक्री जैसे कई अपराध जुर्माने से दंडनीय हैं। पहला: सुधार नोटिस; दूसरा: नागरिक जुर्माना; बाद में: आपराधिक जुर्माना
संपत्ति एवं विज्ञापन कर सुधार नई दिल्ली नगर परिषद अधिनियम, 1994 इस अधिनियम में संपत्ति कर लगाने का प्रावधान है।
  • इस विधेयक में निर्दिष्ट है कि संपत्ति कर में भवन कर और खाली भूमि कर शामिल होंगे।
  • इसमें खाली भूमि और भवनों के लिए आधार मूल्य की अनुशंसा करने और संपत्ति कर के निर्धारण एवं संशोधन के तरीके पर विचार करने के लिए एक नगरपालिका मूल्यांकन समिति की स्थापना का प्रावधान है।
  • विधेयक में संपत्ति कर संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए एक कठिनाई एवं विसंगति समिति का भी प्रावधान है।
  • इसमें विज्ञापन कर लगाने के प्रावधानों को भी हटा दिया गया है।
पुनरीक्षण तंत्र स्पष्टीकरण जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2023 इसमें प्रत्येक तीन वर्ष में इसके द्वारा निर्दिष्ट जुर्माने और दंडों के संशोधन का प्रावधान है। विधेयक में यह भी कहा गया है कि यदि किसी अधिनियम में पहले से ही संशोधन की विधि निर्धारित है, तो उस अधिनियम में निर्धारित विधि लागू होगी।

महत्त्व

  • विश्वास-आधारित कानूनी और अनुपालन वातावरण: यह विधेयक एक विश्वास-आधारित कानूनी और अनुपालन वातावरण को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहाँ नागरिकों और व्यवसायों को मामूली गैर-अनुपालन (Minor non-compliance) के लिए आपराधिक दंड का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  • आर्थिक विकास को मजबूती देना: आपराधिक दायित्व (criminal liability) के बोझ को कम करके और नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर, इस विधेयक से अनुपालन में सुधार होने, निवेश को बढ़ावा मिलने और आर्थिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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