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भव्य योजना

19 Mar 2026

संदर्भ

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य-BHAVYA) को स्वीकृति दी है।

संबंधित तथ्य

  • यह योजना विश्व-स्तरीय औद्योगिक अवसंरचना के विकास का लक्ष्य रखती है, जिससे विनिर्माण क्षमता को उन्मुक्त किया जा सके और भारत की विकास यात्रा को गति दी जा सके।
  • राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम ढाँचे के अंतर्गत विकसित औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता पर आधारित, भव्य को राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ साझेदारी में लागू किया जाएगा।

मुख्य विशेषताएँ

  • उद्देश्य: देश भर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित करना।
    • प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक अवसंरचना से आशय ऐसे तैयार-उपयोग औद्योगिक परिसरों से है, जिनमें पूर्व-विकसित भूमि, उपयोगिताएँ और स्वीकृतियाँ उपलब्ध होती हैं।
    • यह उद्योगों को त्वरित संचालन प्रारंभ करने में सक्षम बनाता है, जिससे विलंब कम होता है और व्यापार करने में सुगमता बढ़ती है।
  • वित्तपोषण: ₹33,660 करोड़।
  • क्रियान्वयन: इसे राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के सहयोग से लागू किया जाएगा, जो राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के अंतर्गत औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता पर आधारित है।
  • औद्योगिक पार्कों की स्थापना: इस योजना के अंतर्गत 100 से 1,000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्कों का विकास किया जाएगा, जिसमें प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • आर्थिक सहायता: प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी:
    • कोर अवसंरचना (आंतरिक सड़कें, भूमिगत उपयोगिताएँ, जल निकासी, सामान्य उपचार सुविधाएँ, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक प्रणालियाँ)।
    • मूल्य-वर्द्धित अवसंरचना (निर्मित फैक्टरी शेड, आवश्यकता अनुरूप इकाइयाँ, परीक्षण प्रयोगशालाएँ, भंडारण)।
    • सामाजिक अवसंरचना (श्रमिक आवास और सहायक सुविधाएँ)।
  • परियोजना चयन की विधि: परियोजना चयन ‘चैलेन्ज मोड’ के माध्यम से किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल उच्च गुणवत्ता, सुधार-उन्मुख और निवेश-तैयार प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जाए।
    • बाह्य अवसंरचना के लिए भी परियोजना लागत के 25% तक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे मौजूदा नेटवर्क के साथ निर्बाध संपर्क और एकीकरण सुनिश्चित हो सके।
  • लाभार्थी
    • प्राथमिक लाभार्थी: विनिर्माण इकाइयाँ, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, स्टार्ट-अप, और वैश्विक निवेशक जो उपयोग आधारित औद्योगिक अवसंरचना की तलाश में हैं।
    • द्वितीयक लाभार्थी: श्रमिक, लॉजिस्टिक्स प्रदाता, सेवा क्षेत्र के उद्यम, और स्थानीय समुदाय।
  • कवरेज: यह योजना सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक विस्तारित होगी।

महत्त्व

  •  क्लस्टर-आधारित विकास: क्लस्टर-आधारित विकास को प्रोत्साहित करके और उद्योगों, आपूर्तिकर्ताओं तथा सेवा प्रदाताओं के सह-स्थान को सक्षम बनाकर।
    • यह घरेलू आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ करेगा और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देगा।
  • रोजगार सृजन: इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को प्रेरित करने की अपेक्षा है, जिससे विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवाओं में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के पर्याप्त रोजगार उत्पन्न होंगे, साथ ही महत्त्वपूर्ण निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा।

राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (NICDC) के बारे में

  • NICDC वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के अधीन कार्य करता है।
  • यह विश्व स्तरीय ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट शहरों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाता है।
  • इसका उद्देश्य विनिर्माण प्रतिस्पर्द्धात्मकता को बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार सृजित करना है।
  • NICDC वर्तमान में 13 राज्यों में 20 परियोजनाएँ कार्यान्वित कर रहा है।
  • ये पहलें प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क मॉडल पर आधारित हैं।
  • ये पार्क पूर्व-विकसित भूमि, सुविधाओं, स्वीकृतियों और बुनियादी ढाँचे के साथ उपयोग आधारित  पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करते हैं।
  • इससे उद्योगों को भूमि अधिग्रहण या बुनियादी ढाँचे की स्थापना से संबंधित देरी के बिना शीघ्रता से परिचालन शुरू करने में सहायता मिलती है।

औद्योगिक पार्क के बारे में

  • औद्योगिक पार्क ऐसे निर्दिष्ट क्षेत्र हैं, जिन्हें उद्योगों को भूमि और बुनियादी ढाँचे तक आसान पहुँच प्रदान करके औद्योगीकरण, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया जाता है।
  • अवधारणा: औद्योगिक पार्क क्लस्टर-आधारित विकास के विचार पर आधारित हैं, जहाँ कई उद्योग एक ही नियोजित क्षेत्र में संचालित होते हैं।
    • ये सड़क, बिजली आपूर्ति, पानी, अपशिष्ट प्रबंधन और रसद कनेक्टिविटी सहित सुगम बुनियादी ढाँचा प्रदान करते हैं।
    • इससे उद्योगों के लिए प्रारंभिक स्थापना समय और लागत कम हो जाती है।
  • उद्देश्य: विनिर्माण दक्षता और व्यापार करने में सुगमता बढ़ाना।
    • घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करना, निर्यात-उन्मुख विकास को बढ़ावा देना और साझा सुविधाओं के माध्यम से लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) का समर्थन करना।

औद्योगिक पार्कों के प्रकार

  • औद्योगिक पार्कों में विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), औद्योगिक गलियारे, खाद्य पार्क और वस्त्र पार्क शामिल हो सकते हैं, जिनमें से प्रत्येक विशिष्ट क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
  • क्षेत्र-विशिष्ट पार्क विशेषज्ञता और पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं को प्राप्त करने में सहायक होते हैं।

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