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Lokesh Pal
April 23, 2026 05:00
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वामपंथी उग्रवाद (LWE) कभी एक गंभीर आंतरिक सुरक्षा खतरा था, जो हिंसा, कमजोर शासन और आदिवासी अलगाव से चिह्नित था। इसके पतन और वर्ष 2026 की घोषणा के साथ, भारत अब सुरक्षा-आधारित स्थिरीकरण से शासन-आधारित, समावेशी परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है।
उत्पत्ति: नक्सलबाड़ी से उत्पन्न और माओवादी विचारधारा से प्रेरित होकर, यह संसाधन-समृद्ध आदिवासी क्षेत्रों में फैल गया।
(a) आर्थिक परिवर्तन
(b) शासन और संस्थागत सुदृढ़ीकरण
(c) न्याय और अधिकार-आधारित दृष्टिकोण
(d) मानव पूँजी और युवा आकांक्षाएँ
LWE के बाद का चरण केवल एक सुरक्षा उपलब्धि नहीं, बल्कि नैतिक और शासन से जुड़ी एक कसौटी है। वास्तविक परीक्षा शांति को समावेशी और सतत शासन के माध्यम से समृद्धि, विश्वास और गरिमा में बदलने में निहित है। ये क्षेत्र भारत के मूल का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनका परिवर्तन सहकारी संघवाद तथा लोकतांत्रिक न्याय की सफलता को परिभाषित करेगा।
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