प्रश्न की मुख्य माँग
- सांस्कृतिक कूटनीति वैश्विक विश्वास (Global Trust) को किस प्रकार बढ़ावा देती है ?
- सांस्कृतिक कूटनीति सामाजिक एकजुटता को किस प्रकार बढ़ावा देती है?
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उत्तर
प्रस्तावना
सॉफ्ट पॉवर, किसी राष्ट्र की वह क्षमता है, जिसके माध्यम से वह बल प्रयोग के बजाय अपनी संस्कृति, मूल्यों और विचारों के जरिए दूसरों को प्रभावित करता है। भारत के प्राचीन ज्ञान में निहित ‘योग‘, एक वैश्विक सांस्कृतिक सेतु के रूप में उभरा है, जो विश्वास, शांति और सामूहिक कल्याण को बढ़ावा देता है।
सांस्कृतिक कूटनीति वैश्विक विश्वास को किस प्रकार बढ़ावा देती है ?
- साझा मूल्य: योग शांति, सद्भाव और संतुलन जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को बढ़ावा देता है, जो राजनीतिक सीमाओं से परे राष्ट्रों के बीच एक भावनात्मक विश्वास उत्पन्न करते हैं।
- उदाहरण: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने वर्ष 2014 में 177 देशों के समर्थन के साथ 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ (International Day of Yoga) के रूप में अपनाया, जो भारत के सभ्यतागत मूल्यों में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
- शांति का परिप्रेक्ष्य: योग, भारत को सामरिक प्रभुत्व के बजाय शांति, कल्याण और अहिंसा से जुड़े राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है।
- उदाहरण: प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2015 की थीम “योगा फॉर हार्मोनी एंड पीस (Yoga for Harmony and Peace)” थी, और वर्ष 2018 की थीम “योगा फॉर पीस (Yoga for Peace)” थी।
- सभ्यतागत सम्मान: सांस्कृतिक कूटनीति भारत की विरासत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सद्भावना और नागरिक संबंधों को मजबूती मिलती है।
- उदाहरण: 69वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत के प्रधानमंत्री ने योग को “भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार” बताया, जिससे इसे व्यापक वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई।
- स्वास्थ्य सहयोग: योग वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग, विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य और निवारक स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से विश्वास उत्पन्न करता है।
- उदाहरण: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पारंपरिक स्वास्थ्य दृष्टिकोणों का समर्थन किया है, वहीं भारत आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) के माध्यम से विभिन्न देशों में योग को बढ़ावा दे रहा है।
- प्रवासी संपर्क: योग भारतीय प्रवासियों और विदेशी समाजों के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत करता है, जिससे दीर्घकालिक विश्वास तंत्र बेहतर होते हैं।
- उदाहरण: भारतीय दूतावास वैश्विक स्तर पर ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस‘ के कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिनमें प्रवासी समुदायों और स्थानीय नागरिकों दोनों को शामिल किया जाता है।
सांस्कृतिक कूटनीति, सामाजिक एकजुटता को किस प्रकार बढ़ावा देती है?
- तनाव में कमी: योग सजगता (माइंडफुलनेस) और भावनात्मक नियंत्रण में सुधार करता है, जिससे व्यक्तियों को तनाव प्रबंधन करने और ध्रुवीकृत समाजों में शांतिपूर्ण ढंग से प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।
- उदाहरण: आयुष मंत्रालय द्वारा चलाए गए ‘माय लाइफ, माय योगा’ (My Life, My Yoga) अभियान (2020) ने कोविड-संबंधित तनाव और चिंता को कम करने के लिए घर पर योग को बढ़ावा दिया।
- सामाजिक सद्भाव : सामूहिक योग अभ्यास, वर्ग, धर्म और राष्ट्रीयता से परे साझा अनुभव विकसित करता है, जिससे सामाजिक विभाजन कम होते हैं।
- उदाहरण: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2023 में 23 करोड़ से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जहाँ सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित सामूहिक योग सत्रों ने विभिन्न समुदायों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।
- समावेशी पहचान: योग एक गैर-सांप्रदायिक और सार्वभौमिक अभ्यास प्रदान करता है, जो बिना किसी सांस्कृतिक बहिष्कार के एकता स्थापित करने में मदद करता है।
- उदाहरण: वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित करने संबंधी प्रस्ताव को 177 सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त हुआ।
- संघर्ष का समाधान: योग आंतरिक शांति, धैर्य और संवाद को बढ़ावा देकर संघर्ष-प्रवण समाजों में भावनात्मक उपचार का समर्थन करता है।
निष्कर्ष
तेजी से विभाजित होती दुनिया में, योग भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्वास और एकजुटता के एक वैश्विक साधन के रूप में परिवर्तित करता है। आंतरिक शांति को अंतरराष्ट्रीय सद्भाव से जोड़कर, सांस्कृतिक कूटनीति ‘सॉफ्ट पॉवर‘ को स्थायी शांति और साझा मानवता के कल्याण हेतु एक निर्णायक शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित करती है।