100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

संक्षेप में समाचार

Lokesh Pal June 09, 2026 03:33 14 0

नीलगिरी तहर

वर्ष 2026 में तमिलनाडु के समकालिक सर्वेक्षण में नीलगिरी तहर की संख्या 1,364 आँकी गई, जो प्रोजेक्ट नीलगिरी तहर के अंतर्गत निरंतर सुधार को दर्शाती है।

नीलगिरी तहर (Nilgiritragus hylocrius) के बारे में

  • नीलगिरी तहर एक संकटग्रस्त पर्वतीय खुरदार स्तनपायी है, जो भारत के पश्चिमी घाट में स्थानिक है।
    • यह दक्षिण भारत में पाया जाने वाला एकमात्र पर्वतीय खुरदार जीव है और उच्च ऊँचाई वाले पारितंत्रों का फ्लैगशिप प्रजाति है।
  • आवास एवं वितरण
    • यह प्रजाति लगभग 1,200 से 2,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित मोंटेन घासभूमि तथा शोला वनों में निवास करती है।
    • यह दक्षिणी पश्चिमी घाट में नीलगिरी पहाड़ियों से लेकर अगस्त्यमलाई परिदृश्य तक, तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में पाई जाती है।
  • राज्य पशु: नीलगिरी तहर तमिलनाडु का राज्य पशु है।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • इसका शरीर ठोस (Stocky) तथा सींग पीछे की ओर मुड़े हुए होते हैं, जो नर एवं मादा दोनों में पाए जाते हैं।
    • वयस्क नर में एक विशिष्ट काठी के आकार का धब्बा विकसित होता है, जिसके कारण इन्हें “सैडलबैक” कहा जाता है।
    • यह शोला–घासभूमि पारितंत्र के स्वास्थ्य की संकेतक प्रजाति है।
  • संरक्षण स्थिति
    • IUCN रेड लिस्ट: संकटग्रस्त
    • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-I
  • प्रमुख खतरे
    • बागान विस्तार तथा अवसंरचना विकास के कारण आवास हानि।
    • लैंटाना कैमारा (Lantana camara) तथा वॉटल जैसी आक्रामक प्रजातियों का प्रसार।
    • जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तथा पशुधन चारण से प्रतिस्पर्द्धा।
  • प्रमुख संरक्षण प्रयास
    • प्रोजेक्ट नीलगिरी तहर: तमिलनाडु द्वारा वर्ष 2022-23 में प्रारंभ, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक जनसंख्या आकलन, आवास पुनर्स्थापन तथा दीर्घकालिक संरक्षण योजना है।
    • समकालिक जनसंख्या सर्वेक्षण: तमिलनाडु और केरल द्वारा ‘VARUDAI’ मोबाइल एप्लिकेशन जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रियल-टाइम डेटा संग्रह एवं निगरानी की जाती है।
    • आवास संरक्षण एवं पुनर्स्थापन: इसमें उच्च ऊँचाई वाले घासभूमि का संरक्षण, आक्रामक प्रजातियों का नियंत्रण, आवास विखंडन में कमी तथा वनाग्नि की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
  • नीलगिरी तहर के लिए प्रमुख संरक्षित क्षेत्र (UPSC CSE 2010)
    • एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान (केरल)
    • मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान (तमिलनाडु)
    • अनामलाई टाइगर रिजर्व (तमिलनाडु)
    • कलक्कड़-मुंडनथुरई टाइगर रिजर्व (तमिलनाडु)।
  • वर्तमान स्थिति एवं संख्या संबंधी प्रवृत्तियाँ: तमिलनाडु में कुल संख्या बढ़कर 1,364 हो गई है, जो पिछले वर्ष की 1,303 की गणना की तुलना में 4.68% वृद्धि दर्शाती है तथा वर्ष 2024 की तुलना में 32% से अधिक समग्र वृद्धि को इंगित करती है।
    • अनामलाई पहाड़ियों में तमिलनाडु की कुल नीलगिरी तहर संख्या का 44.87% हिस्सा निवास करता है।

भारत में E85 फ्यूल की शुरुआत

वर्ष 2026 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सरकार ने स्वच्छ गतिशीलता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए E85 ईंधन लॉन्च किया है।

  • इसका प्रारंभिक कार्यान्वयन 48 सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन खुदरा इकाइयों पर किया गया है, जिसे वर्ष 2026 तक 500 आउटलेट्स तथा वर्ष 2027 तक 5,000 आउटलेट्स तक विस्तारित करने की योजना है।

E85 ईंधन क्या है?

  • E85 एक उच्च-एथेनॉल मिश्रित ऑटोमोबाइल ईंधन है, जिसमें 80–85% एथेनॉल तथा 14–19% पेट्रोल होता है।
  • वाहन अनुकूलता: यह केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (FFVs) में उपयोग किया जाता है, जो E20 से E100 तक के एथेनॉल मिश्रण पर चल सकते हैं।
  • भारत में एथेनॉल मिश्रण 1.53% (2014) से बढ़कर 20% (2025) हो गया है, जिससे ₹1.84 लाख करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत हुई है तथा 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात का प्रतिस्थापन हुआ है।

E85 ईंधन के प्रमुख लाभ

  • कम लागत: यह पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता (लगभग ₹20 प्रति लीटर कम) है, जिससे अपनाने को प्रोत्साहन मिलता है तथा उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलता है।
  • पर्यावरण के अनुकूल: यह सामान्य पेट्रोल की तुलना में जीवन-चक्र ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन को लगभग 61% तक कम करता है तथा लगभग शून्य कण पदार्थ उत्सर्जित करता है, जिससे शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार होता है।
  • उच्च प्रदर्शन: इसका रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON ~108) अधिक होता है, जिससे इंजन नॉकिंग के प्रति बेहतर प्रतिरोध मिलता है तथा इंजन के इग्निशन टाइमिंग का अनुकूलन संभव होता है।
    • रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON): RON ईंधन की इंजन नॉकिंग (असमय दहन) के प्रति प्रतिरोध क्षमता को मापता है; अधिक RON बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है तथा इंजन को उच्च संपीडन अनुपात पर कार्य करने की अनुमति देता है।
  • मैक्रो-आर्थिक विकास: आयातित कच्चे तेल के स्थान पर घरेलू एथेनॉल के उपयोग से विदेशी मुद्रा की बचत होती है तथा स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होती है।

हाइड्रोजन फ्यूल सेल बनाम फ्लेक्स फ्यूल (E85)

  • ईंधन स्रोत: हाइड्रोजन फ्यूल सेल में हाइड्रोजन गैस का उपयोग होता है, जबकि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण (E20–E100) का उपयोग करते हैं।
  • उत्सर्जन: हाइड्रोजन फ्यूल सेल से केवल जल वाष्प का उत्सर्जन होता है, जबकि E85 वाहन कम लेकिन शून्य नहीं CO उत्सर्जन करते हैं।
  • अवसंरचना: हाइड्रोजन के लिए नई रिफ्यूलिंग एवं भंडारण अवसंरचना की आवश्यकता होती है, जबकि E85 को मौजूदा ईंधन वितरण नेटवर्क के माध्यम से ही उपयोग किया जा सकता है।
  • लागत: हाइड्रोजन वाहन महँगे एवं कम व्यावसायिक रूप से परिपक्व हैं, जबकि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन सस्ते एवं आसानी से लागू किए जा सकने वाले हैं।
  • भारतीय परिप्रेक्ष्य: हाइड्रोजन को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि E85 एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को समर्थन देता है, जिससे कच्चे तेल के आयात में कमी तथा किसानों की आय में वृद्धि होती है।

फिलीपींस भूकंप 2026

हाल ही में दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ तट के निकट 7.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे सुनामी चेतावनी जारी की गई तथा क्षेत्र में जन-हानि और क्षति हुई।

फिलीपींस में उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता के कारण 

  • ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थिति: फिलीपींस ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ के साथ स्थित है, जो तीव्र टेक्टॉनिक एवं ज्वालामुखीय गतिविधियों का क्षेत्र है।
  • सक्रिय टेक्टॉनिक प्लेट अंतःक्रियाएँ: फिलीपीन सागर प्लेट, यूरेशियन प्लेट तथा अन्य प्लेटों के बीच निरंतर गति और अंतःक्रिया से भूकंप एवं ज्वालामुखीय गतिविधियाँ उत्पन्न होती हैं।
  • ‘सबडक्शन’ क्षेत्र: फिलीपीन ट्रेंच (Philippine Trench) तथा मनीला गर्त जैसे क्षेत्रों में निरंतर सबडक्शन प्रक्रिया के कारण प्रबल भूकंप एवं सुनामी उत्पन्न होते हैं।

अंडमान में प्राकृतिक गैस की खोज

हाल ही में ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान अपतटीय ब्लॉक में विजयपुरम् क्षेत्र में दूसरी प्राकृतिक गैस खोज की सूचना दी है।

  • अपतटीय तेल ब्लॉक (Offshore Oil Block) जल निकाय (जैसे महासागर, समुद्र या खाड़ी) में स्थित एक निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र होता है, जहाँ पेट्रोलियम संसाधनों की खोज एवं निष्कर्षण किया जाता है।

विजयपुरम्-3 अन्वेषण कुएँ (Vijayapuram-3 Exploratory Well) के बारे में

  • विजयपुरम्-3 अन्वेषण कुआँ अंडमान के उथले अपतटीय ब्लॉक (AN-OSHP-2018/1) में स्थित है, जिसे ओपन एकरेज लाइसेंसिंग नीति (OALP) के अंतर्गत आवंटित किया गया है तथा इसका संचालन ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) द्वारा किया जा रहा है।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • रणनीतिक अपतटीय स्थान: यह कुआँ अंडमान द्वीपों के पूर्वी तट से लगभग 15 किमी. दूर तथा लगभग 355 मीटर जल-गहराई पर स्थित है।
    • प्राकृतिक गैस की खोज: ईओसीन (Eocene) कालीन भंडार में उत्पादन परीक्षण के दौरान लगातार फ्लेरिंग तथा दाब वृद्धि के माध्यम से प्राकृतिक गैस की उपस्थिति की पुष्टि हुई है।
    • अन्वेषण की संभावनाएँ: यह वर्ष 2025 में विजयपुरम्-2 के बाद उसी ब्लॉक में दूसरी सफल हाइड्रोकार्बन खोज है, जो अंडमान बेसिन में पेट्रोलियम संभावनाओं को दर्शाती है।

प्राकृतिक गैस के बारे में

  • प्राकृतिक गैस एक प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली जीवाश्म ईंधन है, जो भूमिगत भंडारों में पाई जाती है तथा प्रायः कच्चे तेल के भंडारों एवं अवसादी बेसिनों से संबद्ध होती है।
  • संरचना: प्राकृतिक गैस मुख्यतः मेथेन (CH) से बनी होती है।
    • इसके अतिरिक्त इसमें एथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन तथा सूक्ष्म गैसें भी अल्प मात्रा में पाई जाती हैं।
  • उपयोग
    • ऊर्जा उत्पादन: प्राकृतिक गैस का उपयोग विद्युत उत्पादन में व्यापक रूप से किया जाता है, क्योंकि यह कोयले की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करती है।
    • औद्योगिक कच्चा माल: यह उर्वरक, पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक तथा हाइड्रोजन के उत्पादन में एक महत्त्वपूर्ण कच्चे माल के रूप में प्रयुक्त होती है।
    • घरेलू एवं परिवहन उपयोग: इसे घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के रूप में तथा परिवहन के लिए संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) के रूप में उपयोग किया जाता है।

महत्त्व 

प्राकृतिक गैस एक ट्रांजीशन फ्यूल (transition fuel) के रूप में कार्य करती है, जो ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास को समर्थन देती है तथा भारत को कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करने में सहायक है।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.