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Lokesh Pal
May 30, 2026 05:00
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भारत ने हाल के वर्षों में आधिकारिक रूप से अपनी गरीबी रेखा को अद्यतन नहीं किया है। इसलिए शोधकर्ताओं ने रंगराजन समिति की कार्यप्रणाली तथा नवीनतम उपभोग व्यय आँकड़ों का उपयोग करके गरीबी का अनुमान लगाने का प्रयास किया है।
| समिति | वर्ष |
| अलघ समिति (Alagh Committee) | 1979 |
| लकड़ावाला समिति (Lakdawala Committee) | 1993 |
| तेंदुलकर समिति (Tendulkar Committee) | 2009 |
| रंगराजन समिति (Rangarajan Committee) | 2014 |
समिति ने गरीबी रेखाओं को औसत उपभोग व्यय के साथ सम्मलित किया
| क्षेत्र |
गरीबी रेखा (प्रति माह) |
| ग्रामीण |
₹2,802 |
| शहरी |
₹3,778 |
इसके विपरीत, वर्ष 2011–12 में रंगराजन समिति द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा सीमा निम्नलिखित थी:
| क्षेत्र | गरीबी रेखा (2011–12) |
| ग्रामीण | ₹972 |
| शहरी | ₹1,407 |
यह वृद्धि मुद्रास्फीति तथा बदलते जीवन-स्तर को प्रतिबिंबित करती है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: सामाजिक सुरक्षा तंत्र के व्यापक विस्तार के बावजूद भारत में गरीबी अभी भी स्थायी, संरचनात्मक तथा क्षेत्रीय बनी हुई है। इसके कारणों का विश्लेषण कीजिए तथा प्रवासन से परे लक्षित हस्तक्षेपों का सुझाव दीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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