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Lokesh Pal
June 03, 2026 05:00
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केंद्र सरकार ने मई 2026 में आगामी संसद सत्र की प्रतीक्षा करने के बजाय एक अध्यादेश जारी करके सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश संख्या में वृद्धि की। इस कदम ने अनुच्छेद 123 के दुरुपयोग तथा कानून-निर्माण प्रक्रिया में संसद की घटती भूमिका को लेकर चिंताओं को पुनः जीवित कर दिया है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: अध्यादेश मार्ग का नियमित उपयोग तथा विधायी जाँच को दरकिनार करना भारत के संसदीय लोकतंत्र में गहरे संस्थागत क्षरण को दर्शाता है। विश्लेषण कीजिए। संसद की विचार-विमर्शात्मक क्षमता को पुनर्स्थापित करने हेतु आवश्यक संरचनात्मक सुधारों का सुझाव दीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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