संदर्भ
अवॉयडेंट/ रिस्ट्रिक्टिव फूड इंटेक डिसऑर्डर (ARFID) भारत में बढ़ते बाल मामलों तथा पारंपरिक भोजन विकारों से परे कुपोषण के मनोवैज्ञानिक कारणों की बढ़ती पहचान के कारण ध्यान आकर्षित कर रहा है।
संबंधित तथ्य
- वर्ष 2013 में इसे अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन द्वारा डायग्नोस्टिक एंड स्टैटिस्टिकल मैनुअल ऑफ़ मेंटल डिसऑर्डर्स (DSM-5) में औपचारिक रूप से मान्यता प्रदान की गई।
चयनात्मक भोजन व्यवहार या ‘पिकी ईटिंग’के बारे में
- पिकी ईटिंग (Picky Eating) एक सामान्य, प्रायः अस्थायी व्यवहार को संदर्भित करता है, विशेषकर बच्चों में, जिसमें व्यक्ति कुछ खाद्य पदार्थों के प्रति चयनात्मक रुचि दिखाते हैं और अन्य से परहेज करते हैं, परंतु इससे कोई महत्त्वपूर्ण पोषण से संबंधित कमी या कार्यात्मक बाधा उत्पन्न नहीं होती है।
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अवॉयडेंट/ रिस्ट्रिक्टिव फूड इंटेक डिसऑर्डर (ARFID) के बारे में
- अवॉयडेंट/ रिस्ट्रिक्टिव फूड इंटेक डिसऑर्डर (ARFID) एक मानसिक स्वास्थ्य-संबंधित भोजन विकार है, जिसकी विशेषता सीमित खाद्य सेवन है।
- शारीरिक छवि से प्रेरित नहीं: यह शारीरिक स्वरूप या वजन बढ़ने की शंका से प्रेरित नहीं होता है।
- स्वास्थ्य संबंधी परिणाम: इससे महत्त्वपूर्ण वजन का घटाव, पोषण की कमी, बच्चों में वृद्धि अवरोध तथा सामाजिक/शैक्षणिक कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न होती है।
- चयनात्मक भोजन व्यवहार से भिन्नता: इसकी गंभीरता और स्वास्थ्य परिणामों के कारण यह सामान्य पिकी ईटिंग (Picky Eating) से भिन्न है।
- प्रभावित जनसंख्या: यह बच्चों और वयस्कों दोनों को प्रभावित कर सकता है।
कारण
- यद्यपि इस विकार का सटीक कारण अज्ञात है, तथापि अनुसंधान से ज्ञात होता है कि
- संवेदी विरक्ति: विशिष्ट प्रकार के पके भोजन की, गंध या स्वरूप के प्रति अरुचि उत्पन्न होना।
- भय-आधारित परिहार: घुटन या उल्टी जैसे हानिकारक परिणामों का भय।
- आनुवंशिक कारक: भोजन से संबंधित विकारों का पारिवारिक इतिहास।
- मनोसामाजिक प्रभाव: सामाजिक, सांस्कृतिक तथा पर्यावरणीय कारक।
- आघातजन्य अनुभव: पूर्व घटनाएँ जैसे खाद्य असुरक्षा, घुटन, जबरन भोजन कराना या गंभीर बीमारी का होना।
ARFID का उपचार
- मनोवैज्ञानिक उपचार: मनोवैज्ञानिक उपचार, विशेषकर संज्ञानात्मक-व्यवहारात्मक दृष्टिकोण, व्यक्तियों को धीरे-धीरे और सुरक्षित रूप से नए खाद्य पदार्थ का सेवन करने, चिंता का प्रबंधन करने तथा भोजन करने के प्रति सकारात्मक अनुभव विकसित करने में सहायता करते हैं।
- परिवार की भूमिका: ARFID से ग्रस्त व्यक्ति की सहायता में परिवार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
- परिवार को धैर्य एवं शांति के साथ और सहायक बने रहना चाहिए।
- नए खाद्य पदार्थों को क्रमिक रूप से शामिल करना : बिना किसी दबाव या चिंता के नए खाद्य पदार्थों को धीरे-धीरे शामिल करना।
- भोजन के समय सकारात्मक वातावरण: पुनार्स्थिति को नियमित करने हेतु, शांत के साथ और भोजन के समय तनाव मुक्त दिनचर्या को बनाए रखना।
- व्यावसायिक सहायता आवश्यक- ग्रैजुअल फूड एक्सपैंशन: पोषण सेवन में सुधार के लिए खाद्य पदार्थों की विविधता में धीरे-धीरे वृद्धि करना।
- बहु-विषयक दृष्टिकोण: मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, चिकित्सकों और पोषण विशेषज्ञों/आहार विशेषज्ञों की टीम को मिलकर कार्य करना, ताकि व्यक्ति में सुधार हो तथा उस सुधार को निरंतर बनाए रखा जा सके।
- निरंतर निगरानी: दीर्घकालिक पुनर्प्राप्ति हेतु और पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सतत् समर्थन करना।
अन्य भोजन विकारों से भिन्नता
| तुलना का आधार |
ARFID (परिहारक/प्रतिबंधात्मक खाद्य सेवन विकार) |
एनोरेक्सिया नर्वोसा |
बुलिमिया नर्वोसा |
| प्राथमिक उद्देश्य |
संवेदी समस्याओं, घुटन/उल्टी के भय या भोजन में रुचि की कमी के कारण परिहार |
वजन बढ़ने का तीव्र भय |
वजन बढ़ने के भय के साथ बार-बार अत्यधिक भोजन सेवन |
| शारीरिक छवि विकृति |
❌ अनुपस्थित |
✔ उपस्थित |
✔ उपस्थित |
| वजन/आकृति के प्रति चिंता |
❌ कोई चिंता नहीं |
✔ अत्यधिक चिंता |
✔ अत्यधिक चिंता |
| भोजन पैटर्न |
अत्यधिक भोजन के बिना प्रतिबंधात्मक सेवन |
गंभीर कैलोरी प्रतिबंध |
अत्यधिक भोजन सेवन के बाद शुद्धिकरण |
| शुद्धिकरण व्यवहार |
❌ अनुपस्थित |
कुछ प्रकारों में उपस्थित हो सकता है। |
✔ सामान्य (उल्टी, रेचक दवाएँ आदि)। |
| वजन स्थिति |
कम वजन या सामान्य |
अधिकांश मामलों में अत्यधिक कम वजन। |
प्रायः सामान्य वजन। |
| स्वास्थ्य प्रभाव |
पोषण की कमी, वृद्धि अवरोध |
गंभीर कुपोषण, हार्मोनल असंतुलन |
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, दंत क्षरण। |