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नीति आयोग का भारत को वैश्विक जैव-अर्थव्यवस्था महाशक्ति बनाने हेतु रोडमैप

Lokesh Pal July 18, 2026 05:09 7 0

संदर्भ 

हाल ही में नीति आयोग ने वर्ष 2035 तक भारत को अग्रणी जैव-अर्थव्यवस्था महाशक्ति के रूप में विकसित करने का रोडमैप’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत को वैश्विक जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए ₹50,000 करोड़ के जैव-अर्थव्यवस्था विकास कोष तथा मिशन मोड में सुधारों का प्रस्ताव किया गया है।

रोडमैप की प्रमुख विशेषताएँ:

  • विजन: वर्ष 2035 तक भारत को विश्व की शीर्ष तीन जैव-प्रौद्योगिकी (Biotechnology) महाशक्तियों में सम्मिलित करना।
  • लक्ष्य: वर्ष 2025 में भारत की जैव-अर्थव्यवस्था का आकार US$195.3 बिलियन से बढ़ाकर वर्ष 2035 तक US$691 बिलियन तथा वर्ष 2047 तक US$2.6 ट्रिलियन करना।
    • 3 करोड़ से अधिक उच्च-मूल्य रोजगार सृजित करना।
  • वित्तीय एवं औद्योगिक सहायता: रिपोर्ट में वर्ष 2026–2035 की अवधि के लिए ₹50,000 करोड़ के जैव-अर्थव्यवस्था विकास कोष की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है, ताकि प्रयोगशाला अनुसंधान एवं वाणिज्यिक स्तर के विनिर्माण के बीच विद्यमान वित्तीय अंतर को दूर किया जा सके।
    • रिपोर्ट में जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की वैली ऑफ डेथ” की पहचान की गई है, जो प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (किसी तकनीक की व्यवहार्यता सिद्ध करने वाला प्रारंभिक चरण) अनुसंधान एवं वाणिज्यिक स्तर के विनिर्माण के बीच की महत्त्वपूर्ण खाई को दर्शाती है।
    • प्रस्तावित कोष के माध्यम से ब्लेंडेड फाइनेंस, इक्विटी-रिस्क इंस्ट्रूमेंट्स, वायबिलिटी गैप फंडिंग तथा अवसंरचना सहायता प्रदान की जाएगी।
    • रिपोर्ट में घरेलू जैव-विनिर्माण को गति देने तथा आयात निर्भरता कम करने के लिए एक समर्पित उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना प्रारंभ करने की भी अनुशंसा की गई है।
  • छह राष्ट्रीय बायोमिशन प्रस्तावित किए गए हैं:

मिशन प्रमुख लक्षित क्षेत्र
जीनइंडिया (GeneIndia) वहनीय जीन एवं सेल थैरेपी
एग्रीबायो 2.0 (AgriBio 2.0) जलवायु-अनुकूल जीन-एडिटिड फसलें तथा जैविक कृषि निवेश 
बायोएक्स फाउंड्री (BioX Foundry) सिंथेटिक बायोलॉजी (Synthetic Biology) का वाणिज्यीकरण
वन हेल्थ ग्रिड (One Health Grid) संक्रामक रोगों एवं AMR की एकीकृत निगरानी
समुद्री जैव-प्रौद्योगिकी  समुद्री शैवाल की खेती एवं समुद्री जैव-उत्पाद 
बायोफार्मानेक्स्ट (BioPharmaNext) बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स तथा AI-सक्षम औषधि खोज 

  • प्रस्तावित नई संस्थागत संरचना:
    • राष्ट्रीय बायोमिशन के लिए सशक्त समिति
    • राष्ट्रीय बायोडाटा परिषद (जैविक एवं स्वास्थ्य डेटा गवर्नेंस के लिए)।
    • जैव-अर्थव्यवस्था निवेश एवं नीति मंच
    • BioIP एवं नवाचार मूल्यांकन एजेंसी।
  • अन्य अनुशंसाएँ:
    • सेल/जीन थैरेपी, सिंथेटिक बायोलॉजी तथा AI-आधारित औषधियों के लिए नियामकीय अनुमोदन की त्वरित व्यवस्था।
    • केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) का आधुनिकीकरण।
    • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत साझा विनिर्माण एवं HPC सुविधाओं से युक्त पाँच एकीकृत जैव-नवाचार क्लस्टरों की स्थापना।
    • जैव-प्रौद्योगिकी को डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) एवं ऊर्जा प्रणालियों के समान राष्ट्रीय अवसंरचना का दर्जा दिया जाए।

PW OnlyIAS विशेष

जैव-अर्थव्यवस्था के बारे में

  • जैव-अर्थव्यवस्था से आशय ऐसी अर्थव्यवस्था से है, जो नवीकरणीय जैविक संसाधनों, जैसे पौधों, पशुओं, सूक्ष्मजीवों एवं बायोमास, का उपयोग जैव-प्रौद्योगिकी तथा सतत् जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से खाद्य, पशु आहार, जैव-आधारित उत्पाद, जैव-ऊर्जा, रसायनों एवं औषधियों के उत्पादन हेतु करती है।
    • जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के अनुसार, जैव-अर्थव्यवस्था वह आर्थिक मूल्य है, जो जैविक संसाधनों, जैविक ज्ञान तथा जैव-प्रौद्योगिकी-आधारित उत्पादों एवं सेवाओं के सतत एवं नवोन्मेषी उपयोग से उत्पन्न होता है।
  • दायरा: यह जैव-प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक विनिर्माण, ऊर्जा एवं पर्यावरणीय सततता को एकीकृत करते हुए जीवाश्म-आधारित संसाधनों पर निर्भरता कम कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है।

जैव-अर्थव्यवस्था की स्थिति

  • वैश्विक बाजार आकार: वैश्विक जैव-अर्थव्यवस्था का आकार US$4 ट्रिलियन से अधिक आँका गया है तथा यह सतत् एवं नवाचार-आधारित आर्थिक विकास का प्रमुख प्रेरक बनकर उभर रही है।
  • भारत की जैव-अर्थव्यवस्था की स्थिति:
    • तीव्र विस्तार: भारत की जैव-अर्थव्यवस्था वर्ष 2014 में US$10 बिलियन से बढ़कर वर्ष 2025 में US$195.3 बिलियन हो गई है, जिससे यह विश्व के सबसे तीव्र गति से विकसित हो रहे जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में से एक बन गई है।
    • भविष्य की वृद्धि: नीति आयोग के रोडमैप के अनुसार, भारत की जैव-अर्थव्यवस्था वर्ष 2035 तक US$691 बिलियन तथा वर्ष 2047 तक US$2.6 ट्रिलियन होने का अनुमान है।
    • नीतिगत समर्थन: सरकार ने BioE3 नीति प्रारंभ की है, जिसका उद्देश्य उच्च-प्रदर्शन जैव-विनिर्माण, नवाचार तथा सतत् आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है।

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