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Lokesh Pal
May 08, 2026 05:30
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संपूर्ण भारत में प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा (Prosopis juliflora), लैंटाना कैमारा (Lantana camara) और सेन्ना स्पेक्टैबिलिस (Senna spectabilis) जैसी आक्रामक विदेशी प्रजातियों (IAS) के विरुद्ध अभियान तेज हो रहे हैं, हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल इन प्रजातियों को हटाने से पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापित नहीं होगा, जब तक उन गहरे पारिस्थितिक अवरोधों को दूर नहीं किया जाता जिन्होंने इनके प्रसार को संभव बनाया।
दीर्घकालिक समाधान केवल आक्रामक प्रजातियों को हटाने में नहीं, बल्कि ऐसे सुदृढ़ पारिस्थितिक तंत्रों के निर्माण में है जो भविष्य में होने वाले आक्रमणों का प्रतिरोध कर सकें।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: आक्रामक विदेशी प्रजातियों (IAS) का उन्मूलन मात्र भारत में पारिस्थितिक क्षरण को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। जलवायु परिवर्तन और असतत मानव गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव के संदर्भ में इस कथन पर चर्चा कीजिए। एक व्यापक पारिस्थितिकी-आधारित पुनर्स्थापन दृष्टिकोण सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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