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उत्तर:
दृष्टिकोण:
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प्रस्तावना:
103वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 एक ऐतिहासिक विधान है जिसने भारतीय संविधान में सकारात्मक कार्रवाई प्रदान करने के तरीके को फिर से परिभाषित किया है। यह अधिनियम सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान करता है। यह एससी, एसटी और ओबीसी के लिए मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त है।
मुख्य विषयवस्तु:
103वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 की विशेषताएं:
भारतीय समाज में समता प्राप्त करने में 103वें संविधान संशोधन अधिनियम का महत्व अभी भी देखा जाना बाकी है। हालाँकि, यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि सभी भारतीयों को उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना सफल होने का समान अवसर मिले।
103वें संविधान संशोधन अधिनियम के कुछ संभावित लाभ:
निष्कर्ष:
103वां संविधान संशोधन अधिनियम एक महत्वपूर्ण विधान है जो भारतीय समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। हालाँकि, इस अधिनियम की संभावित कमियों से अवगत होना और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि इसे निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से लागू किया जाए।
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