UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

ग्रामीण भारत में भूमि असमानता

9 Apr 2026

संदर्भ

वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में ग्रामीण भारत में भूमि असमानता के गहराते स्तर पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें बड़ी संख्या में परिवार भूमिहीन स्थिति में हैं।

वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब (World Inequality Lab)

  • वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब एक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र है, जो आँकड़ों पर आधारित विश्लेषण का उपयोग करके आय, संपत्ति और सामाजिक असमानताओं का अध्ययन करता है।
  • यह पेरिस में स्थित है और शोधकर्ताओं के एक वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है।
  • यह महत्त्वपूर्ण रिपोर्टें प्रकाशित करता है और असमानता को कम करने के लिए साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में सहयोग हेतु वर्ल्ड इनइक्वलिटी डेटाबेस का रखरखाव करता है।

रिपोर्ट के बारे में

  • भारत में भूमि असमानता: प्रकृति, इतिहास और बाजार’ (Land Inequality in India: Nature, History, and Markets) नामक रिपोर्ट वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब द्वारा तैयार की गई है।
  • डेटाबेस: इसमें सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (2011) के आँकड़ों का उपयोग किया गया है, जिसमें 27 लाख गाँवों के 6 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है।
  • विषयवस्तु: यह अध्ययन भारत में भूमि असमानता के स्वरूप, क्षेत्रीय भिन्नताओं और ऐतिहासिक कारणों की पड़ताल करता है।
  • गिनी गुणांक: यह रिपोर्ट भूमि असमानता को मापने के लिए गिनी गुणांक का उपयोग करती है, जिससे यह पता चलता है कि परिवारों के बीच भूमि का वितरण कितना असमान है।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

  • भूमि का अत्यधिक संकेंद्रण: ग्रामीण क्षेत्रों के शीर्ष 10% परिवारों के पास 44% भूमि है।
    • शीर्ष 5% परिवारों के पास 32% भूमि है।
    • शीर्ष 1% परिवारों के पास 18% भूमि है।
  • चरम भूमिहीनता: ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 46% परिवार भूमिहीन हैं, जिससे भूमिहीनता असमानता का एक प्रमुख कारण बन जाती है।
  • क्षेत्रीय असमानता: असमानता में व्यापक भिन्नता है, बिहार, केरल और पंजाब में भूमि का संकेंद्रण अधिक है।
    • कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्य अपेक्षाकृत अधिक समान हैं।
    • पंजाब में भूमिहीनता सबसे अधिक (73%) है, इसके बाद बिहार और मध्य प्रदेश का स्थान आता है, जो असमान कृषि संरचनाओं को दर्शाता है।
  • गिनी गुणांक संबंधी आँकड़े: केरल (~90) और बिहार (~80) जैसे राज्यों में चरम असमानता पाई जाती है, जो असमान भूमि वितरण की पुष्टि करती है।
  • ग्राम स्तर पर असमानता: कुछ गाँवों में, एक ही जमींदार 50% से अधिक भूमि पर नियंत्रण रखता है।
  • विखंडित स्वामित्व: भूस्वामियों में से अधिकांश के पास छोटे भूखंड (0-2 हेक्टेयर) हैं, फिर भी बड़े भू-स्वामी असमान रूप से एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करते हैं।

भूमि असमानता के कारण

  • ऐतिहासिक विरासत: जमींदारी जैसी औपनिवेशिक भूमि व्यवस्थाओं के कारण जमींदारों के पास भूमि का संकेंद्रण बना हुआ।
  • भूमिहीनता: हाशिए पर स्थित समूह, विशेषकर अनुसूचित जाति, भूमिहीनता की उच्च समस्या का सामना करते हैं, जिससे असमानता बढ़ती है।
  • कृषि उपयुक्तता: अधिक उपजाऊ भूमि वाले क्षेत्रों में स्वामित्व का केंद्रीकरण अधिक होता है।
  • बाजार तक पहुँच: बाजारों, सड़कों और शहरों से निकटता अक्सर असमानता को कम करने के बजाय बढ़ाती है।
  • रियासत बनाम ब्रिटिश क्षेत्र: ब्रिटिश-प्रशासित क्षेत्रों की तुलना में पूर्व रियासतों में अपेक्षाकृत कम असमानता पाई जाती है।
ग्रामीण भारत में भूमि असमानता

Explore UPSC Foundation Batches

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.