संदर्भ
हाल ही में नीति आयोग ने राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के निवेश पारितंत्र का आकलन एवं तुलनात्मक मूल्यांकन करने हेतु एक व्यापक रूपरेखा के रूप में निवेश अनुकूलता सूचकांक (Investment Friendliness Index–IFI), 2026 जारी किया है।

निवेश अनुकूलता सूचकांक (IFI) के बारे में
- परिचय: निवेश अनुकूलता सूचकांक, नीति आयोग द्वारा विकसित एक संरचित एवं डेटा-आधारित ढाँचा है, जिसका उद्देश्य यह आकलन, तुलनात्मक मूल्यांकन एवं मूल्यनिर्धारण करना है कि भारत के राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश निजी निवेश को आकर्षित करने एवं उसके लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में कितने प्रभावी हैं।
- उद्गम: इस सूचकांक की परिकल्पना जुलाई, 2024 में नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद की गई तथा इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2025–26 में की गई।
- विकसितकर्ता: नीति आयोग
- दायरा: यह सूचकांक सभी 28 राज्यों एवं 8 केंद्रशासित प्रदेशों को सम्मिलित करता है।
- कार्यप्रणाली: यह ढाँचा 84 संकेतकों पर आधारित है, जिसमें द्वितीयक आँकड़ों एवं निवेशक धारणा सर्वेक्षणों का समन्वय कर संतुलित मूल्यांकन किया जाता है।
- मूल्यांकन के स्तंभ: प्रदर्शन का मूल्यांकन निम्नलिखित आठ स्तंभों के आधार पर किया जाता है:
- अवसंरचना
- व्यावसायिक वातावरण
- संसाधन
- सरकारी नीति
- विनियामकीय सुगमता
- संस्थागत वातावरण
- वित्तीय स्वास्थ्य
- पर्यावरणीय लचीलापन

- प्रदर्शन श्रेणियाँ: राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
- शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (50 से अधिक)
- अग्रणी राज्य (45–50)
- उभरते प्रदर्शनकर्ता (40–45)
- आकांक्षी राज्य (40 से कम)
- निवेशक-केंद्रित दृष्टिकोण: रिपोर्ट में राज्य की प्रोफाइल सम्मिलित हैं, जिनमें वस्तुनिष्ठ संकेतकों एवं निवेशक प्रतिक्रिया का समन्वय कर सशक्त पक्षों, चुनौतियों एवं सुधार प्राथमिकताओं की पहचान की गई है।
- सुधार का साधन: IFI को निवेश प्रतिस्पर्द्धात्मकता में सुधार, घरेलू एवं विदेशी निवेश को आकर्षित करने तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को समर्थन देने वाले एक रणनीतिक सुधार उपकरण के रूप में परिकल्पित किया गया है।
प्रमुख निष्कर्ष
- समग्र शीर्ष प्रदर्शनकर्ता: गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गोवा एवं ओडिशा शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरे।
- समकक्ष समूह मूल्यांकन: बड़े राज्यों, पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों/नगर राज्यों के लिए पृथक रैंकिंग तैयार की गई है, ताकि संदर्भानुकूल तुलना की जा सके।
- पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी राज्य: उत्तराखंड प्रथम स्थान पर रहा, इसके बाद असम एवं हिमाचल प्रदेश का स्थान रहा।
- राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश: गोवा प्रथम स्थान पर रहा, इसके बाद दिल्ली एवं चंडीगढ़ का स्थान रहा।
- बड़े राज्य: गुजरात प्रथम स्थान पर रहा, इसके बाद महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु का स्थान रहा।
- अवसंरचना का प्रभुत्व: सूचकांक में अवसंरचना को सर्वाधिक 25% भारांक दिया गया है, जो निवेश आकर्षण निर्धारित करने में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
- क्षेत्रीय निवेश संकेंद्रण: महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली एवं तमिलनाडु संयुक्त रूप से भारत के कुल FDI अंतःप्रवाह का लगभग 85% हिस्सा प्राप्त करते हैं, जो निवेश के उच्च संकेंद्रण को दर्शाता है।