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Lokesh Pal
June 25, 2026 03:21
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भारत के ‘मेक इन इंडिया’, ‘विकसित भारत @2047′ और ‘नेट-जीरो 2070′ के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन में कमी) की आवश्यकता है, ताकि बढ़ते विनिर्माण, ऊर्जा की माँग और ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन के मध्य सतत् विकास प्राप्त किया जा सके।
भारत के ‘नेट-जीरो 2070’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइजेशन केंद्रीय भूमिका में है। हालाँकि PAT और CCTS जैसी योजनाएँ उत्सर्जन में कमी के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती हैं, लेकिन ‘गैर-विशिष्ट उद्योगों’ (Non-specific industries) की एक बड़ी श्रेणी एक प्रमुख नीतिगत अंतर को दर्शाती है। सटीक डेटा, क्षेत्र-वार पहचान और लक्षित हस्तक्षेप यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि औद्योगिक विकास भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप बन सके।
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