//php print_r(get_the_ID()); ?>
Lokesh Pal
May 06, 2026 03:19
4
0
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने वेदांता (Vedanta) की याचिका को खारिज करते हुए अडानी ग्रुप की होल्डिंग कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स के विरुद्ध चुनौती को अस्वीकार कर दिया, और ‘ऋणदाताओं की समिति’ (Committee of Creditors – CoC) के व्यावसायिक निर्णय को दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के ढाँचे के अंतर्गत बरकरार रखा।
यह मामला दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता के अंतर्गत ऋणदाताओं की समिति (CoC) की व्यावसायिक बुद्धिमत्ता की सर्वोच्चता, न्यायपालिका की सीमित भूमिका तथा भारत के दिवाला तंत्र में NARCL जैसे संस्थानों के बढ़ते महत्त्व को रेखांकित करता है।
<div class="new-fform">
</div>

Latest Comments