संदर्भ
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को 31 मार्च, 2026 के बाद भी जारी रखने की मंजूरी दे दी है।
संबंधित तथ्य
- इस योजना के अंतर्गत पूरे देश में 117 आव्रजन चौकियाँ (JPs), 15 विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRROs) और 854 विदेशी पंजीकरण अधिकारी (FROs)/पुलिस अधीक्षक (SPs)/पुलिस उपायुक्त (DSPs) शामिल हैं।
- IVFRT प्रणाली ने ‘ऑनलाइन अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग’ और भुगतान सुविधाओं के साथ 100% संपर्क रहित और व्यक्तिगत संपर्क रहित वीजा प्रक्रिया को सक्षम बनाया है, जिससे वीजा की प्रोसेसिंग में तेजी आई है। पिछले पाँच वर्षों में 91.24% ई-वीजा आवेदनों को 72 घंटों के भीतर मंजूरी प्रदान की गई है।
आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग योजना (Immigration, Visa, Foreigners Registration & Tracking Scheme) के बारे में
- उद्देश्य
- भारत में आव्रजन, वीजा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को आपस में जोड़ना और उन्हें बेहतर बनाना।
- सुरक्षित और एकीकृत सेवा वितरण ढाँचे के भीतर आव्रजन और वीजा सेवाओं का आधुनिकीकरण और उन्नयन करना।
- राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करते हुए वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करना।
- कार्यकाल: 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक
- बजट: 1800 करोड़ रुपये
- मुख्य क्षेत्र
- उभरती तकनीकी नवाचार
- मुख्य अवसंरचना का रूपांतरण
- प्रौद्योगिकी और सेवा अनुकूलन
IVFRT के आधुनिकीकरण की आवश्यकता
- वैश्विक यात्रा संबंधी माँग में वृद्धि: वैश्विक यात्रा की बदलती मांगों और सीमा पार आवागमन में वृद्धि को पूरा करने के लिए IVFRT परियोजना का आधुनिकीकरण आवश्यक है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान: अवैध प्रवासन और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से संबंधित खतरों सहित उभरती राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटना महत्त्वपूर्ण है।
- विधायी अधिनियम के लागू होने के बाद की आवश्यकता: आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 और इसके नियमों एवं आदेशों के लागू होने के बाद, आव्रजन ढाँचे को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
- आव्रजन प्रणाली को मजबूत करना: बेहतर संचालन के लिए आव्रजन, वीजा और विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग (IVFRT) प्रणाली को उन्नत और सुव्यवस्थित करने हेतु आधुनिकीकरण आवश्यक है।
- भविष्य के लिए तैयार प्रणाली: इसका उद्देश्य आव्रजन नियंत्रण और विदेशी प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को प्रभावी ढंग से पूरा करना है, जिससे एक मजबूत और उत्तरदायी प्रणाली सुनिश्चित हो सके।
लाभ
- उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना: यह योजना मोबाइल-आधारित सेवाओं और सुरक्षित यात्री आवागमन के लिए ‘सेल्फ-सर्विस कियोस्क’ सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर आव्रजन और वीजा प्रणाली का आधुनिकीकरण करेगी।
- मुख्य अवसंरचना का उन्नयन: यह आव्रजन चौकियों, FRROs और डेटा केंद्रों में मुख्य अवसंरचना का उन्नयन और विस्तार करके देशव्यापी स्तर पर एक सुदृढ़ और विस्तार योग्य प्रणाली का निर्माण करेगी।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म और सेवा वितरण का अनुकूलन: यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करके, मुख्य एप्लिकेशन आर्किटेक्चर को नया रूप देकर और बेहतर दक्षता एवं उपयोगकर्ता अनुभव के लिए नेटवर्क तथा परिनियोजन ढाँचे को मजबूत करके प्रौद्योगिकी और सेवा वितरण का अनुकूलन करेगी, जिससे वैध यात्रियों को सुविधा प्राप्त होगी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।
- पर्यटन और विदेशी पर्यटकों के आगमन को प्रोत्साहन: यह सेवा निरंतरता बनाए रखने और भारत में अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नवीन तकनीकी समाधानों को शामिल करने में मदद करेगी, जिससे पर्यटन, चिकित्सा और व्यापार क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।
- अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव: IVFRT के अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव हैं जो अंतरराष्ट्रीय यातायात, व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देंगे।
- आर्थिक विकास और रोजगार सृजन: इससे आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और रोजगार सृजन के अवसरों में योगदान मिलेगा।