प्रश्न की मुख्य माँग
- भारत जैसे विकासशील देशों के लिए इसके निहितार्थ।
- आगे की राह।
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उत्तर
परिचय
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आर्थिक विकास एवं रणनीतिक शक्ति के प्रमुख प्रेरक के रूप में उभर रही है। किंतु उन्नत AI क्षमताओं का कुछ देशों एवं कंपनियों तक सीमित रहना, विशेषकर भारत जैसे विकासशील देशों के लिए, प्रौद्योगिकीय असमानताओं को और अधिक बढ़ाने का जोखिम उत्पन्न करता है।
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भारत जैसे विकासशील देशों के लिए निहितार्थ
- प्रौद्योगिकीय निर्भरता: विदेशी AI मॉडलों पर निर्भरता रणनीतिक स्वायत्तता को कम करती है तथा देशों को एकतरफा प्रतिबंधों के प्रति संवेदनशील बनाती है।
- उदाहरण: अमेरिका द्वारा एन्थ्रोपिक (Anthropic) के मिथोस (Mythos) एवं फेबल (Fable) मॉडलों तक पहुँच नियंत्रित करने से उन पर निर्भर कंपनियाँ प्रभावित हुईं।
- नवाचार अंतराल: कंप्यूटिंग क्षमता एवं कुशल मानव संसाधन तक सीमित पहुँच विकसित एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के मध्य नवाचार संबंधी अंतराल को और बढ़ाती है।
- उदाहरण: यूएन प्रीलिमिनरी रिपोर्ट ऑफ द इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल ऑन एआई (UN Preliminary Report of the Independent International Scientific Panel on AI) के अनुसार कंप्यूट, बिजली एवं पूँजी ग्लोबल साउथ के लिए प्रमुख बाधाएँ हैं।
- विनियामक चुनौती: विकासशील देशों के लिए ऐसी AI प्रणालियों का प्रभावी विनियमन कठिन है, जो उनकी घरेलू तकनीकी क्षमताओं से कहीं अधिक उन्नत हैं।
- आर्थिक बहिष्करण: AI आधारित उत्पादकता लाभ एवं मूल्य सृजन उन्नत अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित रह सकते हैं, जिससे विकास संबंधी असमानताएँ बढ़ सकती हैं।
- सूचना संबंधी जोखिम: अनियंत्रित AI डीपफेक एवं साइबर खतरों को बढ़ावा देकर जन-विश्वास तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर सकता है।
आगे की राह
- स्वदेशी AI को सुदृढ़ करना: कंप्यूट अवसंरचना, अनुसंधान एवं नवाचार में निवेश के माध्यम से घरेलू AI क्षमताओं को मजबूत किया जाए।
- उदाहरण: इंडियाएआई मिशन (IndiaAI Mission), 2024 एआई कंप्यूट, डेटासेट एवं स्टार्ट-अप्स के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- वैश्विक शासन: ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करने वाले समावेशी अंतरराष्ट्रीय AI शासन का समर्थन किया जाए।
- उदाहरण: भारत ने ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) की उत्तरदायी AI संबंधी पहलों का समर्थन किया है।
- डिजिटल अवसंरचना: सुरक्षित AI विकास के लिए संप्रभु डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का विस्तार किया जाए।
- उदाहरण: इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत इंडियाएआई कंप्यूट उच्च-क्षमता वाले GPU तक पहुँच उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखता है।
- उत्तरदायी विनियमन: नवाचार, जवाबदेही एवं उपयोगकर्ता संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु जोखिम-आधारित AI शासन विकसित किया जाए।
- उदाहरण: इंडियाएआई मिशन का सेफ एंड ट्रस्टेड एआई पिलर (Safe and Trusted AI Pillar) नैतिक एवं उत्तरदायी AI विकास को बढ़ावा देता है।
- प्रतिभा विकास: शिक्षा, कौशल विकास एवं अनुसंधान सहयोग के माध्यम से सशक्त AI कार्यबल तैयार किया जाए।
- उदाहरण: इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स पिलर एआई शिक्षा, पुनः कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण पर केंद्रित है।
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निष्कर्ष
उभरती हुई AI असमानताओं को कम करने के लिए भारत को स्वदेशी नवाचार, समावेशी वैश्विक सहयोग एवं उत्तरदायी विनियमन का समन्वय करना होगा। संप्रभु AI क्षमताओं का विकास तथा AI तक समान पहुँच सुनिश्चित करके कृत्रिम बुद्धिमत्ता को प्रौद्योगिकीय निर्भरता के बजाय समावेशी विकास का साधन बनाया जा सकता है।