संदर्भ
बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (बिट्स), पिलानी के शोधकर्ताओं ने आईबीएम क्वांटम के सहयोग से 120 क्यूबिट पर उप-परमाणविक कणों का अनुकरण करने वाला एक क्वांटम एल्गोरिदम विकसित किया है, जिसके लिए भारत को क्वांटम एडवांटेज ट्रैकर द्वारा पहली बार ‘एक्टिव क्वांटम एडवांटेज’ की मान्यता प्राप्त हुई।
उपलब्धि के बारे में
- उपलब्धि: शोध दल ने प्रबल नाभिकीय बल द्वारा नियंत्रित उप-परमाणविक कणों के वास्तविक-समय के व्यवहार का अनुकरण करने में सक्षम एक क्वांटम एल्गोरिदम विकसित किया, जिसने ‘क्वांटम एडवांटेज’ का एक सत्यापित उदाहरण प्रस्तुत किया।
- प्रदर्शन: यह गणना 120 क्यूबिट का उपयोग करते हुए आईबीएम के क्वांटम कंप्यूटर पर मात्र 20 सेकंड में पूरी की गई, जबकि यही कार्य करने में एक अग्रणी पारंपरिक सुपरकंप्यूटर को लगभग दो घंटे का समय लगा।
- वैश्विक मान्यता: इस उपलब्धि को क्वांटम एडवांटेज ट्रैकर द्वारा सक्रिय श्रेणी में मान्यता प्रदान की गई, जिससे यह किसी भारतीय प्रयोगशाला द्वारा ‘एक्टिव क्वांटम एडवांटेज’ का पहला सत्यापित प्रदर्शन बन गया है।
क्वांटम कंप्यूटिंग के बारे में
- क्वांटम कंप्यूटिंग एक उन्नत कंप्यूटिंग प्रतिमान है, जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके उन संगणनात्मक समस्याओं का समाधान करता है, जिन्हें सबसे शक्तिशाली पारंपरिक सुपरकंप्यूटर भी व्यावहारिक रूप से हल नहीं कर सकते हैं।
- कार्य सिद्धांत: जहाँ पारंपरिक कंप्यूटर सूचना प्रसंस्करण हेतु बिट (0 या 1) का उपयोग करते हैं, वहीं क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट का उपयोग करते हैं। क्यूबिट सुपरपोजीशन (एक साथ 0 और 1 की संयुक्त अवस्था), एंटैंगलमेंट (क्यूबिटों का परस्पर समन्वित रूप से जुड़ना) तथा क्वांटम इंटरफेरेंस (सही परिणामों की संभावना बढ़ाना और गलत परिणामों की संभावना घटाना) के कारण एक साथ अनेक अवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए समानांतर गणनाएँ कर सकते हैं।

- उपयुक्त अनुप्रयोग: क्वांटम कंप्यूटर विशेष रूप से जटिल क्वांटम प्रणालियों, ऑप्टिमाइजेशन, क्रिप्टोग्राफी, मॉलिक्यूलर मॉडलिंग, मैटेरियल्स साइंस तथा हाई-एनर्जी फिजिक्स से संबंधित समस्याओं के समाधान में अत्यंत प्रभावी हैं।
- सीमा: क्वांटम कंप्यूटर प्रत्येक प्रकार के कार्य में पारंपरिक कंप्यूटरों से अधिक तीव्र नहीं होते तथा अंकगणितीय संक्रियाओं, वर्ड प्रोसेसिंग एवं सामान्य डेटा प्रबंधन जैसे नियमित कार्यों में अभी भी अपेक्षाकृत कम दक्ष हैं।
‘क्वांटम एडवांटेज’ क्या है?
- क्वांटम एडवांटेज वह अवस्था है, जब कोई क्वांटम कंप्यूटर किसी विशिष्ट एवं व्यावहारिक रूप से उपयोगी संगणनात्मक कार्य को उपलब्ध सर्वोत्तम पारंपरिक सुपरकंप्यूटर की तुलना में अधिक तीव्रता, अधिक दक्षता अथवा अधिक सटीकता के साथ संपन्न करता है।
- महत्त्व: यह प्रदर्शित करता है कि क्वांटम कंप्यूटर केवल सैद्धांतिक अथवा कृत्रिम बेंचमार्क कार्यों तक सीमित न रहकर वास्तविक वैज्ञानिक समस्याओं के समाधान में भी मापनीय संगणनात्मक लाभ प्रदान कर सकते हैं।
- वर्तमान उपलब्धि का महत्त्व: बिट्स, पिलानी द्वारा विकसित यह क्वांटम एल्गोरिदम विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त उपयोगी क्वांटम एडवांटेज के कुछ चुनिंदा उदाहरणों में सम्मिलित है, क्योंकि यह किसी विशेष रूप से निर्मित बेंचमार्क के बजाय पार्टिकल फिजिक्स की वास्तविक समस्या का समाधान करता है।
क्वांटम एल्गोरिदम की प्रमुख विशेषताएँ
- प्रबल नाभिकीय अंतःक्रियाओं का मॉडल तैयार करना: यह एल्गोरिदम क्वार्क एवं ग्लूऑन के मध्य होने वाली अंतःक्रियाओं का अनुकरण करता है, जो प्रबल नाभिकीय बल द्वारा नियंत्रित होती हैं तथा परमाणु नाभिक को एकीकृत बनाए रखती हैं।
- मापनीयता में सुधार: एक नवीन एन्कोडिंग रणनीति संगणनात्मक पुनरावृत्ति को कम करती है, जिससे पूर्व के लगभग 27 क्यूबिट वाले प्रदर्शनों की तुलना में इसे 120 क्यूबिट तक विस्तारित करना संभव हुआ।
- ‘क्वांटम नॉइज कैंसलेशन’: शोधकर्ताओं ने युग्मित क्वांटम मापन की तुलना करके नॉइज-कैंसलेशन की एक प्रभावी तकनीक विकसित की, जिससे महँगे हार्डवेयर संशोधनों के बिना ही संगणनात्मक विश्वसनीयता में सुधार हुआ है।
- भविष्य के लिए उपयुक्त डिजाइन: यह एल्गोरिदम भविष्य के उच्च-क्यूबिट क्वांटम प्रोसेसरों का सहजता से उपयोग कर सकता है, जिससे यह अगली पीढ़ी के क्वांटम हार्डवेयर के अनुरूप भी उपयुक्त बना रहता है।
‘क्वांटम एडवांटेज ट्रैकर’ के बारे में
- क्वांटम एडवांटेज ट्रैकर एक स्वतंत्र वैश्विक प्लेटफॉर्म है, जो क्वांटम एडवांटेज से संबंधित दावों का कठोर वैज्ञानिक सत्यापन करता है।
- विकसितकर्ता: इसे वर्ष 2025 में आईबीएम, फ्लैटआयरन इंस्टिट्यूट, ब्लूक्यूबिट, एल्गोरिदमिक तथा अन्य शैक्षणिक सहयोगियों द्वारा प्रारंभ किया गया।
- सत्यापन प्रक्रिया: प्रस्तुत परिणामों को स्वीकार किए जाने से पूर्व उनका स्वतंत्र रूप से पारंपरिक कंप्यूटरों तथा क्वांटम कंप्यूटरों पर पुनरुत्पादन करके सत्यापित किया जाता है।
- कठोर मानक: अब तक प्राप्त 220 से अधिक प्रस्तुतियों में से केवल कुछ ही को एक्टिव क्वांटम एडवांटेज के प्रदर्शन के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है।
इसका महत्त्व
- भारत की क्वांटम अनुसंधान क्षमता का प्रदर्शन: यह किसी भारतीय अनुसंधान संस्थान द्वारा एक्टिव क्वांटम एडवांटेज का पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सत्यापित प्रदर्शन है, जो उन्नत क्वांटम अनुसंधान में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करता है।
- ‘हाई-एनर्जी फिजिक्स’ को बढ़ावा: यह क्वांटम एल्गोरिदम क्वार्क-ग्लूऑन गतिकी के कुशल अनुकरण को संभव बनाता है, जिससे क्वांटम क्रोमोडायनेमिक्स तथा पार्टिकल फिजिक्स में अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलता है।
- उदाहरण: सर्न के शोधकर्ताओं ने भविष्य में पार्टिकल सिमुलेशन के लिए इस दृष्टिकोण के मूल्यांकन में रुचि व्यक्त की है।
- भविष्य के वैज्ञानिक अनुप्रयोगों को सक्षम बनाना: क्वांटम हार्डवेयर के अधिक परिपक्व होने के साथ, इसी प्रकार के दृष्टिकोण ड्रग डिस्कवरी, मैटेरियल्स इंजीनियरिंग, केमिकल सिमुलेशन, ऑप्टिमाइजेशन तथा क्लाइमेट मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को गति प्रदान कर सकते हैं।