100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

भूल जाने का अधिकार (Right to Be Forgotten – RTBF)

Lokesh Pal April 20, 2026 05:00 25 0

संदर्भ:

एक वित्तीय पत्रकार ने दिल्ली की एक अदालत के उस ‘गैग आदेश’ को चुनौती दी है, जिसमें स्टर्लिंग बायोटेक बैंक धोखाधड़ी मामले से संबंधित रिपोर्टों को हटाने और सर्च इंजन से डि-इंडेक्स करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला भूल जाने के अधिकार (RTBF) और प्रेस की स्वतंत्रता के बीच तनाव को उजागर करता है।

मुख्य अवधारणाएँ — डिजिटल स्थायित्व बनाम RTBF

  • डिजिटल स्थायित्व: डिजिटल युग से पहले, भौतिक रिकॉर्ड समय के साथ स्वाभाविक रूप से “मिट” जाते थे, लेकिन इंटरनेट पर पुरानी, नकारात्मक या गलत जानकारी अनिश्चितकाल तक उपलब्ध रहती है।
  • RTBF की परिभाषा: यह वह अधिकार है जिसके तहत किसी व्यक्ति से संबंधित पुराना, अप्रासंगिक या हानिकारक डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाया, डि-इंडेक्स या सीमित किया जा सकता है।
  • सूचनात्मक आत्म-निर्धारण: RTBF व्यक्तियों को अपने डेटा पर नियंत्रण प्रदान करता है, ताकि अतीत के “डिजिटल निशान” जीवनभर के मानसिक आघात का कारण न बनें या आपराधिक पुनर्वास में बाधा न डालें।

वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाएँ और विकास

  • यूरोपीय संघ (GDPR): कोस्टेजा मामले (Google Spain) के बाद, GDPR के अनुच्छेद 17 में “मिटाने के अधिकार” को विधिक रूप प्रदान किया गया, हालाँकि इसमें पत्रकारिता और जनहित से संबंधित डेटा को शामिल नहीं किया गया है।
  • कनाडा (2023–2025): संघीय न्यायालय ने यह पुष्टि की कि सर्च इंजन गोपनीयता कानूनों (PIPEDA) के अंतर्गत आते हैं। वर्ष 2025 में, गोपनीयता आयुक्त ने विशिष्ट नुकसान-आधारित मामलों में डि-इंडेक्सिंग के सीमित अधिकार को बरकरार रखा।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका (कैलिफोर्निया): यह वर्ष 2015 के ऑनलाइन इरेज़र कानून (Online Eraser Law), जो नाबालिगों के लिए था, से विकसित होकर वर्ष 2023 के डिलीट अधिनियम (DELETE Act) तक पहुँचा, जो वयस्कों को डेटा ब्रोकरों से अपना डेटा हटाने का अनुरोध करने की अनुमति प्रदान करता है।
  • यूके और जापान: व्यक्तिगत गोपनीयता और जनता के जानने के अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए एक संतुलन परीक्षण (Balancing Test) लागू करते हैं।

भारतीय कानूनी ढाँचा और न्यायिक प्रवृत्ति

  • संवैधानिक आधार: यह अनुच्छेद 21 के अंतर्गत निजता के अधिकार (K.S. पुट्टस्वामी मामला, 2017) से उत्पन्न होता है। इसे अनुच्छेद 19 (प्रेस की स्वतंत्रता) के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।
  • वैधानिक कानून:
    • DPDP अधिनियम 2023: यह डेटा मिटाने के अधिकार (Right to Erasure) का प्रावधान करता है, हालाँकि इसका मीडिया अभिलेखों (Media Archives) पर अनुप्रयोग अभी भी अस्पष्ट है।
    • IT नियम 2021: मध्यस्थों को 24–36 घंटे के भीतर हानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश देते हैं।

  • झूलती (Swinging)” न्यायिक प्रवृत्ति:
    • प्रथम चरण: “अकेले रहने के अधिकार” (आर. राजगोपालन, 1994) को मान्यता दी गई।
    • मध्य चरण: सार्वजनिक रिकॉर्ड और पारदर्शिता को प्राथमिकता (धर्मराज मामला, 2017) दी गई।
    • हालिया प्रवृत्ति:
      • न्यायालयों ने गरिमा की रक्षा के लिए वैवाहिक विवादों (सर्वोच्च न्यायालय, 2022) में नामों के संशोधन (हटाने) और दोषमुक्ति के बाद बलात्कार मामलों (हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, 2024) में पहचान को गोपनीय रखने के आदेश दिए हैं।

चुनौतियाँ और जोखिम

  • इतिहास की दोष या गलतियों को छिपाना (Whitewashing History): आलोचकों को डर है कि “डिजिटल पुस्तक-जलाना” (Digital Book-Burning) जैसी स्थिति उत्पन्न होगी, जिसमें वित्तीय धोखाधड़ी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड मिटा दिए जाएंगे, जिससे भविष्य में उचित/सही जाँच -पड़ताल (Due Diligence) करना संभव नहीं रहेगा।
  • SLAPP मुकदमे और “जॉन डो” जाल: बड़ी कंपनियाँ सार्वजनिक भागीदारी के विरुद्ध रणनीतिक मुकदमों (Strategic Lawsuits Against Public Participation—SLAPP) का उपयोग करती हैं—अक्सर “अज्ञात व्यक्तियों” (John Doe) के विरुद्ध —ताकि पत्रकारों को बिना निष्पक्ष सुनवाई के चुप कराया जा सके।
  • समझौता बनाम निर्दोषता: “भूल जाने का अधिकार” (RTBF) का बढ़ते हुए उपयोग में यह प्रवृत्ति देखी जा रही है कि कानूनी समझौते को “निर्दोषता का प्रमाण” मान लिया जाता है, जिससे सार्वजनिक रिकॉर्ड भ्रामक हो सकता है।
  • स्ट्राइज़ैंड प्रभाव: जानकारी को छिपाने की कोशिश अक्सर जनता की जिज्ञासा को और बढ़ा देती है, जिससे वह उस स्थिति से अधिक वायरल हो जाती है जितनी वह बिना छेड़े रहने पर होती।

आगे की राह

डिजिटल संवैधानिकता के लिए संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है:

  • स्वतंत्र न्यायनिर्णयन: डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB) को RTBF (भूल जाने का अधिकार) से जुड़े दावों को संभालना चाहिए, ताकि स्थानीय दीवानी अदालतों द्वारा असंगत “गैग ऑर्डर” (प्रकाशन निषेध आदेश) जारी होने से बचा जा सके।
  • हटाने /डिलीट करने के बजाय डी-इंडेक्सिंग: सामग्री को हटाने के बजाय उसे खोज योग्य न रहने देने (डी-इंडेक्सिंग) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जबकि मूल रिपोर्ट को पत्रकारिता अभिलेखागार में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
  • जनहित अपवाद: जनता के धन, स्वास्थ्य या सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को हटाने के अनुरोधों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
  • प्राकृतिक न्याय: अदालतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सामग्री हटाने के आदेश लागू करने से पहले मीडिया संस्थानों को पूर्व सूचना दी जाए, ताकि मनमाने तथा अनुचित सेंसरशिप से बचा जा सके।

निष्कर्ष

भूल जाने का अधिकार (RTBF) डिजिटल युग में व्यक्तिगत गरिमा की रक्षा के लिए आवश्यक है, लेकिन इसे पारदर्शिता को कमजोर नहीं करना चाहिए। व्यक्ति की स्थिति (सार्वजनिक बनाम निजी) और जानकारी की प्रकृति पर आधारित एक संतुलित परीक्षण आवश्यक है, ताकि गोपनीयता की रक्षा भी हो और सार्वजनिक इतिहास को मिटाया भी न जाए।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: भूल जाने का अधिकार (Right to Be Forgotten) सूचनात्मक आत्म-निर्धारण और प्रेस की स्वतंत्रता के जटिल अंतर्संबंध पर कार्य करता है। हाल के न्यायिक निर्णयों के संदर्भ में समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए कि क्या भारत को ‘गैग आदेशों’ के माध्यम से RTBF के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक वैधानिक संतुलन परीक्षण की आवश्यकता है।

 (15 अंक, 250 शब्द)

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.