संदर्भ
केंद्र सरकार ने सरकार की ₹1 लाख करोड़ की RDI पहल के अंतर्गत ₹2,000 करोड़ के BIRAC–RDI फंड के तहत प्रस्तावों के लिए पहली राष्ट्रीय घोषणा की है।
संबंधित तथ्य
- सरकार की ₹1 लाख करोड़ की आरडीआई पहल के अंतर्गत ₹2,000 करोड़ की वित्तपोषण व्य१वस्था का उद्देश्य उच्च-प्रभाव वाले जैव-प्रौद्योगिकी नवाचारों का समर्थन करना है।
- भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, जो वर्ष 2014 में 10 अरब डॉलर से बढ़कर वर्ष 2024 में 165.7 अरब डॉलर हो गई है, और वर्ष 2030 तक 300 अरब डॉलर तक पहुँचने का लक्ष्य रखती है।
बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) के बारे में
- यह भारत सरकार के जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
- इसे जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने, समर्थन करने और पोषित करने के लिए स्थापित किया गया था, जिसमें स्टार्ट-अप्स, SMEs और प्रारंभिक चरण की बायोटेक कंपनियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
|
BIRAC–RDI फंड के बारे में
- BIRAC–RDI फंड का अर्थ है-बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल – रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड।
- BIRAC–RDI फंड व्यापक राष्ट्रीय RDI पहल का हिस्सा है, जिसे जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के अंतर्गत अनुमोदित किया गया था।
- नवंबर 2025 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तत्त्वावधान में लॉन्च किया गया।
- वित्त प्रबंधक: बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC)
- उद्देश्य
- प्रारंभिक चरण के बायोटेक नवाचारों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- बायोटेक और जीवन विज्ञान में उद्यमिता को बढ़ावा देना।
- सस्ती स्वास्थ्य सेवा, कृषि और औद्योगिक बायोटेक समाधानों के विकास को प्रोत्साहित करना।
- भारत की जैव-अर्थव्यवस्था और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना।
- यह फंड इक्विटी, परिवर्तनीय ऋण उपकरणों और दीर्घकालिक ऋणों के संयोजन का उपयोग करते हुए टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (TRL) 4 से TRL 9 तक की तकनीकों के लिए सहायता प्रदान करेगा।
बायो E3 नीति के बारे में
- बायो E3 नीति अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव-प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों को बढ़ावा देती है, जिसका उद्देश्य नवाचार, सतत् औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ाना है।
- यह जैव-फार्मास्यूटिकल्स, बायोएनर्जी, बायो-मैन्युफैक्चरिंग और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान, स्टार्ट-अप्स और उद्योग सहयोग का समर्थन करती है।
ANRF के बारे में
- वैधानिक निकाय: अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन अधिनियम, 2023 के अंतर्गत स्थापित।
- ANRF देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को उच्च-स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने के लिए एक शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करता है।
- नोडल मंत्रालय: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय।
- पूर्ववर्ती: साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड (SERB) का स्थान लेता है।
- कार्य: शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं और उद्योगों में अनुसंधान एवं नवाचार को वित्तपोषित करना, बढ़ावा देना तथा समन्वय करना।
|
महत्त्व
- स्टार्ट-अप्स और अनुसंधान संस्थानों पर प्रभाव: इससे स्टार्ट-अप्स और अनुसंधान संस्थानों को प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट चरणों से बाजार हेतु तैयार उत्पादों तक स्थानांतरित होने में सहायता मिलने की अपेक्षा है।
- राष्ट्रीय नीति के साथ संरेखण: यह बायोE3 नीति के पूरक है, जो जैव-प्रौद्योगिकी-नेतृत्वित विकास का समर्थन करता है।
- प्रयोगशाला-से-उद्योग सेतु: यह फंड प्रयोगशाला प्रोटोटाइप से औद्योगिक अनुप्रयोग तक बायोटेक अनुसंधान के विस्तार पर केंद्रित है, जिससे भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्त्वपूर्ण अंतर को संबोधित किया जाता है।
- रणनीतिक प्रोत्साहन: यह भारत के वैश्विक जैव-प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता बनने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जो उसके IT-नेतृत्वित विकास पथ के समान है।