UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

वैश्विक क्षमता केंद्र (GCCs)

14 Jul 2026

संदर्भ

2,100 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCCs) की मौजूदगी ने भारत को वैश्विक सेवा केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

संबंधित तथ्य

  • भारत की स्थिति: भारत में विश्व के लगभग आधे वैश्विक क्षमता केंद्र स्थित हैं, जो फोर्ब्स ग्लोबल 2000 की 500 से अधिक कंपनियों को सेवाएँ प्रदान करते हैं। इससे भारत विश्व का अग्रणी वैश्विक क्षमता केंद्र गंतव्य बन गया है।

2 16

वैश्विक क्षमता केंद्र (GCCs) के बारे में

  • वैश्विक क्षमता केंद्र (GCCs) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा स्थापित विदेश स्थित सेवा एवं संचालन इकाइयाँ हैं, जो उनके वैश्विक परिचालन हेतु विशिष्ट व्यावसायिक सेवाएँ, नवाचार तथा रणनीतिक सहयोग प्रदान करती हैं।
  • प्रारंभ में वैश्विक क्षमता केंद्र केवल सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त तथा ग्राहक सहायता जैसी नियमित बैक ऑफिस सेवाओं का निष्पादन करते थे, किंतु वर्तमान में ये निम्नलिखित उच्च-मूल्य वाले कार्यों का भी संचालन कर रहे हैं;
    • अभियांत्रिकी अनुसंधान एवं विकास
    • कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं आँकड़ा विश्लेषण
    • उत्पाद डिजाइन एवं नवाचार
    • नैदानिक अनुसंधान एवं औषधि खोज
    • साइबर सुरक्षा एवं क्लाउड कंप्यूटिंग
  • विकास एवं रणनीतिक परिवर्तन
    1. लागत केंद्र (1990–2000 का दशक): इस चरण में इनका प्रमुख उद्देश्य केवल निम्न-लागत व्यावसायिक प्रक्रिया आउटसोर्सिंग तक सीमित था।
    2. क्षमता केंद्र (2010 का दशक): इस चरण में इन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी पोर्टफोलियो, अनुप्रयोग विकास तथा उत्पाद अनुरक्षण जैसे उत्तरदायित्व सँभालने प्रारंभ किए।
    3. नवाचार केंद्र (वर्तमान): वैश्विक डिजिटल रूपांतरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन अधिगम अनुसंधान तथा मुख्य व्यावसायिक रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं। अब ये डिजिटल रूपांतरण, AI-ML अनुसंधान और व्यावसायिक रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं।

भारत की वैश्विक क्षमता केंद्र संबंधी सफलता 

  • आर्थिक एवं रोजगार प्रभाव: भारत में 2,100 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्र कार्यरत हैं, जो लगभग 23 लाख पेशेवरों को रोजगार प्रदान करते हैं तथा प्रतिवर्ष लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व सृजित करते हैं।
  • नवाचार-आधारित विकास: वैश्विक क्षमता केंद्र बैक ऑफिस परिचालनों से आगे बढ़कर अभियांत्रिकी, अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद विकास तथा डिजिटल रूपांतरण के वैश्विक केंद्रों के रूप में विकसित हो गए हैं।
  • सेवा निर्यात को बढ़ावा: ज्ञान-आधारित सेवाओं के कारण वर्ष 2025–26 में भारत का सेवा निर्यात 421.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जो 446.1 अरब अमेरिकी डॉलर के वस्तु निर्यात के लगभग समकक्ष है।
  • बाह्य क्षेत्र को सुदृढ़ बनाना: 216.6 अरब अमेरिकी डॉलर के सेवा व्यापार अधिशेष ने 337.3 अरब अमेरिकी डॉलर के वस्तु व्यापार घाटे की उल्लेखनीय सीमा तक क्षतिपूर्ति करते हुए बाह्य क्षेत्र की स्थिरता को सुदृढ़ किया।
  • प्रतिस्पर्द्धात्मकता में वृद्धि: कुशल मानव संसाधन, लागत दक्षता, सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना तथा व्यवसाय-अनुकूल पारितंत्र ने भारत को वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय गंतव्य बना दिया है।

भारत वैश्विक स्थल क्यों बनकर उभरा है?

  • विशाल कुशल कार्यबल: भारत में बड़ी संख्या में अभियंता, प्रबंधन पेशेवर तथा डिजिटल विशेषज्ञ तैयार होते हैं, जो वैश्विक व्यावसायिक परिचालनों को प्रभावी रूप से संचालित करने में सक्षम हैं।
  • लागत प्रतिस्पर्द्धात्मकता: प्रतिस्पर्द्धी श्रम लागत के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ अपेक्षाकृत कम परिचालन व्यय पर उच्च-गुणवत्ता वाली सेवाएँ एवं परिचालन स्थापित कर सकती हैं।
  • सुदृढ़ डिजिटल पारितंत्र: डिजिटल अवसंरचना के तीव्र विस्तार, इंटरनेट की बढ़ती पहुँच तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग ने भारत के सेवा पारितंत्र को सशक्त बनाया है।
  • अनुकूल नीतिगत वातावरण: डिजिटल इंडिया, व्यवसाय सुगमता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 तथा राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन जैसे सुधारों ने ज्ञान-आधारित उद्योगों के विकास को प्रोत्साहित किया है।
  • अंग्रेजी भाषा की बढ़त: अंग्रेजी भाषा पर सुदृढ़ पकड़ के कारण भारत का वैश्विक व्यापार एवं प्रौद्योगिकी नेटवर्क के साथ सहज समन्वय स्थापित हो पाता है।
वैश्विक क्षमता केंद्र (GCCs)

Explore UPSC Foundation Batches

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.