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Lokesh Pal
May 13, 2026 05:00
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भारत का जल संकट मुख्य रूप से एक संस्थागत और शासन-संबंधी चुनौती है, न कि प्राकृतिक आपूर्ति की कमी; क्योंकि देश में प्रतिवर्ष पर्याप्त वर्षा होती है।
फाल्कनमार्क संकेतक (Falkenmark Indicator) के अनुसार जिन देशों में प्रति व्यक्ति वार्षिक जल उपलब्धता 1700 घन मीटर से कम होती है, उन्हें जल-संकटग्रस्त (water-stressed) माना जाता है। भारत में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता घटकर लगभग 1400 घन मीटर हो गई है, जो गंभीर जल संकट को दर्शाती है।
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