Q. राज्यसभा के सभापति के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द)

April 24, 2026

GS Paper IIIndian Polity

प्रश्न की मुख्य माँग

  • राज्यसभा के सभापति के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति की भूमिका का वर्णन कीजिए।
  • राज्यसभा की अध्यक्षता करते समय उपराष्ट्रपति द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को रेखांकित कीजिए।

उत्तर

भारत के उपराष्ट्रपति भारतीय संविधान के अनुच्छेद-64 के तहत राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। यह दोहरी भूमिका, जो अनुच्छेद-89 और 90 में वर्णित है, उपराष्ट्रपति को उच्च सदन की कार्यवाही संचालित करने और सदन में व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व देती है।

मुख्य भाग

राज्यसभा के सभापति के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति की भूमिका

  • सत्रों की अध्यक्षता: सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन करते हैं, सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करते हैं, शिष्टाचार बनाए रखते हैं और व्यवधानों को नियंत्रित करते हैं।
  • शपथ दिलाना: सभापति नव-निर्वाचित राज्यसभा सदस्यों को पद की शपथ दिलाकर औपचारिक रूप से सदन में शामिल करते हैं।
    • उदाहरण: अनुच्छेद-99 संसद सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है।
  • निर्णायक मत: अनुच्छेद-100(1) के तहत सभापति सामान्यतः मतदान नहीं करते, लेकिन मतों की समानता की स्थिति में निर्णायक मत देते हैं।
  • विधेयकों और विषयों को समितियों को भेजना: सभापति विधेयकों और अन्य मामलों को संसदीय समितियों के पास विस्तृत जाँच और सुझावों के लिए भेजते हैं।
  • चर्चा और वाद-विवाद को सुगम बनाना: सभापति यह सुनिश्चित करते हैं कि सदस्यों को बोलने के लिए उचित समय आवंटित हो, जिससे स्वस्थ बहस और विचार-विमर्श को बढ़ावा मिले।
  • सदस्यों के विशेषाधिकारों की रक्षा: सभापति राज्यसभा सदस्यों के संसदीय विशेषाधिकारों की सुरक्षा करते हैं और उनके अधिकारों का हनन नहीं होने देते हैं।

राज्यसभा की अध्यक्षता करते समय उपराष्ट्रपति के समक्ष चुनौतियाँ

  • बार-बार व्यवधान और उत्पादकता में कमी: बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण के कारण नारेबाजी, स्थगन और सदस्यों के निलंबन जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे विधायी कार्य प्रभावित होता है।
    • उदाहरण: वर्ष 2023 के शीतकालीन सत्र में सांसदों के सामूहिक निलंबन के कारण बार-बार कार्यवाही स्थगित हुई।
  • पक्षपात के आरोप: विपक्षी दल अक्सर नोटिस, बहस या प्रक्रियात्मक निर्णयों पर सभापति की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं, जिससे पद की गरिमा पर दबाव पड़ता है।
    • उदाहरण: वर्ष 2022 में नियम 267 नोटिस खारिज किए जाने पर विपक्ष की आलोचना।
  • अनुशासनात्मक सीमाएँ: दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय में देरी प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दर्शाती है।
  • नियम 267 से जुड़े विवाद: सूचीबद्ध कार्यवाही को स्थगित करने की बार-बार माँग से प्रक्रियात्मक तनाव और राजनीतिक टकराव बढ़ता है।
    • उदाहरण: वर्ष 2021–23 के मानसून सत्रों में पेगासस/मणिपुर मुद्दों पर बहस की माँग को लेकर बार-बार स्थगन हुआ।
  • सरकारी एजेंडा और विपक्ष के अधिकारों में संतुलन: समय की सीमाओं के बीच विधेयकों के पारित होने और पर्याप्त चर्चा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण होता है।
    • उदाहरण: जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के दौरान तीव्र प्रक्रियात्मक विवाद देखने को मिले।

Vice-President of India

निष्कर्ष

राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति सुचारू विधायी कार्य सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालाँकि, बढ़ती चुनौतियों का प्रभावी समाधान करने और सदन में व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजबूत नेतृत्व, संसदीय मानदंडों का पालन और निष्पक्ष निर्णय-प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है।

Discuss the role of the Vice-President of India as the Chairman of the Rajya Sabha. in hindi

Explore UPSC Foundation Course

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.