//php print_r(get_the_ID()); ?>
Lokesh Pal
July 24, 2026 05:30
4
0
नाटो (NATO) के अंकारा शिखर सम्मेलन (2026) में गठबंधन ने सामूहिक रक्षा (Collective Defence) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, रक्षा व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि का निर्णय लिया, यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन जारी रखा तथा एक सुदृढ़ यूरोपीय रक्षा औद्योगिक आधार (Defence Industrial Base – DIB) के विकास को प्राथमिकता दी।
इन घटनाक्रमों का भारत की रक्षा तैयारियों, रक्षा खरीद तथा आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
जनरल इलेक्ट्रिक एयरोस्पेस (GE Aerospace) द्वारा एलसीए तेजस (LCA Tejas) कार्यक्रम के लिए F-404 लड़ाकू विमान इंजन की आपूर्ति में हुई देरी यह दर्शाती है कि वैश्विक मांग बढ़ने से भारत की रक्षा उत्पादन समय-सीमा प्रभावित हो सकती है।
नाटो का अंकारा शिखर सम्मेलन यह दर्शाता है कि बढ़ते रक्षा व्यय और औद्योगिक विस्तार के कारण वैश्विक रक्षा बाजार अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। भारत के लिए यह बदलता भू-राजनीतिक परिदृश्य आत्मनिर्भरता, स्वदेशी रक्षा विनिर्माण तथा उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियों में निवेश की आवश्यकता को और अधिक महत्त्वपूर्ण बनाता है, जिससे दीर्घकालिक रणनीतिक स्वायत्तता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (UPSC CSE Mains 2020, GS Paper-II)प्रश्न : भारत की ‘रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy)’ की अवधारणा का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न (UPSC CSE Prelims 2023)प्रश्न : निम्नलिखित देशों में से कौन-सा/से उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) का सदस्य/सदस्य हैं?
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : (a) केवल 1 उत्तर: (b) केवल 1 और 2 |
<div class="new-fform">
</div>

Latest Comments