संदर्भ
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2026 के इंडिया AI इंपैक्ट शिखर सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भारत के व्यापक “मानव विजन” का अनावरण किया।

संबंधित तथ्य
- वर्ष 2026 के इंडिया AI इंपैक्ट शिखर सम्मेलन में, भारत ने 2.5 लाख से अधिक AI उत्तरदायित्व प्रतिज्ञाओं के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्राप्त कर अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया, जिससे नैतिक AI को एक जन-आंदोलन में परिवर्तित किया गया।
- अगला AI इंपैक्ट शिखर सम्मेलन वर्ष 2027 में जेनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा।
AI युग में भारत का जनसांख्यिकीय एवं प्रौद्योगिकीय लाभ
- वैश्विक जनसंख्या के छठे भाग का निवास स्थान।
- विश्व का सबसे बड़ा युवा समूह।
- तीव्र गति से विस्तारित होता प्रौद्योगिकी प्रतिभा आधार।
- उभरती प्रौद्योगिकियों का सृजक तथा तीव्र अंगीकारकर्ता, दोनों के रूप में कार्य करता है।
- वैश्विक AI मानदंडों के निर्माण में पैमाने-आधारित उत्तरदायित्व वहन करता है।
|
मानव (MANAV) विजन के बारे में
- यह नैतिक, उत्तरदायी और समावेशी AI शासन के लिए मानव-केंद्रित रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह निम्नलिखित पाँच स्तंभों पर आधारित है:
- स्तंभ 1: ‘M’ का अर्थ है- Moral and Ethical systems (नैतिक एवं आचार-आधारित प्रणाली):
- AI को निष्पक्षता, पारदर्शिता और मानवीय पर्यवेक्षण पर आधारित होना चाहिए।
- नीतिगत समर्थन: भारत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा से ही नैतिक AI को संस्थागत रूप दे रहा है, जो विभिन्न स्तरों पर डिजिटल और AI साक्षरता को एकीकृत करती है।
- स्तंभ 2: ‘A’ का अर्थ है-Accountable Governance (उत्तरदायी शासन)
- यह AI में विश्वास निर्माण हेतु पारदर्शिता, सुदृढ़ निगरानी और स्पष्ट संस्थागत उत्तरदायित्व पर बल देता है।
- नीतिगत समर्थन
- इंडियाAI मिशन, ₹10,300 करोड़ से अधिक के व्यय प्रावधान के साथ, कंप्यूट, डेटा, कौशल-विकास और नवाचार क्षमता को सुदृढ़ करता है।
- भारत के AI शासन संबंधी दिशा-निर्देश, जो विश्वास, समानता, उत्तरदायित्व और निष्पक्षता पर आधारित जन-केंद्रित रूपरेखा स्थापित करते हैं।
- स्तंभ 3: ‘N’ का अर्थ है National sovereignty – whose data, his right (राष्ट्रीय संप्रभुता – जिसका डेटा, उसका अधिकार) ‘
- AI-प्रेरित विश्व में संप्रभुता डेटा, एल्गोरिदम और डिजिटल अवसंरचना तक विस्तारित होती है। भारत का उद्देश्य महत्त्वपूर्ण डेटासेट को सुरक्षित करना, घरेलू कंप्यूट क्षमता का निर्माण करना तथा स्वदेशी AI मॉडलों को प्रोत्साहित करना है।
- नीतिगत समर्थन: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और विश्वसनीय डेटा शासन ढाँचे जैसी पहलें, रणनीतिक स्वायत्तता के साथ वैश्विक सहयोग सुनिश्चित करते हुए तकनीकी आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करती हैं।
- स्तंभ 4: ‘A’ का अर्थ है-Accessible and inclusive (सुलभ एवं समावेशी)
- यह पुष्टि करता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाज के लिए गुणक के रूप में कार्य करे, न कि कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों का एकाधिकार बने।
- नीतिगत समर्थन: मेघराज GI क्लाउड, इंडियाAI कंप्यूट पोर्टल, इंडियाAI कोश तथा राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन जैसे प्लेटफॉर्म कंप्यूट, डेटा और उच्च-प्रदर्शन अवसंरचना तक पहुँच का लोकतंत्रीकरण करते हैं, जिससे भारत में AI नवाचार व्यापक, सुलभ और समावेशी बना रहे।
- स्तंभ 5: ‘V’ का अर्थ है-Valid and legitimate (वैध एवं विधिसम्मत)
- यह AI के उपयोग में विश्वास, सुरक्षा और वैधता को केंद्र में रखता है।
- AI प्रणालियाँ सत्यापन योग्य, विधिसम्मत और पारदर्शी होनी चाहिए, विशेषकर ऐसे समय में जब डीपफेक और ‘सिंथेटिक मीडिया’ लोकतांत्रिक विमर्श और सामाजिक विश्वास के लिए जोखिम उत्पन्न कर रहे हैं।
- नीतिगत समर्थन: सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2026, कृत्रिम रूप से निर्मित सामग्री को विनियमित करते हैं, जबकि इंडियाAI मिशन AI के सुरक्षित प्रयोग, पक्षपात का न्यूनीकरण, गोपनीयता सुरक्षा उपायों और एल्गोरिदमिक ऑडिट को प्रोत्साहित करता है, जिससे उत्तरदायी और जिम्मेदार AI का प्रयोग सुनिश्चित होता है।
महत्त्व
- वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मार्गदर्शक रूपरेखा: MANAV विजन 21वीं सदी के AI युग में मानवता के कल्याण के लिए भारत को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करते हुए वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र का मार्गदर्शन करेगा।
- रूपरेखा से कार्यान्वयन तक: भारत का MANAV विजन वैचारिक रूपरेखा से आगे बढ़ते हुए, सतत् नीति प्रतिबद्धता के माध्यम से शिक्षा, डिजिटल अवसंरचना, शासन और नवाचार के क्षेत्र में अपने सिद्धांतों को समन्वित कार्रवाई में रूपांतरित करता है।