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Lokesh Pal
June 15, 2026 05:30
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फ्रांस में 2026 के G7 शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री की आगामी उपस्थिति, यूरोप तथा वीश्विक दक्षिण पर एक नए राजनयिक फोकस के कारण, भारत के एक आमंत्रित सदस्य से एक महत्त्वपूर्ण भू-राजनीतिक भागीदार के रूप में परिवर्तन को रेखांकित करती है।

G7 के साथ भारत का निरंतर जुड़ाव अब केवल प्रतीकात्मक नहीं रह गया है। यह एक महत्त्वपूर्ण वैश्विक शक्ति के रूप में भारत के विकास को दर्शाता है, जो महाद्वीपीय व्यापारिक मार्गों को नया आकार देने, औद्योगिक देशों के साथ वैश्विक दक्षिण को जोड़ने और यूरोप तथा एशिया में जटिल भू-राजनीतिक गतिशीलता को संतुलित करने में सक्षम है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्र. G7 शिखर सम्मेलनों में भारत की निरंतर उपस्थिति, एक बाह्य पर्यवेक्षक से एक महत्त्वपूर्ण वैश्विक अभिकर्ता के रूप में उसके संक्रमण को रेखांकित करती है। इस संदर्भ में भारत-भूमध्यसागरीय दृष्टिकोण के रणनीतिक महत्त्व की चर्चा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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