//php print_r(get_the_ID()); ?>
Lokesh Pal
July 14, 2026 05:30
6
0
हालिया आँकड़ों से इस बात की पुष्टि होती है भारत में विश्व स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या सबसे अधिक बनी हुई है। रोकी जा सकने वाली इन मौतों का लगातार बने रहना इस बात की पुष्टि करता है कि सुदृढ़ संस्थागत समन्वय, संवैधानिक सुधार तथा जवाबदेह सड़क सुरक्षा शासन की त्वरित आवश्यकता को उजागर करता है।
निष्कर्षतः सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें रोकी जा सकती हैं; इसलिए इन्हें त्रासदी के रूप में नहीं, बल्कि सुशासन एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए। जीवन की रक्षा करने तथा संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार को प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के लिए समन्वित संस्थागत ढाँचा, सुदृढ़ जवाबदेही तथा सड़क सुरक्षा उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन की अत्यंत आवश्यकता है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्नप्रश्न: भारत में सड़क दुर्घटनाएँ केवल व्यक्तिगत लापरवाही का ही परिणाम नहीं हैं, बल्कि रोकी जा सकने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सुशासन की विफलता का भी प्रतीक हैं। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों की विवेचना कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
<div class="new-fform">
</div>

Latest Comments