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Lokesh Pal
July 25, 2026 05:15
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वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने की भारत की महत्त्वाकांक्षा के बावजूद, महिला कार्य सहभागिता दर वैश्विक स्तर पर अभी भी सबसे कम बनी हुई है। उच्च आर्थिक विकास को बनाए रखने, उत्पादकता बढ़ाने और समावेशी विकास हासिल करने के लिए महिलाओं के रोजगार परिदृश्य में सुधार की आवश्यक है।
विकसित भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार, शिक्षा, कौशल और सुरक्षित कार्यस्थलों तक व्यापक पहुँच के माध्यम से महिलाओं की उत्पादक क्षमता का उपयोग करना आवश्यक है। महिला कार्य सहभागिता में निरंतर सुधार न केवल समावेशी विकास के लिए बल्कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता और सामाजिक विकास को सुदृढ़ करने के लिए भी आवश्यक है।
UPSC मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्नप्रश्न (UPSC CSE Mains 2023, GS-I):भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण की प्रक्रिया में कार्यबल में उनकी भागीदारी की भूमिका का परीक्षण कीजिए। महिला श्रम बल भागीदारी को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का भी विश्लेषण कीजिए। (15 अंक) UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्नप्रश्न (UPSC Prelims 2019):भारत के संविधान के राज्य के नीति-निदेशक तत्त्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. राज्य पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान रूप से आजीविका के पर्याप्त साधन सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। 2. राज्य पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से संविधान के अनुच्छेद 39 के अंतर्गत राज्य के नीति-निदेशक तत्त्वों में सम्मिलित है/हैं? (a) केवल 1 उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों |
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