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Lokesh Pal
July 25, 2026 05:30
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पश्चिम एशिया, लाल सागर और काला सागर में बढ़ते संघर्षों ने भारतीय समुद्री नाविकों (सीफेयरर्स) की संवेदनशीलता को उजागर किया है। इससे भारत की विदेश नीति, समुद्री कूटनीति तथा वाणिज्य-दूतावास (कांसुलर) में उनके संरक्षण को समाहित करने की आवश्यकता रेखांकित हुई है।
नोट: Flags of Convenience (FOC) क्या है ?
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जैसे-जैसे भारत एक अग्रणी समुद्री राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, उसके समुद्री नाविकों की सुरक्षा और उसकी विदेश नीति, समुद्री कूटनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का एक अभिन्न अंग होनी चाहिए। सीमाओं, झंडों और क्षेत्राधिकारों से आगे बढ़कर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कांसुलर तैयारियों और सुदृढ़ कानूनी सुरक्षा उपायों को संयोजित करने वाले एक व्यापक ढाँचे की आवश्यकता है।
UPSC मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्नप्रश्न (UPSC CSE Mains 2023, GS-II):भारत के वैश्विक हितों की रक्षा में समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) का क्या महत्त्व है? हिंद महासागर क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के संदर्भ में भारत द्वारा अपनाई गई समुद्री रणनीति का परीक्षण कीजिए। (15 अंक) UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्नप्रश्न (UPSC Prelims 2022):निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों |
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