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Lokesh Pal
July 27, 2026 02:00
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अमेरिकी विदेश नीति में बढ़ती अनिश्चितता तथा चीन के साथ लगातार बने तनाव ने इस बहस को फिर से तेज कर दिया है कि क्या भारत को अपनी चीन नीति में पुनर्संतुलन करना चाहिए या रणनीतिक स्वायत्तता की नीति पर ही आगे बढ़ना चाहिए।
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सरकारी पहलें |
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| पहल | विवरण |
| आत्मनिर्भर भारत | घरेलू विनिर्माण एवं तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा |
| उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना | रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को मज़बूती |
| राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति | आपूर्ति शृंखला दक्षता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार |
| भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) | व्यापार व संपर्क का विविधीकरण |
| आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ता पहल (SCRI) | जापान व ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से सुदृढ़ वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं का निर्माण |
निष्कर्षतः भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का आधार आर्थिक सुदृढ़ता, विविधीकृत साझेदारियों और घरेलू आत्मनिर्भरता पर टिका होना चाहिए — न कि अमेरिका या चीन, किसी एक की निर्भरता पर।
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्नप्रश्न: भारत की ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ (Strategic Autonomy) की नीति वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के संदर्भ में कितनी प्रासंगिक है? भारत-अमेरिका, भारत-चीन तथा अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ संबंधों के आलोक में चर्चा कीजिए। (250 शब्द) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्नप्रश्न: ‘आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ता पहल (Supply Chain Resilience Initiative—SCRI)’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों |
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