संदर्भ
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 14 वर्ष आयु की बालिकाओं को लक्षित करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण कार्यक्रम (Human Papillomavirus (HPV) Vaccination Programme) प्रारंभ करने जा रहा है।
संबंधित तथ्य
- 4 मार्च को अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के टीकाकरण पर रणनीतिक परामर्शदाता विशेषज्ञ समूह के अनुसार, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीका प्रकार 16 एवं 18 के विरुद्ध अत्यंत प्रभावी है, जो सर्वाइकल कैंसर के लगभग 70% मामलों का कारण बनते हैं।
- सिक्किम (2018): वर्ष 2018 में 9–14 वर्ष आयु की बालिकाओं को निःशुल्क गार्डासिल ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीका उपलब्ध कराने वाला भारत का प्रथम राज्य बना।
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV), 14 वर्ष आयु को टीकाकरण के लिए क्यों लक्षित किया जाता है?
- सुरक्षा हेतु उपयुक्त समय (ऑप्टिमल टाइमिंग फॉर प्रोटेक्शन)
- टीके ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संपर्क में आने से पूर्व सर्वाधिक प्रभावी होते हैं।
- 14 वर्ष की आयु में टीकाकरण करने से संभावित संक्रमण से समय के पूर्व ही सुरक्षा सुनिश्चित हो जाती है।
- यह दृष्टिकोण वैश्विक तथा भारतीय अध्ययनों द्वारा समर्थित है, जिनमें इस आयु वर्ग में सशक्त एवं दीर्घकालिक प्रतिरक्षा सुरक्षा प्रदर्शित की गई है।
राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी परामर्शदाता समूह)
- यह भारत सरकार के लिए टीका एवं प्रतिरक्षण नीति पर एक सर्वोच्च परामर्शदाता निकाय है।
- इसने देश के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) में HPV टीके को सम्मिलित करने की अनुशंसा की।
- 9–14 वर्ष आयु की बालिकाओं के लिए वनटाइम कैच-अप डोज/खुराक, तथा इसके पश्चात् 9 वर्ष की आयु से नियमित टीकाकरण आरंभ करने की सिफारिश की गई।
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HPV टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में
- लागत एवं पहुँच: टीकाकरण स्वैच्छिक तथा निःशुल्क होगा, जिससे सामाजिक-आर्थिक वर्गों में समान पहुँच सुनिश्चित होगी।
- क्रियान्वयन: HPV टीकाकरण केवल निर्दिष्ट सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा किया जाएगा, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला एवं जिला अस्पताल तथा सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय शामिल हैं।
- लक्षित समूह: 14 वर्ष आयु की किशोरियाँ।
- उद्देश्य: सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, जो भारतीय महिलाओं में दूसरा सर्वाधिक सामान्य कैंसर है (प्रतिवर्ष लगभग 80,000 नए मामले और 42,000 मृत्यु)।
- प्रयुक्त टीका: गार्डासिल (Gardasil), एक क्वाड्रिवेलेंट HPV टीका, जो HPV टाइप 16 और 18 (जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं) तथा साथ ही HPV टाइप 6 और HPV टाइप 11 से सुरक्षा प्रदान करता है।
- खुराक: उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य अनुशंसित आयु समूह में सिंगल डोज प्रोटेक्शन एवं पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- क्रय व्यवस्था: इसकी खरीद को गावी, वैक्सीन एलायंस (Gavi, the Vaccine Alliance) के माध्यम से सुरक्षित किया गया, जिससे गुणवत्ता और शीत-शृंखला मानकों की सुनिश्चितता होती है।
- वैश्विक परिप्रेक्ष्य: वर्तमान समय में 90 से अधिक देश सिंगल डोज HVP टीकाकरण लागू कर रहे हैं, जिससे HVP के संक्रमण तथा सर्वाइकल कैंसर की घटनाओं में कमी आई है।
- राष्ट्रीय तकनीकी प्रतिरक्षण सलाहकार समूह: भारत का दृष्टिकोण वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं, राष्ट्रीय रोग-भार के साक्ष्यों तथा टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (National Technical Advisory Group on Immunisation) की विशेषज्ञ सिफारिशों पर आधारित है।
HPV वैक्सीन/टीकों के प्रकार
साइन्सक्वाड्रिवेलेंट (गार्डासिल): HPV टाइप16, 18, 6 और 11 के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करता है (6 और 11 जननांग मस्सों का कारण बनते हैं)।
- बायवैलेंट (सर्वाइरिक्स): HPV 16 और 18 के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करता है।
- नॉनवैलेंट (गार्डासिल 9): HPV के 9 प्रकारों के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करता है।
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के बारे में
- ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) एक विषाणुजनित संक्रमण है, जो त्वचा-से-त्वचा के संपर्क के माध्यम से व्यक्तियों के मध्य फैलता है।
- HPV के 100 से अधिक टाइप/प्रकार हैं, जिनमें से 40 से अधिक यौन संपर्क के माध्यम से फैलते हैं और जननांगों, मुख या गले को प्रभावित कर सकते हैं।
- हालाँकि, HPV के कुछ प्रकार जननांग मस्सों तथा गर्भाशय ग्रीवा, गुदा और गले के कैंसर के विकास का कारण बन सकते हैं।
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सर्वाइकल कैंसर के बारे में
- परिचय: सर्वाइकल कैंसर कोशिकाओं की एक वृद्धि है, जो सर्वाइकल/गर्भाशय ग्रीवा में प्रारंभ होती है।
- सर्वाइकल/गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय का निचला भाग है, जो योनि से जुड़ा होता है।
- कारण: यह ह्यूमन पैपिलोमा विषाणु (HPV) के निरंतर संक्रमण के कारण होता है।
- जोखिम कारक: असुरक्षित लैंगिक संबंध, एकाधिक साथी के साथ लैंगिक संबंध स्थापित करना, धूम्रपान, हार्मोनल गर्भनिरोधक, यौन संचारित रोग।
- जाँच परीक्षण: पैपानिकोलाउ (पैप) परीक्षण तथा HPV जाँच।
- पैप परीक्षण सर्वाइकल/गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य परिवर्तनों की जाँच करता है, जबकि HPV जाँच उस विषाणु की पहचान करती है, जो इन परिवर्तनों का कारण बन सकता है।
- रोकथाम
- 9–14 वर्ष की आयु में टीकाकरण HPV संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर तथा अन्य HPVसे संबंधित कैंसरों की रोकथाम का अत्यंत प्रभावी तरीका है।
- भारत में सर्वाइकल कैंसर
- सर्वाइकल कैंसर भारतीय महिलाओं में दूसरा सर्वाधिक सामान्य कैंसर है।
- भारत में वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर मामलों का लगभग पाँचवाँ भाग है, जहाँ प्रतिवर्ष लगभग 1.25 लाख मामले और 75,000 मृत्यु होती हैं।
- हाल ही में The Lancet में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर से होने वाली प्रत्येक चार मृत्यु में से लगभग एक भारत में होती है।

सर्वावैक (Cervavac): भारत का स्वदेशी HPV टीका
- क्वाड्रिवेलेंट प्रकृति: सर्वावैक भारत का प्रथम स्वदेशी रूप से विकसित क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस (qHPV) टीका है, जिसे सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए अभिकल्पित किया गया है।
- यह VLP (विषाणु-सदृश कण) पर आधारित है।
- विकसित: इसे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) द्वारा भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से विकसित किया गया है।
- टीका कैसे कार्य करता है?
- HPV वी टीके एच. पी. वी. के चार सामान्य प्रकारों 16, 18, 6 और 11 के प्रवेश को रोकते हैं।
- टाइप 16 और 18: ये सर्वाधिक कैंसरकारी HPV टाइप हैं, जो वैश्विक स्तर पर लगभग 70% सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए उत्तरदायी हैं।
- यह टीका इन उच्च-जोखिम प्रकारों से संक्रमण की रोकथाम पर केंद्रित है।
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क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन/ टीका वह टीका है, जो चार भिन्न प्रतिजनों, जैसे- चार विभिन्न विषाणुओं या अन्य सूक्ष्मजीवों, के विरुद्ध प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करके कार्य करता है।
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सर्वाइकल कैंसर के नियंत्रण में चुनौतियाँ
- उच्च रोग भार: एशिया और अफ्रीका में सर्वाइकल कैंसर का प्रकोप उच्च बना हुआ है। कई देशों में घटना और मृत्यु दर विश्व स्वास्थ्य संगठन के उन्मूलन मानकों से अधिक है।
- भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक असमानताएँ: वैश्विक स्तर पर महत्त्वपूर्ण असमानताएँ मौजूद हैं; मानव विकास सूचकांक कम वाले देशों में अधिक दरें पाई जाती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वैश्विक रणनीति: सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन (2022)
- टीकाकरण लक्ष्य: वर्ष 2030 तक 15 वर्ष की आयु तक 90% लड़कियों को पूर्ण रूप से HPV टीका दिया जाएगा।
- जांच लक्ष्य: 35–45 वर्ष आयु वर्ग की 70% महिलाओं की उच्च-प्रदर्शन परीक्षण से जाँच की जाएगी।
- लक्ष्य: पूर्व-कैंसरग्रस्त घावों का प्रारंभिक पहचान और उपचार।
- उपचार लक्ष्य: गर्भाशय रोग (Cervical Disease) से चिह्नित की गई 90% महिलाओं को उचित उपचार प्रदान किया जाएगा।
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आगे की राह
- जाँच एवं प्रारंभिक पहचान का विस्तार: 35–45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के लिए उच्च-प्रदर्शन जाँच (पैप परीक्षण, HPV परीक्षण) तक पहुँच बढ़ाई जाए।
- समन्वित अभियान: निम्नलिखित के द्वारा समन्वित अभियानों की आवश्यकता है—
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- सरकार
- चिकित्सक और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता
- जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ता।