संदर्भ
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के 98वें स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने ‘विकसित कृषि, समृद्ध किसान’ रोडमैप का अनावरण किया।
रोडमैप की प्रमुख विशेषताएँ
- यह रोडमैप भारतीय कृषि को जलवायु-सहिष्णु, प्रौद्योगिकी-संचालित, सतत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में परिवर्तित करने का प्रयास करता है, जिससे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में योगदान मिल सके।

- जलवायु स्मार्ट ग्राम: ICAR अपने शताब्दी वर्ष से पूर्व 100 जलवायु स्मार्ट ग्राम विकसित करेगा, ताकि जलवायु-सहिष्णु कृषि, एकीकृत कृषि प्रणाली, जल संरक्षण तथा जलवायु जोखिम प्रबंधन का प्रदर्शन किया जा सके।
- ‘वन इंस्टीट्यूट–वन ग्रैंड इनोवेशन’ पहल: प्रत्येक ICAR संस्थान आगामी दो वर्षों के भीतर कम-से-कम एक परिवर्तनकारी नवाचार विकसित करेगा, जैसे- फसल किस्म, वैक्सीन, डिजिटल प्रौद्योगिकी अथवा जलवायु-सहिष्णु समाधान।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के बारे में:
- परिचय: भारत में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार का सर्वोच्च स्वायत्त निकाय।
- स्थापना: 16 जुलाई, वर्ष 1929 को इम्पीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के रूप में स्थापित; स्वतंत्रता के बाद इसका नाम बदलकर ICAR कर दिया गया।
- प्रशासनिक मंत्रालय: ICAR, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- कार्य: ICAR कृषि, उद्यानिकी, पशु विज्ञान, मत्स्य विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि अभियांत्रिकी में अनुसंधान का संचालन एवं समन्वय करता है, उन्नत फसल किस्मों एवं प्रौद्योगिकियों का विकास करता है तथा कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से कृषि विस्तार को सुदृढ़ करता है।
|
- प्रौद्योगिकी प्रसार: ICAR का लक्ष्य अपने वैज्ञानिक नवाचारों एवं कृषि प्रौद्योगिकियों को अपने 100वें स्थापना दिवस तक 10 करोड़ किसानों तक पहुँचाना है।
- मिशन ICAR-100: इस पहल के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) को नवाचार केंद्रों, जलवायु परामर्श केंद्रों, स्टार्टअप इनक्यूबेशन केंद्रों तथा किसान प्रौद्योगिकी प्रदर्शन केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा, साथ ही प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs) के माध्यम से कम-से-कम 100 गाँवों तक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी।
- ICAR मुक्त डिजिटल ज्ञान मंच: एक डिजिटल मंच के माध्यम से किसानों को मोबाइल फोन पर वैज्ञानिक परामर्श, फसल प्रबंधन पद्धतियों, मृदा परीक्षण संबंधी जानकारी, मौसम पूर्वानुमान तथा बाजार संबंधी सूचनाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी।
- गुणवत्ता विनियमन: सरकार नकली बीजों एवं कीटनाशकों के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों को सुदृढ़ करेगी तथा किसानों को कृषि आदानों की गुणवत्ता की जाँच में सहायता हेतु सरल प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देगी।
- प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण: ICAR का लक्ष्य फसल किस्मों, वैक्सीनों एवं अन्य कृषि प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण एवं लाइसेंसिंग के माध्यम से वर्ष 2029 तक ₹10,000 करोड़ के आंतरिक संसाधन उत्पन्न करना है।
- अनुसंधान एवं नवाचार: इस अवसर पर ICAR ने 43 नई फसल किस्में, 17 प्रौद्योगिकियाँ एवं उत्पाद, तथा 14 प्रकाशन जारी किए, जिनमें रोग-प्रतिरोधी एवं पोषक तत्वों से समृद्ध फसलें, पशुधन एवं मत्स्य संबंधी वैक्सीनें, तथा डिजिटल कृषि शामिल हैं।