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Lokesh Pal
July 01, 2026 02:30
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हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेन-देन में ग्राहकों की देयता संबंधी वर्ष 2017 के अपने दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए डिजिटल धोखाधड़ी क्षतिपूर्ति फ्रेमवर्क (Digital Scam Compensation Framework) का एक पायलट ढाँचा प्रस्तुत किया है।

यह फ्रेमवर्क वर्ष 2027 में 1 जनवरी से एक वर्ष के लिए प्रभावी होगा। इसके अंतर्गत सोशल इंजीनियरिंग आधारित डिजिटल धोखाधड़ी, जैसे-डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, OTP चोरी तथा दबाव या धोखाधड़ीपूर्वक कराए गए डिजिटल भुगतान के पीड़ितों को संरक्षण प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत के तीव्र गति से विकसित हो रहे डिजिटल भुगतान पारितंत्र में उपभोक्ताओं का विश्वास सुदृढ़ करना है।

सुदृढ़ निवारक सुरक्षा उपायों को निष्पक्ष क्षतिपूर्ति व्यवस्था के साथ जोड़कर RBI की यह पायलट रूपरेखा सुरक्षित, विश्वसनीय एवं समावेशी डिजिटल भुगतान पारितंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह भारत की तीव्र गति से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था में जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करती है।
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