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Lokesh Pal
July 02, 2026 02:24
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वर्ष 2022 में भारत में बाघों की संख्या बढ़कर 3,682 हो जाने के बाद, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने बाघ संरक्षण हेतु नया रोडमैप जारी किया है। इसमें संरक्षण का केंद्रबिंदु केवल बाघों की संख्या बढ़ाने के बजाय आवासों के पुनर्स्थापन, शिकार आधार के सुदृढ़ीकरण तथा परिदृश्य के मध्य निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित कर दीर्घकालिक संरक्षण पर केंद्रित किया गया है।
भारत में बाघ संरक्षण के अगले चरण का लक्ष्य केवल बाघों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन की पुनर्स्थापना, परिदृश्य संपर्कता को सुदृढ़ करना, आवास की गुणवत्ता में सुधार तथा समुदाय-समर्थित संरक्षण सुनिश्चित करना होना चाहिए। वैज्ञानिक एवं परिदृश्य-आधारित संरक्षण दृष्टिकोण ही राष्ट्रीय पशु तथा उससे जुड़े पारितंत्रों के दीर्घकालिक संरक्षण की आधारशिला सिद्ध होगा।
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