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Lokesh Pal
April 20, 2026 05:00
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एक वित्तीय पत्रकार ने दिल्ली की एक अदालत के उस ‘गैग आदेश’ को चुनौती दी है, जिसमें स्टर्लिंग बायोटेक बैंक धोखाधड़ी मामले से संबंधित रिपोर्टों को हटाने और सर्च इंजन से डि-इंडेक्स करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला भूल जाने के अधिकार (RTBF) और प्रेस की स्वतंत्रता के बीच तनाव को उजागर करता है।


डिजिटल संवैधानिकता के लिए संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है:
भूल जाने का अधिकार (RTBF) डिजिटल युग में व्यक्तिगत गरिमा की रक्षा के लिए आवश्यक है, लेकिन इसे पारदर्शिता को कमजोर नहीं करना चाहिए। व्यक्ति की स्थिति (सार्वजनिक बनाम निजी) और जानकारी की प्रकृति पर आधारित एक संतुलित परीक्षण आवश्यक है, ताकि गोपनीयता की रक्षा भी हो और सार्वजनिक इतिहास को मिटाया भी न जाए।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: भूल जाने का अधिकार (Right to Be Forgotten) सूचनात्मक आत्म-निर्धारण और प्रेस की स्वतंत्रता के जटिल अंतर्संबंध पर कार्य करता है। हाल के न्यायिक निर्णयों के संदर्भ में समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए कि क्या भारत को ‘गैग आदेशों’ के माध्यम से RTBF के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक वैधानिक संतुलन परीक्षण की आवश्यकता है। (15 अंक, 250 शब्द) |
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